Tag: Network Centric Warfare

झांसी पहुंचकर आर्मी कमांडर ने देखी ‘शौर्य स्क्वाड्रन’, व्हाइट टाइगर डिवीजन में शोकेस किए गए न्यू जनरेशन वेपंस

शौर्य स्क्वाड्रन का कॉन्सैप्ट पहली बार मार्च 2026 में आयोजित एक्सरसाइज अमोघ ज्वाला के दौरान सामने आया था। यह अभ्यास झांसी स्थित बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया गया था...

Explainer: क्या है भारतीय सेना का नया ड्रोन कमांड स्ट्रक्चर? अश्नि प्लाटून से बाज बटालियन तक ऐसे बदलेगी युद्ध की तस्वीर

यूक्रेन युद्ध में छोटे एफपीवी ड्रोन ने महंगे टैंक, आर्मर्ड व्हीकल्स और कमांड पोस्ट तक को निशाना बनाया। इसी युद्ध ने दुनिया की सेनाओं को यह समझाया कि ड्रोन को अलग हथियार नहीं बल्कि पूरी मिलिट्री स्ट्रक्चर का हिस्सा बनाना होगा...

1 जुलाई से भारतीय सेना में नया वॉर मॉडल! 6 मेजर जनरल ने संभाली नई कॉम्बैट IBG और फायर सपोर्ट ग्रुप की कमान

पूर्वी मोर्चे पर चीन की चुनौती को देखते हुए 17 माउंटेन स्ट्राइक कोर (ब्रह्मास्त्र कोर) के तहत पहली बार कई कॉम्बैट आईबीजी को ऑपरेशनल रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही इन नई फॉर्मेशनों की कमान संभालने के लिए 6 नए मेजर जनरल स्तर के अधिकारियों की भी नियुक्ति की जा रही है...

भारतीय वायु सेना ला रही है खास ‘अग्नि’ सिमुलेटर सिस्टम, पायलट करेंगे दुश्मन के ड्रोन, मिसाइल और एयर अटैक की लाइव प्रैक्टिस

'अग्नि' सिस्टम का मुख्य काम युद्ध जैसे हालात बनाकर अधिकारियों को ट्रेनिंग देना है। इसमें फाइटर पायलट, एयर डिफेंस कंट्रोलर और ग्राउंड वॉर प्लानर एक साथ अभ्यास करेंगे...

रक्षा मंत्री बोले- दुश्मन को चौंकाने की रणनीति पर काम करें सेनाएं, ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया भारत का ‘न्यू मिलिट्री मॉडल’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की “कलेक्टिव रिजॉल्व” यानी राष्ट्रीय संकल्प और नई सैन्य सोच को दुनिया के सामने रखा...

सेना कर रही ‘सुपर कंट्रोल सिस्टम’ बनाने की तैयारी, “डिजिटल दिमाग” से जुड़ेंगे टैंक, मिसाइल और आर्टिलरी

ब्रिगेड स्तर पर इस सिस्टम को टेस्ट किया जाएगा। इसमें 155 मिमी बोफोर्स गन और स्मर्च रॉकेट सिस्टम को जोड़कर देखा जाएगा कि सिस्टम कैसे काम करता है। अगर यह सफल रहा तो इसे धीरे-धीरे पूरे आर्मी स्तर पर लागू किया जाएगा...

पोखरण में भारतीय सेना की ‘अग्नि वर्षा’, रेगिस्तान में टैंक, ड्रोन और हेलीकॉप्टर्स ने दिखाई मल्टी-डोमेन ताकत

इस अभ्यास में सेना ने दिखाया कि असली युद्ध में अलग-अलग यूनिट्स कैसे मिलकर काम करती हैं...

महाजन रेंज में सेना की सबसे बड़ी हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट एक्सरसाइज, ड्रोन, टैंक और अपाचे दिखे एक साथ

इस अभ्यास में सेना के जवानों के साथ-साथ कई तरह के हेलीकॉप्टर भी इस अभ्यास का हिस्सा बने। चेतक हेलीकॉप्टर, एमआई-17, अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और एएलएच रुद्र ने मिलकर ऑपरेशन किया...

IAF IACCS modernisation: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना का बड़ा कदम, डिफेंस शील्ड अब होगा और ज्यादा घातक

इस अपग्रेड का सबसे बड़ा मकसद है बियॉन्ड विजुअल रेंज इंटरसेप्शन। अब एयरफोर्स सिर्फ उन टारगेट्स पर निर्भर नहीं रहेगी, जो पायलट को दिखाई दे रहे हों...