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94वें स्थापना दिवस पर IAF चीफ बोले- ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने देखी वायुसेना की असली ताकत, AI और स्पेस डोमेन पर फोकस

एयर चीफ ने पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख करते कहा कि इस अभियान के दौरान पूरी दुनिया ने भारतीय वायुसेना की गति, सटीकता और ऑपरेशनल क्षमता को करीब से देखा...

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📍गाजियाबाद | 8 Oct, 2026, 10:53 AM

94th IAF Day 2026: भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के मौके पर एयर चीफ मार्शल ने वायुसेना की उपलब्धियों, बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल, ऑपरेशन सिंदूर, नई तकनीकों, आत्मनिर्भरता और भविष्य की युद्ध तैयारियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना आज दुनिया की सबसे सक्षम और प्रोफेशनल एयर फोर्स में शामिल है और इसकी असली ताकत केवल आधुनिक विमान नहीं बल्कि इसके वायु योद्धा हैं।

एयर चीफ ने पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख करते कहा कि इस अभियान के दौरान पूरी दुनिया ने भारतीय वायुसेना की गति, सटीकता और ऑपरेशनल क्षमता को करीब से देखा।

94th IAF Day 2026: 1932 से शुरू हुआ था भारतीय वायुसेना का सफर

एयर चीफ मार्शल ने कहा कि भारतीय वायुसेना की शुरुआत 1932 में केवल चार विमानों के साथ हुई थी। आज यह एक नेटवर्क-सेंट्रिक और मल्टी-डोमेन फोर्स के रूप में विकसित हो चुकी है। उन्होंने कहा, “आज जब हम अपने इतिहास की ओर देखते हैं, तो भारतीय वायुसेना दृढ़ संकल्प, साहस और नवाचार का जीवंत उदाहरण दिखाई देती है।”

उन्होंने सभी पूर्व वायु योद्धाओं, शहीदों और वेटरन्स को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्हीं के योगदान और बलिदान ने आज की मजबूत वायुसेना की नींव रखी है।

94th IAF Day 2026
Chief of Air Staff Air Chief Marshal AP Singh

ऑपरेशन सिंदूर का किया विशेष उल्लेख

अपने संबोधन में एयर चीफ ने सबसे अहम बात ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कही। उन्होंने कहा कि पिछले साल पूरी दुनिया ने देखा कि भारतीय वायुसेना कितनी तेजी से कॉम्बैट ऑपरेशंस में उतरी।

उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक क्षमता और एयर डिफेंस ऑपरेशंस दोनों का प्रभावी प्रदर्शन देखने को मिला।”

एयर चीफ ने कहा कि वायुसेना का मंत्र “इनफैलिबल, इम्परवियस एंड प्रिसाइस” केवल एक टैगलाइन नहीं है बल्कि यह भारतीय वायुसेना की ताकत, तैयारी और संकल्प का प्रतीक है।

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ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने साफ किया कि आधुनिक युद्ध में सफलता केवल हथियारों से नहीं बल्कि तेज निर्णय क्षमता, सटीक कार्रवाई और जॉइंट मिलिट्री कॉर्डिनेशन से मिलती है। (94th IAF Day 2026)

बदलती दुनिया में एयर पावर की बढ़ी अहमियत

एयर चीफ ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया तेजी से बदल रही है। कई क्षेत्रों में नए संघर्ष उभर रहे हैं और भू-राजनीतिक चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा में एयर पावर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने कहा, “भारतीय वायुसेना अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह समझती है और हर स्थिति से निपटने के लिए हमेशा तैयार रहती है।” (94th IAF Day 2026)

युद्ध की तैयारी का आधार है ट्रेनिंग

एयर चीफ मार्शल ने कहा कि किसी भी एयर फोर्स की असली ताकत उसके विमानों से नहीं बल्कि उसकी ऑपरेशनल रेडीनेस से मापी जाती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना का सिद्धांत है “वी ट्रेन ऐज वी फाइट।” इसका मतलब है कि एयरक्रू और ग्राउंड क्रू को उसी स्तर का प्रशिक्षण दिया जाता है जैसा उन्हें वास्तविक मिशन में करना होता है।

उन्होंने बताया कि वायुसेना लगातार रियलिस्टिक एक्सरसाइज के जरिए अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रही है। चाहे देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा हो, आपदा राहत अभियान हो या फिर किसी सैन्य कार्रवाई का संचालन, सभी मिशनों के लिए नियमित तैयारी की जाती है। (94th IAF Day 2026)

94th IAF Day 2026

वायुशक्ति, ड्रोनाथॉन और तरंग शक्ति पर फोकस

एयर चीफ ने कहा कि इस साल वायुसेना ने अपनी युद्धक तैयारियों को मजबूत करने के लिए कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें एक्सरसाइज वायुशक्ति, ड्रोनाथॉन और बहुराष्ट्रीय एयर एक्सरसाइज तरंग शक्ति प्रमुख हैं।

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उन्होंने कहा कि इन अभ्यासों का उद्देश्य केवल युद्धक क्षमता का परीक्षण करना नहीं, बल्कि नई तकनीकों को तेजी से ऑपरेशनल सिस्टम में शामिल करना भी है। (94th IAF Day 2026)

एआई, ड्रोन और हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी पर काम

भारतीय वायुसेना तेजी से नई तकनीकों को अपना रही है। एयर चीफ ने कहा कि अब युद्ध का स्वरूप बदल रहा है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोनॉमी तथा डिजिटल इनोवेशन नई भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एआई का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में डेटा का विश्लेषण करने और कमांडरों को बेहतर निर्णय लेने में मदद देने के लिए किया जा रहा है।

साथ ही मानव नियंत्रण को बनाए रखते हुए ऑटोनॉमस सिस्टम भी विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वायुसेना का लक्ष्य टेक्नोलॉजी से सशक्त लेकिन ह्यूमन-सेंट्रिक मिलिट्री फोर्स तैयार करना है। (94th IAF Day 2026)

आत्मनिर्भरता बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता

एयर चीफ ने कहा कि भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण का सबसे महत्वपूर्ण आधार आत्मनिर्भरता है। उन्होंने बताया कि तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए), एचटीटी-40 ट्रेनर, ध्रुव और प्रचंड हेलीकॉप्टर, अस्त्र मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल इसी सोच का परिणाम हैं।

उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीकों को तेजी से अपनाना वायुसेना की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। (94th IAF Day 2026)

94th IAF Day 2026

अंतरिक्ष क्षेत्र में भी बढ़ रही भूमिका

एयर चीफ ने कहा कि अब अंतरिक्ष को वायु क्षेत्र का स्वाभाविक विस्तार माना जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना इसरो और अन्य घरेलू अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

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गगनयान मिशन में भी वायुसेना की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अंतरिक्ष आधारित क्षमताएं सैन्य अभियानों का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। (94th IAF Day 2026)

आपदा राहत और मानवीय मिशनों में भी सक्रिय

भारतीय वायुसेना केवल युद्धक अभियानों तक सीमित नहीं है। एयर चीफ ने कहा कि बाढ़, जंगल की आग और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान वायुसेना ने लोगों की जान बचाने और राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत ने विदेशों में भी मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के माध्यम से “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना को आगे बढ़ाया है। (94th IAF Day 2026)

तीनों सेनाओं के बीच बढ़ रहा समन्वय

एयर चीफ ने कहा कि आधुनिक युद्ध में सफलता के लिए संयुक्त सैन्य संचालन बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना, भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के बीच लगातार समन्वय बढ़ रहा है। तीनों सेनाएं संयुक्त योजना, संसाधनों के आदान-प्रदान और इंटीग्रेटेड ऑपरेशन्स पर काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि इससे इंटरऑपरेबिलिटी मजबूत होती है और सैन्य उद्देश्यों को अधिक प्रभावी तरीके से हासिल किया जा सकता है। (94th IAF Day 2026)

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  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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