📍नई दिल्ली | 6 Jun, 2026, 11:48 AM
Agniveer Viral Notification: सोशल मीडिया पर इन दिनों अग्निवीर योजना को लेकर एक कथित नोटिफिकेशन तेजी से वायरल हो रहा है। व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक पोस्ट और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किए जा रहे इस दस्तावेज में दावा किया जा रहा है कि सरकार ने अग्निवीर योजना में बड़ा बदलाव कर दिया है। दावा यह भी किया जा रहा है कि अब 75 से 80 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी नौकरी मिलेगी और सेवा निधि की राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
इसी बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक इंटरव्यू भी चर्चा में है। ऐसे में कई युवा और उनके परिवार यह जानना चाहते हैं कि क्या वास्तव में अग्निवीर योजना में कोई बड़ा बदलाव हो गया है या नहीं।
Agniveer Viral Notification: वायरल नोटिफिकेशन में क्या दावा किया जा रहा है?
सोशल मीडिया पर वायरल डॉक्यूमेंट में दावा किया गया है कि अग्निवीरों के लिए स्थायी भर्ती का प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इसमें कहा गया है कि चार साल की सेवा पूरी करने वाले 75 से 80 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में नियमित नौकरी दी जाएगी।
दूसरा दावा यह है कि जो अग्निवीर स्थायी सेवा के लिए चयनित नहीं होंगे, उन्हें सम्मानजनक तरीके से सेवा से मुक्त किया जाएगा।
तीसरा और सबसे चर्चित दावा सेवा निधि को लेकर है। दस्तावेज में कहा गया है कि सेवा निधि पैकेज को बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है।
इन्हीं दावों के कारण यह नोटिफिकेशन तेजी से वायरल हुआ और लाखों युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया।
आर्मी चीफ ने वास्तव में क्या कहा?
हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में अग्निपथ योजना पर विस्तार से बात की।
उन्होंने अग्निपथ योजना को भारतीय सेना के लिए एक बड़ा मानव संसाधन सुधार बताया। उनके अनुसार इस योजना का उद्देश्य सेना को अधिक युवा, ऊर्जावान और आधुनिक युद्ध की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सर्विलांस टेक्नोलॉजी और मॉडर्न जैसी नई तकनीकें युद्ध का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में सेना को ऐसे जवानों की जरूरत है, जो नई तकनीक को जल्दी सीख सकें और बदलते हालात के अनुसार खुद को ढाल सकें। (Agniveer Viral Notification)
🚨 FAKE NEWS ALERT!
👉🏻 A notification claiming to be issued by the Indian Army is circulating online alleging revisions in the rules for Agniveers under the Agnipath scheme. #PIBFactCheck:
❌ This notification is #fake.
✅ The Indian Army has not issued any such update… pic.twitter.com/Z8ZXklwBf6
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 5, 2026
25 प्रतिशत रिटेंशन पर क्या बोले सेना प्रमुख?
अग्निपथ योजना के तहत वर्तमान व्यवस्था में चार साल की सेवा के बाद लगभग 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाता है।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस व्यवस्था पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि 25 फीसदी रिटेंशन योजना का मौजूदा आधार है, लेकिन यह एक विकसित होती प्रक्रिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में ऑपरेशनल जरूरतें, प्रशिक्षण पर होने वाला निवेश और जमीनी अनुभव यह संकेत देते हैं कि अधिक अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखना जरूरी है, तो इस विषय पर संस्थागत स्तर पर विचार किया जा सकता है।
पहले बैच इस साल होगा पूरा
सेना प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना की पहली बैच का पूरा चार साल का कार्यकाल अभी समाप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि किसी भी योजना का सही मूल्यांकन तभी किया जा सकता है जब उसका पूरा चक्र पूरा हो जाए। पहले बैच के अनुभव, यूनिट कमांडरों की रिपोर्ट और सेना की जरूरतों का आकलन करने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जा सकता है।
इसी कारण उन्होंने अभी किसी बड़े बदलाव पर अंतिम टिप्पणी करने से बचने की बात कही। (Agniveer Viral Notification)
अग्निपथ योजना क्या है?
अग्निपथ योजना वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। इसके तहत युवा चार साल के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती होते हैं।
चार साल की सेवा पूरी होने के बाद उनमें से चुनिंदा 25 प्रतिशत जवानों को नियमित सेवा में शामिल किया जाता है। बाकी अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य सेनाओं की औसत आयु कम करना और उन्हें अधिक युवा बनाना है।
अपने इंटरव्यू में जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि कुछ विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मियों का अनुभव बेहद महत्वपूर्ण होता है।
उन्होंने एयर डिफेंस, ड्रोन ऑपरेशन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया।
इन क्षेत्रों में जवानों को प्रशिक्षित करने में समय और संसाधन दोनों लगते हैं। इसलिए सेना लगातार इस बात का अध्ययन कर रही है कि भविष्य में इन क्षेत्रों की जरूरतों को कैसे बेहतर तरीके से पूरा किया जाए। (Agniveer Viral Notification)
सेवा के बाद अग्निवीरों के अवसर
सेना प्रमुख ने उन अग्निवीरों का भी उल्लेख किया जो चार साल बाद नियमित सेवा में शामिल नहीं हो पाते।
उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं को सम्मानजनक अवसर मिलना चाहिए ताकि वे अपने अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ देश के अन्य क्षेत्रों में भी दे सकें।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अग्निपथ योजना केवल सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई है, बल्कि युवाओं के भविष्य को भी ध्यान में रखा गया है। (Agniveer Viral Notification)
जानकारी की आधिकारिक स्रोतों से करें जांच
अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों की जांच करें।
सेना से जुड़े किसी भी नियम, भर्ती प्रक्रिया या योजना में बदलाव की जानकारी आधिकारिक वेबसाइटों और अधिकृत सरकारी प्लेटफॉर्म पर जारी की जाती है। ऐसे में सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों और स्क्रीनशॉट्स को भरोसा करना कई बार भ्रम पैदा कर सकता है।
अग्निपथ योजना में फिलहाल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखने का प्रावधान लागू है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यह जरूर कहा है कि भविष्य में अनुभव और जरूरत के आधार पर इस प्रतिशत पर विचार किया जा सकता है, लेकिन उन्होंने किसी नई संख्या की घोषणा नहीं की है। (Agniveer Viral Notification)


