HomeLegal Policy Newsरिटायर्ड कर्नल की पेंशन में 50 फीसदी की कटौती, पत्नी के निलंबन...

रिटायर्ड कर्नल की पेंशन में 50 फीसदी की कटौती, पत्नी के निलंबन पर उठाए थे सवाल, बोले- सिस्टम में सच बोलने वालों को मिल रही सजा

सेना की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि कर्नल अमित कुमार पर कई बार अनुचित व्यवहार करने, जांच प्रक्रिया में दखल देने और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी करने के आरोप हैं...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 23 May, 2026, 1:48 PM

Colonel Pension Cut: भारतीय सेना ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड कर्नल अमित कुमार की पेंशन आधी कर दी है। सेना ने उन पर गंभीर कदाचार यानी “ग्रेव मिसकंडक्ट” के आरोप लगाए हैं। यह कार्रवाई अप्रैल 2026 से लागू की गई है। इससे पहले अगस्त 2025 में उन्हें शो कॉज नोटिस जारी किया गया था।

कर्नल अमित कुमार पहले सेना की जज एडवोकेट जनरल (जैग) ब्रांच में अधिकारी रह चुके हैं। समय से पहले रिटायरमेंट लेने के बाद वह वकालत कर रहे हैं। मामला उस समय चर्चा में आया जब उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कथित अन्याय का मुद्दा लगातार उठाया। उनकी पत्नी भी सेना की जैग ब्रांच में कर्नल रैंक की अधिकारी हैं और वे भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रही हैं।

Colonel Pension Cut: सेना ने किन आरोपों का किया जिक्र

सेना की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि कर्नल अमित कुमार पर कई बार अनुचित व्यवहार करने, जांच प्रक्रिया में दखल देने और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी करने के आरोप हैं।

नोटिस के अनुसार उन पर कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की कार्यवाही में बिना अनुमति घुसने, सैन्य अधिकारियों को धमकाने और सेना की सुरक्षा प्रक्रियाओं के खिलाफ बयान देने जैसे आरोप लगाए गए। सेना ने यह कार्रवाई आर्मी पेंशन रेगुलेशंस 2008 के तहत की है। इन नियमों में भविष्य के अच्छे आचरण को पेंशन जारी रहने की शर्त माना गया है।

दो एफआईआर का भी किया जिक्र

सेना के नोटिस में दो अलग-अलग एफआईआर का उल्लेख किया गया है। पहली एफआईआर सितंबर 2024 में अंबाला कैंट पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। इसमें सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने, सरकारी काम में बाधा डालने और महिला की गरिमा से जुड़े आरोप शामिल किए गए।

यह भी पढ़ें:  21वीं सदी की जंग के लिए कैसे तैयार होंगे लीडर? आर्मी वॉर कॉलेज, महू में सेना ने बताया फॉर्मूला

दूसरी एफआईआर जुलाई 2024 में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। इसमें कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के दौरान सैन्य अधिकारियों को कथित रूप से डराने, बाधा पहुंचाने और मानहानि करने के आरोप लगाए गए।

सेना का कहना है कि इन मामलों से जुड़े रिकॉर्ड और चल रही जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है।

कर्नल अमित कुमार ने क्या कहा

कर्नल अमित कुमार ने सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस में लगाए गए आरोप अभी अदालत में लंबित मामलों पर आधारित हैं और बिना पूरी प्रक्रिया पूरी किए कार्रवाई की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें पहले से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और अंबाला की अदालत में लंबित हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई की बजाय शिकायत उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।

कर्नल अमित कुमार ने कहा कि उनकी पत्नी के साथ कथित हिरासत में प्रताड़ना की शिकायतों पर कोई जांच नहीं हुई। उनका आरोप है कि कुछ अधिकारी शिकायतों को दबाने और शिकायत करने वालों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

पत्नी के निलंबन को लेकर लगातार उठा रहे थे आवाज

कर्नल अमित कुमार का कहना है कि वह अपनी पत्नी के साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे। उनकी पत्नी इस समय निलंबित हैं और चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज करा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पत्नी भारी मानसिक तनाव से गुजर रही हैं।

यह भी पढ़ें:  भारतीय वायुसेना को चाहिए हैवी पेलोड वाला 'सुपर लिफ्ट’ हेलीकॉप्टर! UHLH के लिए जारी की RFI

उन्होंने कहा कि पश्चिमी कमान मुख्यालय की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए शुरू की गई क्योंकि वह लगातार न्याय की मांग कर रहे थे।

सच बोलने वालों को सजा

कर्नल अमित कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्रवाई दिखाती है कि सिस्टम में “अंधी वफादारी” को ईनाम दिया जा रहा है, जबकि सच बोलने वालों को सजा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और कमांडिंग ऑफिसर ने उन्हें महिलाओं का सम्मान करना और सिद्धांतों के साथ खड़े रहना सिखाया था। इसी वजह से उन्होंने शुरुआत से ही शिकायतों और वीडियो को आगे बढ़ाया।

उन्होंने अपने संदेश में यह भी लिखा कि यदि उनकी पूरी पेंशन भी रोक दी जाए तो भी वह शायद कानूनी चुनौती न दें, लेकिन ईमानदार सैनिकों और अधिकारियों को बचाना जरूरी है।

कर्नल अमित कुमार ने कहा कि उन्हें कभी वरिष्ठ नेतृत्व पर बहुत सम्मान था, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि उनके खिलाफ फैसले बिना उन्हें सुनवाई का मौका दिए लिए गए।

पेंशन कटौती बहुत कम मामलों में

सेना में किसी रिटायर्ड अधिकारी की पेंशन में कटौती बहुत कम मामलों में होती है। आमतौर पर यह कदम तभी उठाया जाता है जब गंभीर अनुशासनहीनता या सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप हों।

रक्षा मामलों के जानकारों के मुताबिक पेंशन को “भविष्य के अच्छे आचरण” से जोड़ा गया है। इसी आधार पर सेना को कुछ विशेष परिस्थितियों में पेंशन रोकने, घटाने या बंद करने का अधिकार मिलता है।

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

यह भी पढ़ें:  Yudh Abhyas 2025: युद्ध अभ्यास 2025 में यूएस आर्मी को ऑपरेशन सिंदूर के सबक पढ़ाएगी भारतीय सेना, अलास्का में शोकेस हो सकता है स्ट्राइकर का एंफिबियस वर्जन!
रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular