📍बीजिंग | 1 Sep, 2026, 6:44 PM
China Defence Mobilization Law: चीन ने अपने नेशनल डिफेंस मोबिलाइजेशन लॉ में बड़ा संशोधन किया है। चीन की टॉप विधायी संस्था ने 29 अगस्त को संशोधित कानून को मंजूरी दी, जो 1 अक्टूबर से लागू होगा। इस बदलाव को चीन की सैन्य तैयारी, औद्योगिक क्षमता, डेटा प्रबंधन और नागरिक संसाधनों को रक्षा जरूरतों से जोड़ने की व्यापक कानूनी व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।
यह कानून पहली बार 2010 में लागू हुआ था। अब 16 साल बाद इसमें बड़े बदलाव किए गए हैं। संशोधित कानून में पहले 72 अनुच्छेद थे, जिन्हें बढ़ाकर 82 कर दिया गया है। नए प्रावधानों के जरिए चीन ने यह स्पष्ट किया है कि किसी भी राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती की स्थिति में नागरिक और औद्योगिक संसाधनों को सैन्य क्षमता में बदलने की प्रक्रिया कैसे ऑपरेट की जाएगी।
China Defence Mobilization Law: कानून में जोड़ा गया “डेवलपमेंट इंटरेस्ट” का नया आधार
संशोधित कानून में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक “डेवलपमेंट इंटरेस्ट” यानी विकास हितों को शामिल करना है। पहले कानून मुख्य रूप से राष्ट्रीय संप्रभुता, एकता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा से जुड़े खतरों पर केंद्रित था।
अब इसमें विकास हितों को भी जोड़ा गया है। कानून के अनुसार यदि चीन के विकास हितों को खतरा माना जाता है तो भी राष्ट्रीय रक्षा मोबिलाइजेशन से जुड़े कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि कानून में “डेवलपमेंट इंटरेस्ट” की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है।
इस बदलाव से उन परिस्थितियों का दायरा बढ़ गया है, जिनमें सरकार मोबिलाइजेशन से जुड़े कदमों पर विचार कर सकती है।
कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका और मजबूत
संशोधित कानून में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की भूमिका को और स्पष्ट किया गया है। राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले डिफेंस मोबिलाइजेशन आयोगों को औपचारिक रूप से पार्टी नेतृत्व के अधीन रखा गया है।
इसका मतलब है कि रक्षा तैयारी और संसाधनों के प्रबंधन से जुड़े निर्णयों में पार्टी की सीधी निगरानी और नियंत्रण पहले से अधिक स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।
चीन में पहले भी डिफेंस और सिक्योरिटी स्ट्रक्चर में पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन अब इसे कानून में स्पष्ट रूप से शामिल कर दिया गया है।
डेटा आधारित तैयारी पर फोकस
नए कानून का एक बड़ा हिस्सा डेटा और सूचना प्रबंधन से जुड़ा है। चीन अब एक स्थायी और डेटा आधारित मोबिलाइजेशन प्रणाली डेवलप करना चाहता है।
कानून के तहत संबंधित सरकारी एजेंसियां मोबिलाइजेशन से जुड़ा डेटा एकत्र कर सकती हैं, उसका विश्लेषण कर सकती हैं और क्षमता का आकलन कर सकती हैं।
व्यक्तियों, कंपनियों और संगठनों को आवश्यक आंकड़े और जानकारी उपलब्ध करानी होगी। यदि कोई संस्था गलत जानकारी देती है, जानकारी देने में देरी करती है या आंकड़े छिपाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी आपातस्थिति में उपलब्ध संसाधनों की सही तस्वीर सरकार के पास मौजूद रहे।
उद्योग और सप्लाई चेन भी कानून में शामिल
संशोधित कानून का सबसे व्यापक असर चीन के औद्योगिक क्षेत्र पर पड़ सकता है। नए प्रावधानों में सप्लाई चेन सुरक्षा, उत्पादन क्षमता, तकनीकी संसाधन, सॉफ्टवेयर, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और उभरते तकनीकी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रक्षा मोबिलाइजेशन का हिस्सा बनाया गया है।
कानून में “इमर्जिंग फील्ड्स” यानी उभरते क्षेत्रों की मोबिलाइजेशन क्षमता विकसित करने की बात कही गई है। इसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, डिजिटल सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों को शामिल माना जा रहा है।
इसके तहत कंपनियों और संस्थाओं से अपेक्षा की जा सकती है कि वे जरूरत पड़ने पर अपनी उत्पादन क्षमता और संसाधनों को राष्ट्रीय रक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप प्राथमिकता दें।
रिजर्व सिस्टम का दायरा बढ़ाया
संशोधित कानून में सैन्य मानव संसाधन व्यवस्था का भी विस्तार किया गया है। पहले कानून मुख्य रूप से “रिजर्व पर्सनल” पर केंद्रित था।
अब इसे व्यापक बनाकर “रिजर्व मैनपावर” की अवधारणा अपनाई गई है। इसमें सक्रिय मिलिट्री युनिट्स से जुड़े लोग, रिजर्व बल, मिलिशिया सदस्य और मिलिट्री सर्विस रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत चिन्हित अन्य व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं।
इस बदलाव का उद्देश्य जरूरत पड़ने पर उपलब्ध मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग करना बताया गया है।
संपत्ति अधिग्रहण से जुड़ा बड़ा बदलाव
नए कानून में संपत्ति से संबंधित प्रावधानों को भी विस्तारित किया गया है। पहले कानून के तहत सरकार अस्थायी रूप से किसी संपत्ति का इस्तेमाल कर सकती थी और सामान्य हालात में उसे वापस करना होता था।
अब संशोधित कानून में “एक्सप्रोप्रियेशन” यानी अनिवार्य अधिग्रहण का प्रावधान भी शामिल किया गया है। जिसके तहत विशेष परिस्थितियों में सरकार किसी संपत्ति का स्वामित्व अपने पास ले सकती है।
हालांकि कानून में यह भी कहा गया है कि ऐसी स्थिति में उचित और न्यायसंगत मुआवजा दिया जाएगा।
सूचना नियंत्रण पर भी नए प्रावधान
संशोधित कानून में सूचना प्रबंधन और संचार नियंत्रण से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि मोबिलाइजेशन से संबंधित कोई प्रक्रिया शुरू होती है तो संबंधित अधिकारी आधिकारिक जानकारी जारी करेंगे, संचार मंचों का प्रबंधन करेंगे और सूचना के प्रसार को नियंत्रित करेंगे।
कानून में गलत मोबिलाइजेशन सूचना तैयार करना या उसे फैलाना स्पष्ट रूप से उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया है।
इसका उद्देश्य आधिकारिक सूचना व्यवस्था को बनाए रखना बताया गया है।
क्या यह युद्ध की तैयारी का संकेत?
कानून में किए गए बदलावों के बावजूद इसमें एक महत्वपूर्ण बात स्पष्ट की गई है। संशोधित कानून अपने आप किसी राष्ट्रीय मोबिलाइजेशन या युद्ध की घोषणा नहीं करता।
चीन में सामान्य या आंशिक मोबिलाइजेशन का निर्णय अभी भी नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति द्वारा लिया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति की ओर से औपचारिक मोबिलाइजेशन आदेश जारी किया जाएगा।
साथ ही, स्टेट काउंसिल और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के पास आपात स्थिति में आवश्यक कदम उठाने की पहले से मौजूद शक्तियां बनी रहेंगी।
आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप बदलाव
चीनी अधिकारियों के अनुसार कानून में बदलाव आधुनिक युद्ध और राष्ट्रीय सुरक्षा की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए हैं।
कानून में मिलिट्री रिसर्च, औद्योगिक क्षमता, मानव संसाधन, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी विकास, नागरिक संसाधनों के इस्तेमाल और आर्थिक शक्ति को रक्षा क्षमता में बदलने की व्यवस्था को अपडेट किया गया है।
इसके साथ ही उभरती तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और नई तकनीकी क्षमताओं को राष्ट्रीय रक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया है। (China Defence Mobilization Law)
Author
हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।





