अब दुश्मन हैक नहीं कर पाएगा भारत के सीक्रेट मैसेज! DRDO ने पूरे किए क्वांटम कम्युनिकेशन के मिलिट्री ट्रायल्स
आज दुनिया में ज्यादातर सिक्योर मैथेमेटिकल कम्युनिकेशन एन्क्रिप्शन पर बेस्ड हैं। बैंकिंग, मिलिट्री नेटवर्क, सरकारी डेटा और इंटरनेट सेवाओं में इसी प्रकार की सुरक्षा का इस्तेमाल होता है...
DRDO का नया एस-बैंड रडार क्यों है खास? बैलिस्टिक से क्रूज मिसाइल तक एक साथ कई टारगेट पर रखेगा नजर
यह रडार कम से कम 250 किलोमीटर दूरी पर मौजूद लगभग 2 वर्ग मीटर रडार क्रॉस सेक्शन वाले टारगेट्स को स्किन मोड में ट्रैक करने में सक्षम होगा। इसकी न्यूनतम डिटेक्शन रेंज लगभग 3 किलोमीटर रखी गई है...
Explainer: पिनाका LRGR की 60 KM मिनिमम रेंज क्यों है गेमचेंजर? जानिए कैसे बढ़ी भारतीय सेना की स्ट्राइक पावर
युद्ध के दौरान दुश्मन हमेशा एक निश्चित दूरी पर नहीं होता। कई बार दुश्मन की अग्रिम चौकियां 60 से 70 किलोमीटर दूर होती हैं, जबकि कई बार टारगेट 100 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर हो सकता है...
क्या डीआरडीओ का APS बनेगा भारतीय टैंकों का नया सीक्रेट कवच? दुश्मन के ड्रोन, ATGM और टॉप-अटैक मिसाइलें होंगी बेअसर!
एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम यानी एपीएस ऐसा स्मार्ट सुरक्षा सिस्टम है, जो टैंक पर हमला करने वाली मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन को टैंक तक पहुंचने से पहले ही पहचान लेता है और उसे रास्ते में ही निष्क्रिय या नष्ट करने की कोशिश करता है...
डीआरडीओ का ‘नेत्र’ अब फुल कॉम्बैट रेडी, रडार से लेकर बैटल मैनेजमेंट तक संभालेगा मोर्चा
‘नेत्र’ के तीन विमान भारतीय वायुसेना की नंबर 200 स्क्वाड्रन से जुड़े हैं। यह यूनिट पंजाब के भिसियाना एयर बेस से ऑपरेट होती है। इन विमानों का इस्तेमाल एयरबोर्न सर्विलांस और बैटल मैनेजमेंट भूमिका में किया जाता है...
डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख डॉ. वी.के. सारस्वत बने डी-प्रोपल्स के चेयरमैन, ड्रोन और मिसाइल इंजन तकनीक पर करेंगे मार्गदर्शन
डॉ. वी.के. सारस्वत देश के जाने-माने रक्षा वैज्ञानिक हैं। वह पहले डीआरडीओ के प्रमुख और सचिव रह चुके हैं। वह नीति आयोग के सदस्य भी रहे हैं। उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण सम्मान मिल चुका है...
DRDO का मल्टी-लेयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैयार! AD-1, AD-2 और NASM-MR ने दिखाया दम, दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हुआ भारत
10 और 11 जून 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में किए गए इन परीक्षणों ने यह दिखाया कि भारत अब केवल मिसाइल बनाने वाला देश नहीं रहा, बल्कि दुश्मन की मिसाइलों को रोकने और समुद्र में मौजूद दुश्मन के जहाजों पर सटीक हमला करने की क्षमता भी हासिल कर चुका है...
‘रेजिलिएंस’ और ‘डिटरेंस’ से सुरक्षित होगा भारत! राजनाथ सिंह ने बताया क्या है Mission Sudarshan Chakra
राजनाथ सिंह ने कहा कि शांति बनाए रखने के लिए शक्ति जरूरी होती है और आत्मनिर्भरता उस शक्ति की सबसे मजबूत नींव है...

