HomeDefence Newsअरब सागर बना एक्टिव जोन! भारत-पाकिस्तान ने जारी किए बैक-टू-बैक NOTAM

अरब सागर बना एक्टिव जोन! भारत-पाकिस्तान ने जारी किए बैक-टू-बैक NOTAM

अरब सागर भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए बेहद अहम माना जाता है। पाकिस्तान के लिए कराची और ग्वादर जैसे बड़े बंदरगाह इसी इलाके में हैं, जबकि भारत के भी कई महत्वपूर्ण नौसैनिक ठिकाने यहां मौजूद हैं...

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📍नई दिल्ली | 17 Apr, 2026, 1:16 PM

India Pakistan NOTAM Missile Test: अरब सागर में भारत और पाकिस्तान दोनों ने लगभग एक ही समय के आसपास मिसाइल परीक्षण से जुड़े नोटिस जारी किए हैं, जिसे नोटम यानी “नोटिस टू एयरमेन” कहा जाता है। इन नोटिस के जरिए समुद्र और आसमान में चलने वाले जहाजों और विमान को पहले से चेतावनी दी जाती है कि तय क्षेत्र में सैन्य गतिविधि होने वाली है।

India Pakistan NOTAM Missile Test: अरब सागर में जारी हुए नोटम

पाकिस्तान ने 20 अप्रैल की सुबह से 21 अप्रैल तक के लिए अपना नोटम जारी किया है। वहीं भारत ने 22 अप्रैल से 25 अप्रैल तक के लिए अलग नोटम जारी किया है। दोनों देशों के नोटम वाले क्षेत्र अरब सागर में एक-दूसरे के करीब हैं।

पाकिस्तान का नोटम करीब 200 किलोमीटर के इलाके को कवर करता है, जबकि भारत का क्षेत्र इससे लगभग दोगुना यानी करीब 400 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत का नोटम ज्यादा बड़ा और व्यापक है। (India Pakistan NOTAM Missile Test)

क्या होता है नोटम

नोटम एक तरह का अलर्ट होता है, जिसे सिविल एविएशन और समुद्री गतिविधियों के लिए जारी किया जाता है। जब किसी इलाके में मिसाइल टेस्ट, लाइव फायरिंग या कोई बड़ा सैन्य अभ्यास होना होता है, तो उस क्षेत्र को कुछ समय के लिए खाली रखने की जानकारी दी जाती है। इसका मकसद सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, ताकि कोई विमान या जहाज गलती से उस क्षेत्र में न पहुंच जाए।

पाकिस्तान के नोटम को हाल में किए गए उसके मिसाइल टेस्ट से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने अरब सागर में एक नए शिप-लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण किया था। ऐसे में यह नया नोटम उसी का हिस्सा माना जा रहा है। (India Pakistan NOTAM Missile Test)

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भारत की तरफ से जारी नोटम के बारे में माना जा रहा है कि इसमें नौसेना या मिसाइल से जुड़ा अभ्यास हो सकता है। भारत आमतौर पर ब्रह्मोस, अग्नि या समुद्र से लॉन्च होने वाले सिस्टम्स का परीक्षण करता रहा है। बड़ा इलाका तय होने से यह संकेत मिलता है कि रेंज लंबी हो सकती है।

इन नोटम के साथ-साथ अरब सागर में नौसैनिक गतिविधियां भी बढ़ी हुईहैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने अपने निगरानी जहाजों को इस इलाके में तैनात किया है, ताकि गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

दूसरी तरफ पाकिस्तान के कुछ नौसैनिक जहाज श्रीलंका के दौरे पर हैं। ये जहाज वहां एक संयुक्त अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि यह दौरा पहले से तय कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन नोटम के साथ इसकी टाइमिंग को लेकर चर्चा हो रही है। (India Pakistan NOTAM Missile Test)

क्यों अहम है यह इलाका

अरब सागर भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए बेहद अहम माना जाता है। पाकिस्तान के लिए कराची और ग्वादर जैसे बड़े बंदरगाह इसी इलाके में हैं, जबकि भारत के भी कई महत्वपूर्ण नौसैनिक ठिकाने यहां मौजूद हैं।

यही वजह है कि इस क्षेत्र में होने वाली हर सैन्य गतिविधि पर नजर रखी जाती है। मिसाइल टेस्ट के दौरान दूसरे देश आमतौर पर डेटा जैसे मिसाइल की गति, दिशा और तकनीकी जानकारी जुटाने की कोशिश भी करते हैं, ।

भारत और पाकिस्तान दोनों ही समय-समय पर मिसाइल परीक्षण करते रहते हैं। यह उनकी सामान्य सैन्य तैयारी का हिस्सा होता है। ऐसे परीक्षण पहले से तय होते हैं और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत उनकी जानकारी नोटम के जरिए दी जाती है।

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हालांकि जब दोनों देश एक साथ या करीब-करीब समय पर ऐसे नोटिस जारी करते हैं, तो इस पर ज्यादा ध्यान जाता है। (India Pakistan NOTAM Missile Test)

ऑपरेशन सिंदूर का एक साल

यह गतिविधियां उस समय सामने आई हैं, जब करीब एक साल पहले दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था। अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर किया था, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। उस घटना के बाद कुछ समय के लिए दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। (India Pakistan NOTAM Missile Test)

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    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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