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भारतीय सेना की नई यूनिफॉर्म में क्या-क्या हुआ बदलाव? जानें कौन सी ड्रेस कब और क्यों पहनी जाती है?

परेड और राष्ट्रीय समारोहों के लिए अलग ड्रेस होती है। रोजमर्रा के कार्यालयी काम के लिए अलग यूनिफॉर्म होती है। ट्रेनिंग, फील्ड ड्यूटी और वॉर एक्सरसाइज के लिए अलग कॉम्बैट ड्रेस निर्धारित की जाती है...

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📍नई दिल्ली | 13 Jun, 2026, 10:28 PM

Indian Army New Uniform Explained: भारतीय सेना की नई यूनिफॉर्म एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में सेना के ड्रेस रेगुलेशन और यूनिफॉर्म चार्ट की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर ड्रेस नंबर 3B, 7A और 7B जैसे नए कोड का क्या मतलब है। वहीं सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा सेना की नई डिजिटल बैटल ड्रेस को लेकर हो रही है, जिसे कई लोग भारतीय सेना की अब तक की सबसे व्यावहारिक और आकर्षक कॉम्बैट यूनिफॉर्म बता रहे हैं।

दरअसल भारतीय सेना समय-समय पर अपनी जरूरतों और बदलते हालात के मुताबिक यूनिफॉर्म में बदलाव करती रही है। यह बदलाव केवल दिखावे के लिए नहीं होते, बल्कि सैनिकों की सुविधा, मौसम, ऑपरेशनल जरूरतों और सैन्य परंपराओं को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। हाल के वर्षों में सेना ने न केवल नई डिजिटल कॉम्बैट यूनिफॉर्म लागू की है, बल्कि ड्रेस रेगुलेशन में भी कुछ नए बदलाव जोड़े हैं।

Indian Army New Uniform Explained: आखिर सेना में क्यों होती हैं इतने तरह की यूनिफॉर्म?

आम लोगों को अक्सर लगता है कि सेना में केवल एक ही यूनिफॉर्म होती है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। भारतीय सेना में अलग-अलग अवसरों, मौसम और जिम्मेदारियों के अनुसार कई प्रकार की यूनिफॉर्म निर्धारित हैं।

परेड और राष्ट्रीय समारोहों के लिए अलग ड्रेस होती है। रोजमर्रा के कार्यालयी काम के लिए अलग यूनिफॉर्म होती है। ट्रेनिंग, फील्ड ड्यूटी और वॉर एक्सरसाइज के लिए अलग कॉम्बैट ड्रेस निर्धारित की जाती है। इसके अलावा मिलिट्री डिनर और विशेष आयोजनों के लिए भी अलग ड्रेस कोड मौजूद है।

इसी व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए सेना ने हर यूनिफॉर्म को एक नंबर दिया हुआ है। इन्हें ड्रेस नंबर 1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7 जैसी कैटेगरी में बांटा गया है। (Indian Army New Uniform Explained)

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ड्रेस नंबर 1 क्यों मानी जाती है सबसे अहम?

भारतीय सेना की ड्रेस नंबर 1 सबसे औपचारिक और प्रतिष्ठित यूनिफॉर्म मानी जाती है। यह वही ड्रेस है जो गणतंत्र दिवस परेड, गार्ड ऑफ ऑनर, सैन्य सम्मान समारोह और राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में दिखाई देती है।

इस यूनिफॉर्म में मेडल, बैज, लैनयार्ड (डोरी) और अन्य सैन्य प्रतीक शामिल होते हैं। जब किसी अधिकारी या जवान को राष्ट्रीय समारोह में यह ड्रेस पहने देखा जाता है तो वह भारतीय सेना की परंपरा, अनुशासन और गौरव का प्रतिनिधित्व करता है।

महिला अधिकारियों के लिए भी इसका अलग वर्जन बनाया गया है ताकि वे अधिक सहजता के साथ इसे पहन सकें।

ड्रेस नंबर 2 और सर्विस ड्रेस की भूमिका

ड्रेस नंबर 2 और उससे जुड़े अन्य वर्जन को सर्विस ड्रेस कहा जाता है। यह यूनिफॉर्म आमतौर पर कार्यालय, निरीक्षण, औपचारिक बैठकों और प्रशासनिक कार्यों के दौरान पहनी जाती है।

सेना के अधिकारी और जवान बड़ी संख्या में इसी प्रकार की ड्रेस में दिखाई देते हैं। इसका उद्देश्य पेशेवर और व्यवस्थित स्वरूप बनाए रखना होता है। (Indian Army New Uniform Explained)

क्या है नई 3B ड्रेस?

हाल के ड्रेस रेगुलेशन में सबसे ज्यादा चर्चा 3B ड्रेस की हो रही है। यह मूल रूप से सर्दियों के लिए बनाई गई नई सर्विस ड्रेस है।

इस ड्रेस में आधुनिक विंटर जैकेट शामिल की गई है। इस प्रकार की जैकेट पहले भारतीय वायुसेना और नौसेना की यूनिफॉर्म का हिस्सा थी। अब इसे सेना में भी शामिल कर लिया गया है।

सेना के अनुसार यह ड्रेस मुख्य रूप से पीस स्टेशनों में उपयोग की जाएगी। पीस स्टेशन वे स्थान होते हैं जहां सामान्य प्रशासनिक और प्रशिक्षण गतिविधियां होती हैं। फील्ड क्षेत्रों में तैनात सैनिक आमतौर पर कॉम्बैट ड्रेस ही पहनते हैं।

नई जैकेट सैनिकों और अधिकारियों को ठंड के मौसम में बेहतर आराम देने के लिए तैयार की गई है। इसके डिजाइन में सुविधा और प्रोफेशनल लुक दोनों का ध्यान रखा गया है। (Indian Army New Uniform Explained)

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अधिकारियों के लिए 1C ड्रेस क्यों जोड़ी गई?

ड्रेस रेगुलेशन में एक और महत्वपूर्ण बदलाव 1C ड्रेस को लेकर हुआ है।

अब तक यह ड्रेस मुख्य रूप से जवानों और जूनियर कमीशंड अधिकारियों के लिए निर्धारित थी, लेकिन नए नियमों में इसे अधिकारियों के लिए भी शामिल किया गया है।

इस बदलाव का उद्देश्य अलग-अलग श्रेणियों की यूनिफॉर्म में बेहतर तालमेल और एकरूपता लाना माना जा रहा है। (Indian Army New Uniform Explained)

7A और 7B क्या हैं?

भारतीय सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म को ड्रेस नंबर 7 श्रेणी में रखा जाता है। हाल के बदलावों में 7A और 7B जैसे नए संस्करण जोड़े गए हैं।

7A में कॉम्बैट टी-शर्ट शामिल है। यह सैनिकों को ट्रेनिंग और कुछ विशेष परिस्थितियों में अधिक सुविधा देती है।

वहीं 7B सर्दियों की कॉम्बैट ड्रेस का हिस्सा है, जिसमें विशेष विंटर कॉम्बैट जैकेट शामिल की गई है। यह ठंडे क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए उपयोगी मानी जाती है।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर जिस यूनिफॉर्म ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, वह सेना की नई डिजिटल बैटल ड्रेस है। कई लोगों ने इसे भारतीय सेना की सबसे स्मार्ट और आधुनिक यूनिफॉर्म बताया है। इसकी सबसे बड़ी वजह इसका नया डिजिटल कैमोफ्लाज पैटर्न है।

यह यूनिफॉर्म पहली बार जनवरी 2022 में सेना दिवस के अवसर पर पेश की गई थी। इसके बाद इसे धीरे-धीरे पूरी सेना में लागू किया गया। जून 2026 तक पुरानी कॉम्बैट ड्रेस का उपयोग समाप्त होने के बाद अब यही मुख्य बैटल ड्रेस बन चुकी है। (Indian Army New Uniform Explained)

नई बैटल ड्रेस बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?

पुरानी कॉम्बैट यूनिफॉर्म लंबे समय तक भारतीय सेना का हिस्सा रही, लेकिन बदलती जरूरतों के कारण उसमें सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी।

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पुरानी ड्रेस अपेक्षाकृत भारी थी। लंबे समय तक पहनने पर सैनिकों को असुविधा होती थी। कई बार गर्म मौसम में यह ज्यादा आरामदायक नहीं रहती थी।

नई यूनिफॉर्म विकसित करने के लिए सेना ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर काम किया। अलग-अलग डिजाइनों, रंगों और कपड़ों का परीक्षण किया गया। इसके बाद डिजिटल कैमोफ्लाज पैटर्न को अंतिम रूप दिया गया। (Indian Army New Uniform Explained)

नई डिजिटल यूनिफॉर्म में क्या खास है?

नई कॉम्बैट ड्रेस 70 प्रतिशत कॉटन और 30 प्रतिशत पॉलिएस्टर मिश्रण वाले कपड़े से बनाई गई है।

यह हल्की है और शरीर को बेहतर वेंटिलेशन देती है। सैनिकों को लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान अधिक आराम मिलता है। पसीना जल्दी सूख जाता है और कपड़ा अपेक्षाकृत जल्दी सूखने की क्षमता रखता है।

यूनिफॉर्म का डिजिटल पैटर्न जंगल, पहाड़, रेगिस्तान और शहरी क्षेत्रों में बेहतर छलावरण प्रदान करता है। इससे सैनिकों को अपने आसपास के वातावरण में घुलने-मिलने में मदद मिलती है।

सेना के कई जवानों और पूर्व सैनिकों का कहना है कि यह यूनिफॉर्म लेयरिंग के लिए बेहतर है। इसके ऊपर आसानी से जैकेट और अन्य सर्दियों के कपड़े पहने जा सकते हैं।

सियाचिन, लद्दाख, उत्तराखंड और उत्तर-पूर्व के ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिकों के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है। (Indian Army New Uniform Explained)

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