📍नई दिल्ली | 16 Apr, 2026, 12:19 PM
Pahalgam Attack Anniversary: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को एक साल पूरा होने जा रहा है। 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। अब इस घटना की पहली बरसी से पहले भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा संदेश देने की तैयारी में है।
Pahalgam Attack Anniversary: अमेरिका में लगेगी खास प्रदर्शनी
सूत्रों के मुताबिक, वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास एक खास एग्जिबिशन आयोजित करने जा रहा है। इस प्रदर्शनी की थीम “ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म” रखी गई है। इसे कैपिटल हिल के पास किसी पब्लिक जगह पर लगाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें।
इस एग्जिबिशन में पहलगाम हमले में मारे गए लोगों की कहानियों को दिखाया जाएगा। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि आतंकवाद का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में आतंकियों ने नागरिकों को निशाना बनाकर हमला किया था। यह हमला 2008 के मुंबई हमलों के बाद नागरिकों पर सबसे बड़ा हमला माना गया। इस हमले की जिम्मेदारी “द रेसिस्टेंस फ्रंट” नाम के संगठन ने ली थी, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी माना जाता है। हालांकि बाद में इस संगठन ने अपना बयान वापस ले लिया था। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला था और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर जांच शुरू की थी।
हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इसके बाद कई कूटनीतिक कदम उठाए गए। भारत ने सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से रोक दिया और व्यापार व वीजा से जुड़े नियमों को भी सख्त कर दिया।
सात मई 2025 को भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। भारतीय सेना ने नौ अलग-अलग लॉन्च पैड पर कार्रवाई की, जिसमें पाकिस्तान को अच्छा-खासा नुकसान उठाना पड़ा।
इस दौरान दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। तीन दिन बाद 10 मई को पाकिस्तान की तरफ से बातचीत की पहल हुई, जिसके बाद सीजफायर लागू हुआ। (Pahalgam Attack Anniversary)
दुनिया तक संदेश पहुंचाने की कोशिश
पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिर्फ सैन्य कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी अपनी बात मजबूती से रखी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव और अन्य अधिकारियों ने कई देशों के प्रतिनिधियों से बातचीत की और भारत का पक्ष रखा। इसके अलावा, अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं को भी विदेश भेजा गया, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को मजबूती से रख सकें।
अब वॉशिंगटन में होने वाली यह एग्ज़िबिशन उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इसके जरिए भारत यह दिखाना चाहता है कि आतंकवाद की कीमत आम लोग चुकाते हैं। (Pahalgam Attack Anniversary)
पहले भी हो चुका है ऐसा आयोजन
इससे पहले जून 2025 में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भी इसी तरह की प्रदर्शनी लगाई गई थी। वहां भी आतंकवाद के मानवीय असर को दुनिया के सामने रखा गया था। अब अमेरिका में होने वाली यह नई एग्जिबिशन उसी प्रयास को आगे बढ़ाने के रूप में देखी जा रही है, जिसमें भारत वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी बात रख रहा है। (Pahalgam Attack Anniversary)

