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94 साल में पहली बार IMA से पासआउट हुईं 9 महिला कैडेट्स, 515 में से 34 विदेशी भी बने अफसर, जानें किसे मिला स्वॉर्ड ऑफ ऑनर

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी का चेटवुड ड्रिल स्क्वायर शनिवार सुबह सैन्य परंपराओं, अनुशासन और गर्व का गवाह बना। यहां 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई...

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📍नई दिल्ली/देहरादून/हैदराबाद | 13 Jun, 2026, 2:54 PM

IMA Passing Out Parade 2026: भारतीय सेनाओं के लिए शनिवार का दिन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। एक तरफ देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली और नए मिलिट्री अफसरों को सेना में शामिल होने की शुभकामनाएं दीं, वहीं दूसरी तरफ हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड की समीक्षा कर भारतीय वायुसेना के नए फ्लाइंग अधिकारियों को बधाई दी।

भारतीय सैन्य अकादमी के 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट्स का एक बैच प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुआ है।

IMA Passing Out Parade 2026: रेगुलर कोर्स और टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी का चेटवुड ड्रिल स्क्वायर शनिवार सुबह सैन्य परंपराओं, अनुशासन और गर्व का गवाह बना। यहां 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई।

परेड की समीक्षा देश की राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने की। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जैसे ही कैडेट्स ने अंतिम पग बढ़ाए और परेड पूरी की, उनके वर्षों के कठिन प्रशिक्षण का सफर एक नए अध्याय में बदल गया। परेड समाप्त होते ही वे भारतीय सेना के अधिकारी बन गए।

IMA Passing Out Parade 2026
PRESIDENT OF INDIA REVIEWS THE PASSING OUT PARADE OF 158TH REGULAR COURSE AND 141ST TECHNICAL GRADUATE COURSE AT THE INDIAN MILITARY ACADEMY (Image Source: PIB)

कुल 515 कैडेट्स बने अधिकारी

भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में इस बार कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स अधिकारी के रूप में भारतीय सेना और मित्र देशों की सेनाओं में शामिल हुए। इनमें 481 भारतीय अधिकारी कैडेट्स शामिल हैं, जबकि 16 मित्र देशों के 34 विदेशी अधिकारी कैडेट्स ने भी सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया।

बता दें कि विदेशी कैडेट्स को भी आईएमए में प्रशिक्षण दिया जाता है, जो भारत की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत मित्र देशों के सैन्य अधिकारियों को प्रोफेशनल मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है।

इन कैडेट्स ने भारतीय कैडेट्स के साथ समान प्रशिक्षण लिया और अब अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में सेवाएं देंगे।

राष्ट्रपति ने इन कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि उनके देशों ने भारत पर भरोसा करते हुए उन्हें सैन्य प्रशिक्षण के लिए यहां भेजा है। (IMA Passing Out Parade 2026)

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पहली बार महिला कैडेट्स ने रचा इतिहास

इस बार की परेड का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नौ महिला कैडेट्स का पासआउट होना रहा। आईएमए की स्थापना 1932 में हुई थी। तब से लेकर अब तक हजारों अधिकारी यहां से निकलकर भारतीय सेना का हिस्सा बने, लेकिन पहली बार महिला कैडेट्स ने यहां प्रशिक्षण पूरा किया।

ये महिला कैडेट्स जुलाई 2025 में आईएमए में शामिल हुई थीं। लगभग एक वर्ष के कठोर सैन्य प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने पुरुष साथियों के साथ कदम से कदम मिलाकर परेड में हिस्सा लिया। ये कैडेट्स एनडीए की पहली महिला बैच (साल 2022) से हैं। एनडीए से ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने जुलाई 2025 में आईएमए में एक साल का प्री-कमीशन ट्रेनिंग पूरा किया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे भारतीय सैन्य इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि नौ महिला कैडेट्स को पासआउट होते देखना उनके लिए बेहद खुशी का विषय है। यह केवल आईएमए के इतिहास का नया अध्याय नहीं बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास की दिशा में भारत की यात्रा का भी प्रतीक है।

राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में और अधिक महिला कैडेट्स अकादमी में शामिल होंगी। (IMA Passing Out Parade 2026)

राष्ट्रपति बोलीं- सेवा ही सर्वोच्च कर्तव्य

अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नए अधिकारियों से कहा कि वे देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता के रक्षक हैं। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिकों का विश्वास अब इन युवा अधिकारियों के कंधों पर है।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों को याद दिलाया कि सेवा ही सर्वोच्च कर्तव्य है और सैन्य जीवन में व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को रखना होता है।

उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती सुरक्षा चुनौतियों, नई तकनीकों और जटिल वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारतीय सेना को हमेशा भविष्य के लिए तैयार रहना होगा।

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राष्ट्रपति ने युवा अधिकारियों से आजीवन सीखते रहने, साहसिक निर्णय लेने और नैतिक नेतृत्व का उदाहरण बनने का आह्वान किया। (IMA Passing Out Parade 2026)

IMA Passing Out Parade 2026
PRESIDENT OF INDIA REVIEWS THE PASSING OUT PARADE OF 158TH REGULAR COURSE AND 141ST TECHNICAL GRADUATE COURSE AT THE INDIAN MILITARY ACADEMY (Image Source: PIB)

सैनिकों का नेतृत्व करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि सेना का अधिकारी केवल आदेश देने वाला व्यक्ति नहीं होता बल्कि अपने सैनिकों का मार्गदर्शक और संरक्षक भी होता है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने सैनिकों का विश्वास जीतना होगा, उन्हें प्रेरित करना होगा और टीम भावना को मजबूत करना होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि एक अच्छा सैन्य नेता वही होता है जो सबसे आगे चलकर नेतृत्व करे, अपने जवानों का ध्यान रखे और सेना की सर्वोत्तम परंपराओं को आगे बढ़ाए। (IMA Passing Out Parade 2026)

इन कैडेट्स को मिला स्वॉर्ड ऑफ ऑनर

हर पासिंग आउट परेड में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेट को प्रतिष्ठित “स्वॉर्ड ऑफ ऑनर” प्रदान किया जाता है।
पासिंग आउट कोर्स ST-26 के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जेंटलमैन कैडेट्स को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों और पदकों से सम्मानित किया गया। इस कोर्स में अकादमी कैडेट एडजुटेंट (ACA) विशाल कुमार ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर हासिल किया, जो पूरे कोर्स में सर्वश्रेष्ठ अधिकारी कैडेट को दिया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने गोल्ड मेडल भी जीता और रेगुलर कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

अकादमी अंडर ऑफिसर (AUO) प्रिंस राज को रेगुलर कोर्स में दूसरा स्थान हासिल करने पर सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। वहीं सीनियर अंडर ऑफिसर (SUO) तेजस भट्ट ने रेगुलर कोर्स में तीसरा स्थान प्राप्त किया और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया।

तकनीकी ग्रेजुएट कोर्स (TGC) में ऑफिसर कैडेट ऋषभ मिश्रा ने पहला स्थान हासिल किया और उन्हें सिल्वर मेडल (TGC) प्रदान किया गया। इसी तरह स्पेशल कमीशंड ऑफिसर (SCO) कोर्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ऑफिसर कैडेट बोध राज थापा को सिल्वर मेडल (SCO) दिया गया।

टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले ऑफिसर कैडेट करण पांडेय को सिल्वर मेडल (TES) से सम्मानित किया गया। वहीं विदेशी अधिकारी कैडेट्स (FOCs) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जूनियर अंडर ऑफिसर (JUO) जैफ सादिद अल्वी को बेस्ट फॉरेन ऑफिसर कैडेट (Best FOC) ट्रॉफी प्रदान की गई। (IMA Passing Out Parade 2026)

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पासिंग आउट परेड क्यों होती है खास

सेना के किसी भी कैडेट के लिए पासिंग आउट परेड केवल एक समारोह नहीं होती। यह उस लंबे और कठिन सफर का अंतिम पड़ाव होती है जिसमें शारीरिक प्रशिक्षण, हथियार संचालन, युद्धक रणनीति, नेतृत्व क्षमता, फील्ड एक्सरसाइज और मानसिक मजबूती जैसे कई चरण शामिल होते हैं।

आईएमए में प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को अत्यंत कठिन परिस्थितियों में काम करना सिखाया जाता है ताकि वे वास्तविक सैन्य चुनौतियों का सामना कर सकें। इसी कारण पासिंग आउट परेड को हर सैन्य अधिकारी के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। (IMA Passing Out Parade 2026)

हैदराबाद में वायुसेना को मिले नए फ्लाइंग ऑफिसर

देहरादून में आयोजित समारोह के समानांतर हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी में भी एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। यहां भारतीय वायुसेना के 217वें कोर्स की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड आयोजित की गई। इस परेड की समीक्षा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। परेड के बाद आयोजित पिपिंग और कमीशनिंग समारोह में नए अधिकारियों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नए अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा कर अब ये युवा अधिकारी भारतीय वायुसेना के सक्रिय सदस्य बन गए हैं और देश की हवाई सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

राजनाथ सिंह ने फ्लाइट कैडेट्स के प्रशिक्षण और उनके समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि वायुसेना में अधिकारी बनना केवल एक नौकरी नहीं बल्कि राष्ट्र सेवा का दायित्व है। (IMA Passing Out Parade 2026)

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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