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ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह का बड़ा संदेश, ‘जहां आतंकवाद पनपेगा, वहीं मिलेगा जवाब’
राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले रक्षा जरूरतों के लिए विदेशी हथियारों और उपकरणों पर अधिक भरोसा किया जाता था। लेकिन पिछले कुछ साल में इस सोच में बदलाव लाया गया है...
ब्रह्मोस मिसाइल के लिए बनेगा हाई-टेक सबसिस्टम, PTC इंडस्ट्रीज को मिला मिशन-क्रिटिकल ऑर्डर
ब्रह्मोस मिसाइल में इस्तेमाल होने वाले एयरफ्रेम और स्ट्रक्चरल हिस्सों के लिए हल्की लेकिन बेहद मजबूत धातुओं की जरूरत होती है। इन्हें अत्यधिक तापमान और तेज कंपन के बीच भी बिना क्षति के काम करना पड़ता है...
अब दुश्मन हैक नहीं कर पाएगा भारत के सीक्रेट मैसेज! DRDO ने पूरे किए क्वांटम कम्युनिकेशन के मिलिट्री ट्रायल्स
आज दुनिया में ज्यादातर सिक्योर मैथेमेटिकल कम्युनिकेशन एन्क्रिप्शन पर बेस्ड हैं। बैंकिंग, मिलिट्री नेटवर्क, सरकारी डेटा और इंटरनेट सेवाओं में इसी प्रकार की सुरक्षा का इस्तेमाल होता है...
DRDO का नया एस-बैंड रडार क्यों है खास? बैलिस्टिक से क्रूज मिसाइल तक एक साथ कई टारगेट पर रखेगा नजर
यह रडार कम से कम 250 किलोमीटर दूरी पर मौजूद लगभग 2 वर्ग मीटर रडार क्रॉस सेक्शन वाले टारगेट्स को स्किन मोड में ट्रैक करने में सक्षम होगा। इसकी न्यूनतम डिटेक्शन रेंज लगभग 3 किलोमीटर रखी गई है...
Explainer: पिनाका LRGR की 60 KM मिनिमम रेंज क्यों है गेमचेंजर? जानिए कैसे बढ़ी भारतीय सेना की स्ट्राइक पावर
युद्ध के दौरान दुश्मन हमेशा एक निश्चित दूरी पर नहीं होता। कई बार दुश्मन की अग्रिम चौकियां 60 से 70 किलोमीटर दूर होती हैं, जबकि कई बार टारगेट 100 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी पर हो सकता है...
Explained: दो ब्रह्मोस मिसाइल बैटरियां क्यों चाहता है इंडोनेशिया? क्यों है ये दुनिया का सबसे घातक कोस्टल डिफेंस सिस्टम
ब्रह्मोस को दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिना जाता है। यह लगभग मैक 2.8 से 3 की गति से उड़ सकती है। इसका मतलब है कि इसकी रफ्तार लगभग 3,400 से 3,700 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है...
इंडोनेशिया खरीदेगा भारत की Astra Mk-1 मिसाइल! Su-30 फाइटर जेट पर होगी तैनाती, जानिए पूरी डील
भारत और इंडोनेशिया के बीच एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग से न केवल दोनों देशों के रक्षा संबंध और मजबूत होंगे। वहीं इंडोनेशिया के भारतीय अस्त्र मिसाइल के खरीदने से भारत के रक्षा निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और 'मेक इन इंडिया' अभियान को वैश्विक पहचान मिलेगी...
क्या डीआरडीओ का APS बनेगा भारतीय टैंकों का नया सीक्रेट कवच? दुश्मन के ड्रोन, ATGM और टॉप-अटैक मिसाइलें होंगी बेअसर!
एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम यानी एपीएस ऐसा स्मार्ट सुरक्षा सिस्टम है, जो टैंक पर हमला करने वाली मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन को टैंक तक पहुंचने से पहले ही पहचान लेता है और उसे रास्ते में ही निष्क्रिय या नष्ट करने की कोशिश करता है...
पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से पहले बड़ा अपडेट! एक नहीं, अब अतिरिक्त ब्रह्मोस मिसाइल बैटरियां चाहता है जकार्ता
मार्च 2026 में दोनों देशों के बीच शुरुआती खरीद फ्रेमवर्क तैयार हुआ। उस समय इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि यह खरीद उसके समुद्री मिलिट्री मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम का हिस्सा है...
DAC में 52,000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्टस को मंजूरी, पहली बार सेनाओं को एक साथ मिलेंगे 10 हाईटेक हथियार, पढ़ें पूरी लिस्ट
इस बार स्वीकृत प्रस्तावों में सबसे अधिक जोर एंटी-ड्रोन सिक्योरिटी, एयर डिफेंस, टैंक सेफ्टी, लॉइटरिंग म्यूनिशन, नेवल सर्विलांस और हाई एल्टीट्यूड सर्विलांस प्लेटफॉर्म पर दिया गया...
AMCA प्रोजेक्ट के लिए ATV मॉडल को क्यों माना जा रहा है गेम चेंजर? INS अरिहंत की सफलता से क्या सीखेगा भारत का स्टेल्थ...
एटीवी यानी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल प्रोजेक्ट भारत के सबसे गोपनीय और सबसे सफल डिफेंस प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है। इसकी शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी, जब भारत ने पहली बार स्वदेशी परमाणु शक्ति चालित पनडुब्बी विकसित करने का फैसला किया...
ऑपरेशन सिंदूर के बाद कैसे बदली IAF की सोच, नेत्र के बाद वायुसेना चाहती है ऐसा AEW&C जो 700 किमी की रेंज और AI...
पिछले डेढ़ साल में हवाई युद्ध की प्रकृति तेजी से बदली है। अब केवल लड़ाकू विमानों पर नजर रखना ही काफी नहीं माना जा रहा। बल्कि छोटे ड्रोन, लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और नेटवर्क आधारित युद्ध ने वायुसेना की जरूरतों को पूरी तरह बदल दिया है...
