📍नई दिल्ली/जबलपुर | 10 Jun, 2026, 12:52 PM
DSC Recruitment for Ex Servicemen 2026: भारतीय सेना से रिटायर होने के बाद भी देश की सेवा जारी रखने की इच्छा रखने वाले पूर्व सैनिकों के लिए ये खबर बेहद अहम है। द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर, जबलपुर ने पूर्व जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) के लिए डिफेंस सिक्योरिटी कोर (डीएससी) में पुनः नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। यह भर्ती वर्ष 2026-27 के लिए आयोजित की जा रही है और इसके तहत सूबेदार मेजर तथा सूबेदार रैंक से रिटायर हुए योग्य पूर्व सैनिकों का चयन किया जाएगा।
सेना की तरफ से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार चयनित उम्मीदवारों को डीएससी कोर्स सीरियल जे-108 के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग 17 अगस्त से शुरू होकर 12 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके लिए इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया 29 जून से शुरू होगी। सभी उम्मीदवारों को 28 जून तक ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर, जबलपुर में रिपोर्ट करना होगा।
DSC Recruitment for Ex Servicemen 2026: रिटायरमेंट के बाद दूसरा करियर बनाने का अवसर
भारतीय सेना से सेवा पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में सैनिक और जेसीओ अपेक्षाकृत कम उम्र में रिटायर हो जाते हैं। ऐसे में उनके पास अनुभव तो भरपूर होता है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारियां भी बनी रहती हैं। डीएससी में पुनः नियुक्ति की व्यवस्था ऐसे ही पूर्व सैनिकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
डीएससी भारतीय सेनाओं का एक विशेष संगठन है, जिसकी जिम्मेदारी देशभर के सैन्य प्रतिष्ठानों, गोला-बारूद डिपो, एयरफोर्स स्टेशन, नौसैनिक ठिकानों, सैन्य गोदामों और अन्य संवेदनशील रक्षा इस्टैब्लिशमेंट्स की सुरक्षा करना है। यहां काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी पूर्व सैनिक होते हैं, जो सेना में अर्जित अपने अनुभव का उपयोग सुरक्षा कार्यों में करते हैं।
पूर्व सैनिकों के बीच डीएससी को हमेशा एक सम्मानजनक दूसरा करियर माना जाता है क्योंकि इसमें सैन्य वातावरण भी बना रहता है और आर्थिक रूप से भी स्थिरता मिलती है। (DSC Recruitment)
कौन कर सकता है आवेदन
ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर की तरफ से जारी निर्देशों के अनुसार केवल वही पूर्व जेसीओ आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने पिछले दो वर्षों के भीतर सेना से रिटायरमेंट लिया हो।
उम्र सीमा भी तय की गई है। सूबेदार मेजर के लिए अधिकतम आयु 52 वर्ष और सूबेदार के लिए 50 वर्ष निर्धारित की गई है। यह आयु 17 अगस्त 2026 को आधार मानकर तय की जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उम्मीदवार का कम से कम मैट्रिक या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके अलावा सैन्य सेवा के दौरान प्राप्त शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यताओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। (DSC Recruitment for Ex Servicemen 2026)
सेवा रिकॉर्ड का होगा विशेष महत्व
इस भर्ती प्रक्रिया में केवल आयु और योग्यता ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार के पूरे सैन्य रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा। सूत्रों के अनुसार चयन में एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट, अनुशासन, सेवा प्रदर्शन और समग्र रिकॉर्ड को महत्व दिया जाएगा। उम्मीदवार को न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
इसी कारण पूर्व सैनिकों को सलाह दी गई है कि वे अपने रिकॉर्ड दस्तावेज पहले से तैयार रखें और आवश्यक सत्यापन समय रहते पूरा कर लें। (DSC Recruitment for Ex Servicemen 2026)

इंटरव्यू के साथ होगा फिजिकल टेस्ट
चयन प्रक्रिया केवल इंटरव्यू तक सीमित नहीं रहेगी। उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षण से भी गुजरना होगा।
सेना के निर्धारित मानकों के अनुसार आयोजित होने वाले इस परीक्षण में उम्मीदवार की फिटनेस, सहनशक्ति और स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
उम्मीदवारों को कॉम्बैट ड्रेस, पीटी शूज, डीएमएस बूट, टी-शर्ट और अन्य आवश्यक सामान साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि चयन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। (DSC Recruitment for Ex Servicemen 2026)
डीएससी क्यों माना जाती है खास
पूर्व सैनिकों के बीच डीएससी की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां सेवा देने पर उन्हें पेंशन के साथ-साथ वेतन और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।
इससे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है। इसके अलावा ईसीएचएस स्वास्थ्य सुविधा, कैंटीन की सुविधा और कई अन्य सैन्य कल्याणकारी लाभ भी जारी रहते हैं।
रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि डीएससी में नियुक्त पूर्व सैनिक अपने अनुभव और अनुशासन के कारण सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह भर्ती सूचना भारतीय सेना की प्रसिद्ध ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट द्वारा जारी की गई है। ग्रेनेडियर्स भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित रेजिमेंटों में गिनी जाती है।
इस रेजिमेंट का इतिहास 18वीं शताब्दी तक जाता है। आजादी से पहले और बाद के लगभग सभी प्रमुख सैन्य अभियानों में इस रेजिमेंट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
1965 के भारत-पाक युद्ध में कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद ने अपनी वीरता से इतिहास रचा था। उन्हें परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। 1971 के युद्ध में मेजर होशियार सिंह ने भी परम वीर चक्र प्राप्त किया।
कारगिल युद्ध में ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव ने टाइगर हिल पर अद्भुत साहस का परिचय दिया और उन्हें भी परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसी वजह से ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट को भारतीय सेना की सबसे सम्मानित कॉम्बैट रेजिमेंटों में शामिल किया जाता है। (DSC Recruitment for Ex Servicemen 2026)
पूर्व सैनिकों के लिए क्यों अहम है यह भर्ती
देशभर में लाखों पूर्व सैनिक ऐसे हैं जो सेना से रिटायर होने के बाद भी सक्रिय जीवन जीना चाहते हैं। कई सैनिकों के बच्चों की पढ़ाई, घर की जिम्मेदारियां और अन्य आर्थिक आवश्यकताएं बनी रहती हैं।
ऐसे में डीएससी जैसी व्यवस्थाएं उन्हें सम्मानजनक रोजगार का अवसर देती हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ती है बल्कि सेना में अर्जित कौशल और अनुभव का उपयोग भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किया जाता है।
पूर्व सैनिक संगठनों के अनुसार डीएससी भर्ती को लेकर हमेशा उत्साह रहता है क्योंकि यह अनुभव और अनुशासन को महत्व देने वाली व्यवस्था है। अधिसूचना में सभी पात्र उम्मीदवारों से समय पर दस्तावेज जमा करने, रिकॉर्ड सत्यापन पूरा करने और निर्धारित तिथि पर रिपोर्ट करने को कहा गया है ताकि चयन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके। (DSC Recruitment for Ex Servicemen 2026)


