📍नई दिल्ली | 14 Aug, 2026, 6:26 PM
80th Independence Day: देश 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इससे एक दिन पहले 14 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आकाशवाणी के जरिए देश के सैनिकों को संबोधित किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र का निर्माण है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 12 सालों में रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए हैं। “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” जैसी पहलों की वजह से भारत अब केवल अपनी सुरक्षा जरूरतें पूरी करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि ग्लोबल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब और डिफेंस एक्सपोर्टर के तौर भी उभर रहा है।
80th Independence Day: 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा रक्षा उत्पादन
राजनाथ सिंह ने बताया कि साल 2014 में देश का कुल रक्षा उत्पादन करीब 46 हजार करोड़ रुपये था। वित्त साल 2025-26 में यह बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि यह रक्षा क्षेत्र में हुए बड़े संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है। रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सरकारी संस्थानों का योगदान कुल उत्पादन में लगभग 76 प्रतिशत रहा, जबकि निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई।
सरकार का मानना है कि निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से रक्षा उद्योग में प्रतिस्पर्धा और नवाचार दोनों को बढ़ावा मिला है।
रक्षा निर्यात में 5500 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी
रक्षा मंत्री ने रक्षा निर्यात के आंकड़ों को आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि साल 2013-14 में भारत का रक्षा निर्यात केवल 686 करोड़ रुपये था। वित्त साल 2025-26 में यह बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
यह बढ़ोतरी 5500 प्रतिशत से अधिक है। वर्तमान समय में देश में 145 रक्षा निर्यातक कंपनियां काम कर रही हैं और भारतीय रक्षा उत्पाद 80 से अधिक देशों तक पहुंच रहे हैं।
इन उत्पादों में मिसाइल सिस्टम, रडार, आर्मर्ड व्हीकल, युद्धपोतों के उपकरण, गोला-बारूद, निगरानी प्रणाली और विभिन्न प्रकार के ड्रोन शामिल हैं। (80th Independence Day)
रक्षा बजट में भी बड़ा इजाफा
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल उत्पादन और निर्यात पर ही नहीं, बल्कि रक्षा बजट में भी लगातार वृद्धि की है। वित्त वर्ष 2013-14 में रक्षा बजट 2.53 लाख करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026-27 में बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया।
पूंजीगत व्यय यानी नए हथियारों और सैन्य प्लेटफॉर्म की खरीद के लिए आवंटन 94,588 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.19 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसी तरह रक्षा अनुसंधान एवं विकास यानी आरएंडडी बजट भी बढ़ा है। साल 2014-15 में यह 15,283 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 29,100 करोड़ रुपये हो गया है।
8.75 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मिली मंजूरी
रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने 8.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को “एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी” प्रदान की है।
यह मंजूरी किसी भी रक्षा परियोजना के लिए शुरुआती और महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है। इसके बाद हथियारों और सैन्य प्लेटफॉर्म की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि फील्ड कमांडरों की वित्तीय शक्तियों को दोगुना किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर वे तेजी से निर्णय ले सकें। इसके अलावा 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद को राजस्व मार्ग से मंजूरी देकर स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिया गया है। (80th Independence Day)
स्वदेशी युद्धपोत और विमान बढ़ा रहे ताकत
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना के युद्धपोत, स्वदेशी विमान, मिसाइलें और अन्य सैन्य प्रणालियां अब सशस्त्र बलों की ताकत बढ़ा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता का अभियान केवल नीति नहीं बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला बदलाव है। डीआरडीओ और तीनों सेनाएं मिलकर भविष्य के युद्धों के लिए नई तकनीकों पर काम कर रही हैं। (80th Independence Day)
नई मिसाइलों और हथियार प्रणालियों का किया जिक्र
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने हाल के सालों में हुए कई महत्वपूर्ण परीक्षणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश ने पहली बार टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑगमेंटेशन सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। यह प्रणाली सामान्य हथियारों को प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन में बदल सकती है।
इसके अलावा एमआईआरवी तकनीक से लैस एडवांस्ड अग्नि मिसाइल का परीक्षण भारत की सामरिक क्षमता को नई मजबूती देता है।
उन्होंने लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल, रुद्रम-2 एयर-टू-सर्फेस मिसाइल, नेवल एंटी-शिप मिसाइल-एसआर और पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट के सफल परीक्षणों का भी उल्लेख किया।
इन सभी प्रणालियों का उद्देश्य दुश्मन के महत्वपूर्ण ठिकानों पर लंबी दूरी से सटीक हमला करने की क्षमता बढ़ाना है। (80th Independence Day)
हाइपरसोनिक तकनीक में बड़ी उपलब्धि
रक्षा मंत्री ने कहा कि एक्टिव कूल्ड फुल स्केल स्क्रैमजेट कंबस्टर का 1,200 सेकंड से अधिक समय तक सफल परीक्षण भारत के लिए बड़ी तकनीकी उपलब्धि है।
स्क्रैमजेट इंजन हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाइपरसोनिक हथियार ध्वनि की गति से कई गुना अधिक तेज गति से उड़ान भर सकते हैं।
इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो हाइपरसोनिक तकनीक विकसित करने की क्षमता रखते हैं।
‘कुशा’ मिसाइल से मजबूत हुआ एयर डिफेंस
रक्षा मंत्री ने स्वदेशी विकसित “कुशा” लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इसके सफल परीक्षण से देश की वायु रक्षा क्षमता और मजबूत हुई है। यह प्रणाली लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों की पहचान और उन्हें नष्ट करने के लिए विकसित की जा रही है। (80th Independence Day)
सीमा क्षेत्रों में बढ़ रहा इंफ्रास्ट्रक्चर
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में सीमा क्षेत्रों का विकास भी शामिल है। सीमावर्ती इलाकों में सड़क, पुल, सुरंग और संचार सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि सैनिकों की आवाजाही आसान हो और दूरदराज के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में सशस्त्र बलों की भूमिका की भी सराहना की।
पूर्व सैनिकों और परिवारों के लिए योजनाएं
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार वर्तमान और सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ-साथ उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच सालों में एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम का बजट 300 प्रतिशत बढ़ाया गया है।
आर्म्ड फोर्सेज फ्लैग डे फंड के तहत आर्थिक सहायता राशि 4,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये कर दी गई है। शिक्षा अनुदान 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये और विवाह अनुदान 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया गया है। (80th Independence Day)
महिला शक्ति की बढ़ती भागीदारी
रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी एनडीए से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली पहली महिला कैडेट्स के अधिकारी बनने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
उन्होंने “समुद्र प्रदक्षिणा” अभियान का भी उल्लेख किया, जिसमें भारतीय सेना की नौकायन पोत त्रिवेणी पर सवार तीनों सेनाओं की महिला टीम ने दुनिया का समुद्री चक्कर लगाने का अभियान पूरा किया।
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का भी जिक्र
राजनाथ सिंह ने कहा कि साल 2026 का स्वतंत्रता दिवस इसलिए भी खास है क्योंकि इसी साल राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं सालगांठ मनाई जा रही है।
उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरोजिनी नायडू और रानी गैदिनल्यू सहित स्वतंत्रता संग्राम के अनेक नायकों को याद करते हुए कहा कि आज देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा की जिम्मेदारी सशस्त्र बलों के कंधों पर है। (80th Independence Day)
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रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"




