Tag: Indian Air Force

DFPDS 2026 Explained: आखिर फील्ड कमांडर्स को क्यों मिले दोगुने वित्तीय अधिकार? जानें इससे भारतीय सेना को क्या होगा फायदा?

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कई मामलों में वित्तीय अधिकारों को 100 फीसदी तक बढ़ाया गया है, जबकि कुछ श्रेणियों में यह बढ़ोतरी दोगुने से भी अधिक है...

कौन है दुनिया के सबसे खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम S-400 का बॉडीगार्ड? जानें भारत को क्यों है जरूरत

पेंटसिर रूस का ही बनाया हुआ एक शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है। इसे केबीपी इंस्ट्रूमेंट डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिसाइल और गन दोनों लगे होते हैं। यानी यह दो तरह से हमला कर सकता है...

भारत को मिला चौथा S-400 ‘सुदर्शन’ सिस्टम, पाकिस्तान सीमा पर तैनाती की तैयारी; जानें कैसे करता है काम

भारत और रूस के बीच साल 2018 में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद का समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत भारत को कुल पांच स्क्वाड्रन मिलने हैं। इनमें से तीन स्क्वाड्रन पहले ही भारत को मिल चुके हैं और अब चौथा सिस्टम भी पहुंच गया है...

Explained: SU-30 MKI से दागी गई रुद्रम-II मिसाइल, सिर्फ एक वार और दुश्मन का रडार बेकार, जानिए कितनी है खतरनाक

रुद्रम-II एक स्वदेशी एयर-टू-सर्फेस मिसाइल है। इस मिसाइल को खास तौर पर दुश्मन के रडार, एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड सेंटर, कम्युनिकेशन स्टेशन, बंकर और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए डेवलप किया गया है...

भारतीय सेना के पास क्यों हो अपनी ऑर्गेनिक एयर पावर? कारगिल और सियाचिन से मिले अनुभव हैं बड़ी वजह

1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना ने दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहीं आर्मी एविएशन कोर के चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों ने भी बेहद अहम जिम्मेदारी निभाई...

मिशन राफेल 2.0 शुरू! फ्रांस पहुंचे वायुसेना प्रमुख, 114 जेट्स के सौदे को मिलेगी रफ्तार

भारत ने 114 राफेल विमानों की खरीद के लिए फ्रांस को आधिकारिक तौर पर लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (एलओआर) भेज दिया है। यह दस्तावेज पिछले सप्ताह रक्षा मंत्रालय के एक्विजिशन विंग द्वारा फ्रांसीसी सरकार को सौंपा गया...

राजनाथ सिंह ने जारी की ऑपरेशन सिंदूर पर खास किताब, मिसाइल क्रू से फाइटर पायलट तक सबने साझा किए अपने अनुभव

इस पुस्तक में उन सैनिकों के अनुभव शामिल किए गए हैं जो सीधे मोर्चे पर मौजूद थे। इसमें लाइन ऑफ कंट्रोल पर दुश्मन के बंकरों को निशाना बनाने वाले जवानों से लेकर दुश्मन के ड्रोन को ट्रैक और नष्ट करने वाले एयर डिफेंस ऑपरेटरों तक की बातें दर्ज की गई हैं...

पिलाटस की जगह लेने वाला ट्रेनर एयरक्राफ्ट HTT-40 अब उड़ान को तैयार, हनीवेल ने HAL को भेजे तीन नए इंजन

अमेरिकी कंपनी हनीवेल ने एचएएल को तीन टीपीई331-12बी टर्बोप्रॉप इंजन डिलीवर किए हैं। यह इंजन खास तौर पर एचटीटी-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के लिए बनाए गए हैं...

भारत के AMCA स्टेल्थ फाइटर प्रोजेक्ट के लिए रक्षा मंत्रालय ने जारी की RFP, दो इंजन, स्टेल्थ डिजाइन और AI सिस्टम से होगा लैस

एएमसीए को स्टेल्थ तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है ताकि दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ न सकें। इसमें इंटरनल वेपन बे, एडवांस्ड एवियोनिक्स, सेंसर फ्यूजन और सुपरक्रूज जैसी आधुनिक क्षमताएं होंगी...

चीन-पाकिस्तान की GPS जामिंग से निपटेगा Sukhoi-30! वायुसेना इस फाइटर जेट में लगाने जा रही खास एंटी-जैम एंटीना

अभी सुखोई-30 में जीपीएस और ग्लोनास बेस्ड नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल होता है। लेकिन आधुनिक युद्ध में दुश्मन देश जीपीएस जैमिंग, स्पूफिंग और इलेक्ट्रॉनिक अटैक जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं...

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान अलर्ट, सरगोधा एयरबेस की सुरक्षा के लिए किराना हिल्स पर लगाया हाईटेक अमेरिकी रडार

किराना हिल्स पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित एक पहाड़ी इलाका है, जो लंबे समय से सैन्य गतिविधियों और रडार स्टेशन के लिए जाना जाता रहा है। बताया जाता है कि यहां 1968 से अलग-अलग तरह के एयर डिफेंस रडार तैनात होते रहे हैं...

सूर्यकिरण टीम के 30 साल में 800 एयर शो…दुनिया की सबसे खतरनाक एरोबेटिक टीमों में क्यों गिनी जाती है लाल-सफेद रंग के जेट वाली...

टीम ने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 15 सितंबर 1996 में कोयंबटूर में किया था। उस एयर शो के बाद सूर्यकिरण टीम तेजी से लोकप्रिय हो गई। लोगों ने पहली बार इतने करीब उड़ते विमानों को एक साथ करतब करते देखा था...