HomeIndian ArmyExclusive: अग्निवीरों के रिस्क और हार्डशिप अलाउंस में 25% तक बढ़ोतरी, सियाचिन...

Exclusive: अग्निवीरों के रिस्क और हार्डशिप अलाउंस में 25% तक बढ़ोतरी, सियाचिन में तैनात जवानों को ज्यादा भत्ता

इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर्स ऑफ मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (आर्मी), एडजुटेंट जनरल ब्रांच की तरफ से जारी एडवाइजरी में अग्निपथ स्कीम 2022 के तहत सेवा दे रहे अग्निवीरों को मुश्किल और खतरे वाली जगहों की पोस्टिंग्स पर ज्यादा भत्ते देने की बात कही है...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 12 May, 2026, 2:05 PM

Agniveers Risk-Hardship Allowance Hike 2026: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए बड़ा अपडेट है। भारतीय सेना ने अग्निवीरों के लिए बड़ा आर्थिक राहत पैकेज लागू किया है। सेना मुख्यालय से जारी एडवाइजरी में अग्निवीरों के ड्रेस अलाउंस और रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस में बढ़ोतरी की गई है। बता दें कि अग्निपथ योजना लागू होने के बाद पहली बार अग्निवीरों के लिए इतने बड़े स्तर पर जोखिम भत्तों में संशोधन देखने को मिला है।

इंटीग्रेटेड हेडक्वार्टर्स ऑफ मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (आर्मी), एडजुटेंट जनरल ब्रांच की तरफ से जारी एडवाइजरी में अग्निपथ स्कीम 2022 के तहत सेवा दे रहे अग्निवीरों को मुश्किल और खतरे वाली जगहों की पोस्टिंग्स पर ज्यादा भत्ते देने की बात कही है। डॉक्यूमेंट में सियाचिन, हाई एल्टीट्यूड एरिया, काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन, फील्ड एरिया और स्पेशल फोर्सेस जैसी तैनातियों पर मिलने वाले भत्तों के नए रेट्स शामिल हैं।

Agniveers Risk-Hardship Allowance Hike 2026: क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव

अग्निपथ योजना लागू होने के बाद से लगातार यह बहस होती रही कि चार साल की सेवा अवधि में अग्निवीरों को कितनी आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। सरकार पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी थी कि अग्निवीरों को बेसिक सैलरी के अलावा रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस, राशन, ट्रैवल अलाउंस और सेवा निधि पैकेज भी दिया जाएगा। लेकिन अब पहली बार इन अतिरिक्त भत्तों में बड़े स्तर पर संशोधन किया गया है।

सेना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से कठिन इलाकों में तैनात अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता बढ़ाने पर विचार चल रहा था। खासकर सियाचिन, लद्दाख, एलओसी, एलएसी और काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन वाले इलाकों में काम कर रहे जवानों की परिस्थितियों को देखते हुए यह बदलाव जरूरी माना गया।

सेना के अंदर यह भी माना जा रहा है कि इससे अग्निवीरों का मनोबल बढ़ेगा।

सियाचिन अलाउंस में सबसे बड़ा बदलाव

एडवाइजरी में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सियाचिन अलाउंस में देखने को मिली है। नए ऑर्डर के मुताबिक सियाचिन में तैनात अग्निवीरों को मिलने वाला अलाउंस 30 हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 37,500 रुपये कर दिया गया है। सियाचिन अलाउंस में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है।

यह भी पढ़ें:  Army Chief Sri Lanka Visit: 2021 के बाद श्रीलंका दौरे पर जाएंगे सेना प्रमुख, पहली बार दी ‘ऑपरेशन पवन’ के शहीदों को आधिकारिक श्रद्धांजलि

सियाचिन को दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र माना जाता है। यहां तापमान कई बार माइनस 40 से माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऑक्सीजन की कमी, बर्फीले तूफान और ग्लेशियर की खतरनाक परिस्थितियों के बीच सैनिकों को लंबे समय तक तैनात रहना पड़ता है। ऐसे में यहां मिलने वाला भत्ता सेना में सबसे कठिन पोस्टिंग्स में गिना जाता है।

सेना के पूर्व अधिकारियों का कहना है कि सियाचिन में ड्यूटी करना केवल सैन्य चुनौती नहीं बल्कि शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर बेहद कठिन होता है। ऐसे में अग्निवीरों को मिलने वाली अतिरिक्त राशि उनके परिवारों के लिए भी बड़ी राहत मानी जा रही है।

हाई एल्टीट्यूड और स्पेशल फोर्सेस अलाउंस भी बढ़ा

एडवाइजरी में हाई एल्टीट्यूड कैटेगरी-3 और स्पेशल फोर्सेस अलाउंस में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले यह राशि 17,300 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 21,625 रुपये कर दिया गया है।

यह भत्ता उन जवानों को मिलता है जो 14 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात होते हैं। लद्दाख, पूर्वी लद्दाख और कुछ अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में यह कैटेगरी लागू होती है। इसके अलावा स्पेशल फोर्सेस में सेवा देने वाले जवानों को भी यह अलाउंस दिया जाता है।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन, बेहद ठंडे मौसम और सीमित संसाधनों के बीच ड्यूटी करना सामान्य फील्ड पोस्टिंग से काफी अलग माना जाता है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे इलाकों में लंबे समय तक रहने से शरीर पर गंभीर असर पड़ता है। इसलिए इन पोस्टिंग्स पर अतिरिक्त भत्ता दिया जाता है।

एलओसी और काउंटर इंसर्जेंसी इलाकों में भी राहत

जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर जैसे इलाकों में एक्टिव फील्ड एरिया और काउंटर इंसर्जेंसी ऑपरेशन में लगे जवानों के लिए भी भत्ते बढ़ाए गए हैं। एडवाइजरी के अनुसार पहले जहां यह अलाउंस 9,700 रुपये था, अब इसे बढ़ाकर 12,125 रुपये किया गया है।

ये वे इलाके होते हैं जहां आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, घुसपैठ रोधी कार्रवाई और लगातार सैन्य सतर्कता बनी रहती है। एलओसी और संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में जवानों को लंबे समय तक हाई अलर्ट पर रहना पड़ता है।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पोस्टिंग्स में शारीरिक जोखिम के साथ मानसिक दबाव भी काफी ज्यादा होता है। ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक सहायता को सेना की वेलफेयर पॉलिसी का हिस्सा माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें:  Rolls Royce Indian Navy: भारतीय नौसेना के साथ मिलकर देश का पहला इलेक्ट्रिक वॉरशिप बना चाहती है रोल्स-रॉयस, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए भी तैयार

फील्ड एरिया और पैरा अलाउंस में भी इजाफा

एडवाइजरी में फील्ड एरिया अलाउंस, सीआई ऑपरेशन पीस एरिया अलाउंस और पैरा अलाउंस में भी संशोधन किया गया है। पहले यह राशि 6 हजार रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 7,500 रुपये किया गया है।

यह अलाउंस उन जवानों को मिलता है जो सामान्य फील्ड पोस्टिंग या पैरा यूनिट्स में तैनात होते हैं। सेना सूत्रों का कहना है कि यह कैटेगरी भले सबसे कठिन न मानी जाए, लेकिन यहां भी जवानों को सामान्य शांति क्षेत्र की तुलना में अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

हाई एल्टीट्यूड और टफ लोकेशन कैटेगरी में बदलाव

हाई एल्टीट्यूड कैटेगरी-2 और टफ लोकेशन अलाउंस-1 में भी 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। पहले यह राशि 4,100 रुपये थी, जिसे अब 5,125 रुपये किया गया है।

इसी तरह हाई एल्टीट्यूड कैटेगरी-1 और टफ लोकेशन अलाउंस-2 को 2,700 रुपये से बढ़ाकर 3,375 रुपये किया गया है।

ये अलाउंस उन इलाकों में तैनात जवानों को मिलते हैं जहां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां सामान्य से कठिन होती हैं, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा जोखिम वाली श्रेणी में नहीं रखा जाता।

टफ लोकेशन अलाउंस-3 में भी बढ़ोतरी

कम जोखिम वाले लेकिन चुनौतीपूर्ण इलाकों के लिए मिलने वाले टफ लोकेशन अलाउंस-3 को भी बढ़ाया गया है। यह पहले एक हजार रुपये था और अब 1250 रुपये कर दिया गया है।

हालांकि राशि अपेक्षाकृत कम है, लेकिन सेना में इसे भी एक महत्वपूर्ण संशोधन माना जा रहा है। लगभग सभी कैटेगरी में एक समान 25 प्रतिशत वृद्धि लागू की गई है।

मॉडिफाइड फील्ड एरिया अलाउंस भी बढ़ा

एडवाइजरी में मॉडिफाइड फील्ड एरिया और काउंटर इंसर्जेंसी मॉडिफाइड फील्ड एरिया अलाउंस में भी संशोधन शामिल है। पहले जहां मॉडिफाइड फील्ड एरिया अलाउंस 3,600 रुपये था, अब इसे बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया है।

इसी तरह काउंटर इंसर्जेंसी मॉडिफाइड फील्ड एरिया अलाउंस 7,469 रुपये से बढ़ाकर 9,336 रुपये किया गया है।

ये वे इलाके होते हैं जहां पूरी तरह सक्रिय युद्ध जैसी स्थिति नहीं होती, लेकिन सुरक्षा जोखिम और ऑपरेशनल दबाव बना रहता है।

ड्रेस अलाउंस में भी 25 फीसदी बढ़ोतरी

सेना ने केवल रिस्क अलाउंस ही नहीं, बल्कि ड्रेस अलाउंस में भी बढ़ोतरी की है। पहले अग्निवीरों को सालाना 10 हजार रुपये ड्रेस अलाउंस मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 12,500 रुपये कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें:  Dhanush Artillery Guns: 'स्वदेशी' फायरपावर से लैस हुई भारतीय सेना, LAC से LOC तक 'धनुष' का जलवा, कैसे देश ने बोफोर्स घोटाले से लिया सबक?

यह राशि यूनिफॉर्म, बूट्स, बैज और दूसरी सैन्य जरूरतों के रखरखाव के लिए दी जाती है। सेना सूत्रों का कहना है कि बढ़ती कीमतों और कठिन पोस्टिंग्स को देखते हुए इस राशि में संशोधन जरूरी माना गया।

दावा करने के लिए क्या करना होगा

एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बढ़े हुए भत्तों का लाभ पाने के लिए सही दस्तावेज जरूरी होंगे। पोस्टिंग ऑर्डर, संबंधित आरएच मैट्रिक्स कैटेगरी और यूनिट सर्टिफिकेशन जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

सेना मुख्यालय ने यूनिट्स को निर्देश दिया है कि इस जानकारी को सैनिक सम्मेलन और रोल कॉल के जरिए नीचे तक पहुंचाया जाए ताकि सभी पात्र अग्निवीरों को इसकी जानकारी मिल सके।

8वें वेतन आयोग से पहले क्यों अहम माना जा रहा कदम

वहीं, इस बदलाव को 8वें वेतन आयोग से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि यह बदलाव सभी अग्निवीरों के लिए समान वेतन वृद्धि नहीं है। इसका लाभ केवल उन्हीं जवानों को मिलेगा जो संबंधित कैटेगरी की पोस्टिंग में तैनात हैं।

पूर्व सैन्य अधिकारियों का कहना है कि सेना में लंबे समय से यह व्यवस्था रही है कि कठिन और जोखिम भरी पोस्टिंग्स के लिए अतिरिक्त भत्ते दिए जाएं। अग्निवीरों को भी उसी ढांचे में शामिल करना जरूरी था ताकि ऑपरेशनल ड्यूटी में कोई असमानता महसूस न हो। वहीं, इससे अग्निपथ योजना के तहत वेलफेयर स्ट्रक्चर को भी मजबूती मिलेगी।

Author

  • Herry Photo

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
हरेंद्र चौधरी
हरेंद्र चौधरी
हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular