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रक्षा मंत्री बोले- दुश्मन को चौंकाने की रणनीति पर काम करें सेनाएं, ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया भारत का ‘न्यू मिलिट्री मॉडल’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की “कलेक्टिव रिजॉल्व” यानी राष्ट्रीय संकल्प और नई सैन्य सोच को दुनिया के सामने रखा...

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📍नई दिल्ली/जयपुर | 8 May, 2026, 6:49 PM

Operation Sindoor New War Strategy: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेना की सोच और तैयारी को पूरी तरह से बदल दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने के मौके पर जयपुर में आयोजित जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026 में रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि इसके जरिए भारत ने दुनिया को अपनी नई सैन्य ताकत और रणनीति से परिचित कराया।

Operation Sindoor New War Strategy: आधुनिक युद्ध के लिए तैयार भारत

उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन कम समय का था, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा रहा। भारतीय सेनाओं ने बेहद तेज, सटीक और संयुक्त तरीके से कार्रवाई करते हुए दुश्मन को झुकने पर मजबूर कर दिया। रक्षा मंत्री के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत अब आधुनिक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है।

जयपुर में हुई इस कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में तीनों सेनाओं के टॉप कमांडर्स शामिल हुए। जयपुर में हुई इस कॉन्फ्रेंस में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत और रक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

इस बैठक में भविष्य के युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर खतरे, डेटा आधारित युद्ध, स्पेस और मल्टी डोमेन ऑपरेशन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

“ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई सैन्य सोच का प्रतीक”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की “कलेक्टिव रिजॉल्व” यानी राष्ट्रीय संकल्प और नई सैन्य सोच को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने इसे “शॉर्ट ड्यूरेशन, डीप पेनिट्रेशन, हाई इंटेंसिटी और हाई इम्पैक्ट ऑपरेशन” बताया।

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रक्षा मंत्री के मुताबिक भारतीय सेनाओं ने बेहद कम समय में पाकिस्तान में अंदर तक पहुंचकर सटीक कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन इस बात का उदाहरण है कि तीनों सेनाएं अब पहले की तुलना में ज्यादा तालमेल के साथ काम कर रही हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर भारत की तेज, सटीक और संयुक्त सैन्य प्रतिक्रिया का उदाहरण है। इसने दिखाया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने में सक्षम है।”

Operation Sindoor New War Strategy
Raksha Mantri Rajnath Singh

बदल रहा है युद्ध का तरीका

रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब सिर्फ टैंक, मिसाइल और लड़ाकू विमान ही निर्णायक नहीं रह गए हैं। आधुनिक युद्ध में डेटा, साइबर नेटवर्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस टेक्नोलॉजी की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में युद्ध “हाइब्रिड थ्रेट” से प्रभावित होंगे। यानी दुश्मन केवल सीमा पर हमला नहीं करेगा, बल्कि साइबर अटैक, फेक इंफॉर्मेशन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और डेटा नेटवर्क को भी निशाना बना सकता है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि अब युद्ध जमीन, समुद्र और हवा तक सीमित नहीं रह गया है। साइबर, स्पेस, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और कॉग्निटिव डोमेन भी युद्ध का हिस्सा बन चुके हैं।

एआई और ऑटोनॉमस सिस्टम पर जोर

कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री ने सेना को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम और ऑटोनॉमस प्लेटफॉर्म पर तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत को एआई, डेटा एनालिटिक्स और सिक्योर कम्युनिकेशन नेटवर्क में अपनी क्षमता बढ़ानी होगी।

उनके मुताबिक आधुनिक युद्ध में वही देश आगे रहेगा जिसके पास बेहतर डेटा, तेज कम्युनिकेशन और स्मार्ट सिस्टम होंगे। उन्होंने कहा कि सेना को ऐसे सिस्टम तैयार करने होंगे जो दुश्मन की गतिविधियों की रियल टाइम जानकारी दे सकें और तेजी से निर्णय लेने में मदद करें।

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रक्षा मंत्री ने की जॉइंटनेस और इंटीग्रेशन की तारीफ

राजनाथ सिंह ने कहा कि आने वाले समय की लड़ाई केवल हथियारों की ताकत से नहीं जीती जाएगी। उन्होंने कहा कि नई सोच, बेहतर तालमेल और तकनीक का सही इस्तेमाल सबसे बड़ा हथियार होगा।

उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बढ़ते जॉइंटनेस और इंटीग्रेशन की तारीफ की। रक्षा मंत्री ने कहा कि अब सेना, नौसेना और वायुसेना पहले की तरह अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साझा नेटवर्क के रूप में काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा, “भविष्य की जंग केवल हथियारों से नहीं, बल्कि इनोवेटिव सोच और बेहतर तालमेल से जीती जाएगी।”

दुश्मन को चौंकाने की रणनीति पर जोर

रक्षा मंत्री ने कमांडरों से कहा कि आधुनिक युद्ध में “एलिमेंट ऑफ सरप्राइज” यानी दुश्मन को चौंकाने की क्षमता बेहद अहम है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं को हमेशा ऐसा कदम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए जिसकी दुश्मन को उम्मीद न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सेनाओं को दुश्मन की रणनीति को समझकर उससे “दो कदम आगे” रहना होगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि युद्ध के दौरान अप्रत्याशित तरीके से कार्रवाई करना रणनीतिक बढ़त दिलाता है।

ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री भी जारी

कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर बनी एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी जारी की। इस फिल्म में ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेनाओं की तैयारी, समन्वय और कार्रवाई को दिखाया गया।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह फिल्म भारतीय सेनाओं की ऑपरेशनल तैयारी और निर्णायक प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाती है।

इसके साथ ही “विजन 2047” का हिंदी संस्करण और “जॉइंट डॉक्ट्रिन फॉर इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन आर्किटेक्चर” भी जारी किया।

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अधिकारियों के अनुसार यह डॉक्ट्रिन भविष्य के मल्टी डोमेन ऑपरेशन के दौरान तीनों सेनाओं के बीच बेहतर कम्युनिकेशन और तालमेल बनाने में मदद करेगी।

साइबर और क्वांटम खतरों पर भी चर्चा

कॉन्फ्रेंस में साइबर सुरक्षा को लेकर भी लंबी चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में साइबर अटैक सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं।

बैठक में क्वांटम टेक्नोलॉजी और एआई आधारित साइबर खतरों से निपटने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक सेना अब ऐसे सिस्टम विकसित कर रही है जो दुश्मन के साइबर हमलों से सैन्य नेटवर्क और कम्युनिकेशन सिस्टम को सुरक्षित रख सकें।

मल्टी डोमेन ऑपरेशन पर फोकस

इस बार की कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय “मिलिट्री कैपेबिलिटी इन न्यू डोमेन्स” रखा गया था। इसमें मल्टी डोमेन ऑपरेशन पर खास जोर दिया गया।

सेना के अधिकारियों ने बताया कि अब युद्ध के दौरान जमीन, समुद्र, हवा, साइबर और स्पेस में एक साथ कार्रवाई की जरूरत होगी। इसी वजह से भारतीय सेना तेजी से डेटा सेंट्रिक और नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर की तरफ बढ़ रही है।

बैठक में इंटेलिजेंस फ्यूजन, ऑपरेशनल प्लानिंग और इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट से जुड़े एडवांस सिस्टम्स का प्रदर्शन भी किया गया।

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  • News Desk

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