📍नई दिल्ली | 16 Apr, 2026, 8:18 PM
INS Sudarshini Casablanca: भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी 15 अप्रैल को मोरक्को के कासाब्लांका पोर्ट पर पहुंच गया। यह पोर्ट कॉल ‘लोकायन 26’ मिशन के तहत उसकी ट्रांसओशेनिक तैनाती का हिस्सा है। इस यात्रा को नौसेना के अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग और संपर्क बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
आईएनएस सुदर्शिनी के कासाब्लांका पहुंचने के साथ ही इस मिशन का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। यह तैनाती ‘महासागर’ विजन के तहत की जा रही है, जिसका मकसद समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना है। इस पोर्ट विजिट से भारत और मोरक्को के बीच नौसैनिक रिश्तों को और मजबूती मिलने की बात कही जा रही है।
पोर्ट पर पहुंचने के बाद सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने मोरक्को की नौसेना के सेंट्रल मेरीटाइम सेक्टर के कमांडर कमोडोर हसन अकौली और रॉयल नेवल स्कूल के डायरेक्टर कमोडोर ओमर नसरी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच ट्रेनिंग, सहयोग और भविष्य के संयुक्त कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।
इस तीन दिन के दौरे के दौरान सुदर्शिनी के क्रू और ट्रेनिंग में शामिल अधिकारी मोरक्को की रॉयल नेवी के कर्मियों के साथ बातचीत करेंगे। जहाज पर वरिष्ठ अधिकारियों और मेहमानों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा प्रोफेशनल और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी समझ और तालमेल बढ़ेगा।

यह यात्रा ट्रेनिंग ले रहे कैडेट्स के लिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुद्री माहौल में काम करने का अनुभव मिलेगा।
पिछले एक साल में भारतीय नौसेना के कई जहाज कासाब्लांका जा चुके हैं। इनमें आईएनएस तबर, आईएनएस तरकश, आईएनएस सुमेधा और आईएनएस तुशील शामिल हैं। इन दौरों के जरिए दोनों देशों के बीच भरोसा और तालमेल बेहतर हुआ है।
इसके अलावा नवंबर 2025 में मोरक्को की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी रियर एडमिरल मोहम्मद ताहिन ने भारत का दौरा किया था और दक्षिणी नौसैनिक कमांड का निरीक्षण किया था।
आईएनएस सुदर्शिनी अपनी इस यात्रा के दौरान ऐतिहासिक समुद्री रास्तों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से गुजर रहा है। इस मिशन के जरिए भारत अपनी समुद्री पहुंच और वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ा रहा है।
इस पूरी तैनाती का उद्देश्य समुद्र के जरिए देशों के बीच संपर्क, सहयोग और आपसी समझ को मजबूत करना है, जहां भारतीय नौसेना लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है।

