📍जयपुर | 15 Apr, 2026, 8:42 PM
Sapta Shakti Command Raising Day: भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमांड ने बुधवार को जयपुर मिलिट्री स्टेशन में अपना 22वां स्थापना दिवस मनाया। इस कमांड की स्थापना 15 अप्रैल 2005 को हुई थी और यह भारतीय सेना की सातवीं और सबसे युवा कमांड मानी जाती है।
इस खास अवसर पर सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने सभी रैंक्स, वेटरन्स, डिफेंस सिविलियंस और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों में इस कमांड ने अपनी मेहनत, साहस और समर्पण से एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने वर्तमान और पूर्व सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उनके बलिदान को कमांड की सबसे बड़ी ताकत बताया।
स्थापना दिवस के दौरान आयोजित सैनिक सम्मेलन में चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत ने सभी सैनिकों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि सप्त शक्ति कमांड ने सेना की सोच के अनुसार अपनी तैयारियों को मजबूत किया है। मल्टी डोमेन ऑपरेशन और नई रणनीतियों को अपनाकर ऑपरेशनल क्षमता को बेहतर बनाया गया है।
उन्होंने सैनिकों के परिवारों, वेटरन्स और वीर नारियों के योगदान को भी याद किया और उनके सहयोग के लिए आभार जताया। कार्यक्रम के दौरान सभी रैंक्स को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और देश की सुरक्षा के लिए तैयार रहने का संदेश दिया गया।
पश्चिमी सीमा पर मजबूत मौजूदगी
पिछले 22 सालों में सप्त शक्ति कमांड ने पश्चिमी सीमाओं पर अपनी मजबूत मौजूदगी कायम की है। ‘सर्वदा विजयी भव’ के मंत्र के साथ काम करते हुए इस कमांड ने सीमा सुरक्षा के साथ-साथ ऑपरेशनल तैयारी को भी उच्च स्तर पर बनाए रखा है। नियमित ट्रेनिंग, नई रणनीतियों को अपनाना और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल इसकी कार्यशैली का हिस्सा रहा है।
कमांड ने समय के साथ खुद को एक टेक्नोलॉजी आधारित, तेज और प्रभावी फोर्स के रूप में तैयार किया है, जो बदलते युद्ध के माहौल के अनुसार खुद को ढाल रही है।
स्थापना दिवस के मौके पर प्रेरणा स्थल पर एक विशेष पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पीएस शेखावत और वेटरन्स ने देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
इस आयोजन के तहत जयपुर मिलिट्री स्टेशन में सिम्फनी बैंड कॉन्सर्ट का भी आयोजन किया गया। इसके अलावा जवाहर कला केंद्र में आम नागरिकों के लिए भारतीय सेना का सिम्फनी बैंड प्रदर्शन रखा गया। देशभक्ति और सैन्य धुनों ने लोगों को सेना की परंपरा और शौर्य से जोड़ने का काम किया। (Sapta Shakti Command Raising Day)

