HomeLegal Policy NewsCGHS में 51 नए अस्पताल शामिल, दिल्ली-NCR के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स...

CGHS में 51 नए अस्पताल शामिल, दिल्ली-NCR के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा फायदा, देखें पूरी लिस्ट

सीजीएचएस मुख्यालय के मुताबिक, ये सभी अस्पताल आदेश जारी होने की तारीख यानी 15 जुलाई 2026 से अगले तीन वर्ष तक पैनल में बने रहेंगे...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 17 Jul, 2026, 11:48 AM

CGHS New Empanelled Hospitals 2026: केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) के लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 51 नए मल्टीस्पेशियलिटी अस्पतालों को ताजा तौर पर पैनल में शामिल कर लिया है। इस संबंध में आरके पुरम स्थित, सीजीएचएस मुख्यालय की ओर से हाल ही में एक आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम) जारी किया गया।

इस फैसले के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य पात्र सीजीएचएस लाभार्थियों को इलाज के लिए पहले की तुलना में अधिक अस्पतालों का विकल्प मिलेगा। नए अस्पताल दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और आसपास के क्षेत्रों में स्थित हैं।

CGHS New Empanelled Hospitals 2026: तीन साल तक रहेगा पैनल में शामिल होने का दर्जा

सीजीएचएस मुख्यालय के मुताबिक, ये सभी अस्पताल आदेश जारी होने की तारीख यानी 15 जुलाई 2026 से अगले तीन वर्ष तक पैनल में बने रहेंगे। सभी अस्पतालों को 22 दिसंबर 2025 को जारी सीजीएचएस की नई अस्पताल सूची और नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन जांचों या प्रक्रियाओं के लिए अस्पताल एनएबीएच या एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं, केवल उन्हीं सेवाओं पर संबंधित दरें लागू होंगी। यदि किसी जांच के लिए मान्यता नहीं है तो उस पर मान्यता प्राप्त संस्थान वाली दर का दावा नहीं किया जा सकेगा। (CGHS New Empanelled Hospitals 2026)

क्या है सीजीएचएस और किसे मिलता है लाभ

केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना यानी सीजीएचएस केंद्र सरकार के कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, सांसदों, कुछ स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों और अन्य पात्र श्रेणियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराती है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी डिस्पेंसरी, वेलनेस सेंटर और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलती है।

यह भी पढ़ें:  CAG on ECHS: कैशलेस का वादा, लेकिन भुगतान की मार; क्यों चरमरा रही है पूर्व सैनिकों की स्वास्थ्य योजना?

सीजीएचएस समय-समय पर अस्पतालों का मूल्यांकन कर उन्हें सूची में शामिल या बाहर करता रहता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य लाभार्थियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और अस्पतालों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना होता है।

दिल्ली और एनसीआर के कई बड़े अस्पताल हुए शामिल

नई सूची में कई प्रसिद्ध मल्टीस्पेशियलिटी अस्पतालों को शामिल किया गया है। इनमें नारायणा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, गुरुग्राम, अपोलो हॉस्पिटल, नोएडा, शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा, यथार्थ वेलनेस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, आरजी स्टोन यूरोलॉजी एंड लैप्रोस्कोपी हॉस्पिटल, पारस हॉस्पिटल, शांति गोपाल हॉस्पिटल, फेलिक्स हॉस्पिटल, प्रकाश हॉस्पिटल, पुष्पांजलि हॉस्पिटल, तिरथ राम शाह चैरिटेबल हॉस्पिटल, एसजीटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, आस्था हॉस्पिटल, एपेक्स सिटी हॉस्पिटल, गुप्ता मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और कई अन्य अस्पताल शामिल हैं।

इन अस्पतालों के शामिल होने से लाभार्थियों को अपने घर के नजदीक इलाज कराने में सुविधा मिलेगी। (CGHS New Empanelled Hospitals 2026)

पूरी लिस्ट यहां देखें…CGHS New Empanelled Hospitals 2026

अलग-अलग शहरों को मिलेगा फायदा

नई सूची में दिल्ली के अलावा गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत के अस्पतालों को भी शामिल किया गया है। इससे एनसीआर में रहने वाले लाखों सीजीएचएस लाभार्थियों को लंबी दूरी तय किए बिना इलाज कराने का विकल्प मिलेगा।

सीजीएचएस ने केवल उन्हीं अस्पतालों को सूची में शामिल किया है, जिन्होंने तय गुणवत्ता मानकों को पूरा किया है। सूची में अधिकांश अस्पताल एनएबीएच, एनएबीएल, क्यूसीआई अथवा एंट्री लेवल एनएबीएच मान्यता प्राप्त हैं।

एनएबीएच अस्पतालों की चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की सुरक्षा, डॉक्टरों की योग्यता, आपातकालीन व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण और उपचार की गुणवत्ता का मूल्यांकन करता है। वहीं एनएबीएल प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता और जांच की विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है। (CGHS New Empanelled Hospitals 2026)

यह भी पढ़ें:  29 साल बाद टैंक अफसर जनरल धीरज सेठ के हाथों में भारतीय सेना की कमान, ऑपरेशन सिंदूर और शौर्य स्क्वाड्रन से बनाई अलग पहचान

अस्पतालों को नियमों का करना होगा पालन

कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को सीजीएचएस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इलाज, बिलिंग, मरीजों के रिकॉर्ड, कैशलेस सुविधा और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होंगी।

यदि कोई अस्पताल तय मानकों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सीजीएचएस के नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होगी बिलिंग

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों को निर्देश दिया है कि सीजीएचएस लाभार्थियों के इलाज से जुड़े सभी क्रेडिट बिल नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के एचईएम 2.0 पोर्टल के माध्यम से जमा किए जाएंगे।

इसके लिए अस्पतालों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इससे बिलों की जांच, भुगतान और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी। (CGHS New Empanelled Hospitals 2026)

एम्पैनलमेंट से पहले कई स्तर पर होती है जांच

किसी भी अस्पताल को सीजीएचएस पैनल में शामिल करने से पहले उसकी सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों, चिकित्सा उपकरणों, आपातकालीन सेवाओं, ऑपरेशन थिएटर, गहन चिकित्सा इकाई, लैब और अन्य व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया जाता है।

इसके अलावा अस्पताल की मान्यता, प्रशासनिक क्षमता और निर्धारित नियमों के पालन की भी समीक्षा की जाती है। सभी आवश्यक शर्तें पूरी होने के बाद ही अस्पताल को पैनल में शामिल किया जाता है।

मरीजों को इलाज के अधिक विकल्प

नई सूची जारी होने के बाद लाभार्थियों के पास इलाज के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। कई ऐसे क्षेत्रों में भी अस्पताल सूची में शामिल किए गए हैं, जहां पहले सीमित विकल्प थे।

यह भी पढ़ें:  ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदली भारत की वॉर स्ट्रैटेजी! बना रहा जॉइंट आईएसआर और टारगेटिंग डॉक्ट्रिन, समझें क्या है ये

दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, रोहिणी, बुराड़ी, द्वारका के साथ-साथ गाजियाबाद, इंदिरापुरम, वैशाली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और सोनीपत के मरीजों को अपने नजदीक उपचार कराने की सुविधा मिलेगी। (CGHS New Empanelled Hospitals 2026)

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular