HomeDefence Newsथिएटर कमांड पर बड़ा फैसला जल्द! रक्षा मंत्री के सामने पूरी योजना...

थिएटर कमांड पर बड़ा फैसला जल्द! रक्षा मंत्री के सामने पूरी योजना रखेंगे CDS राजा सुब्रमणि

पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान अपने कार्यकाल के आखिरी दिनो में इसका अंतिम मसौदा रक्षा मंत्रालय को सौंप चुके थे। अब नए सीडीएस उसी प्रस्ताव को रक्षा मंत्री और अन्य संबंधित पक्षों के सामने विस्तार से रखेंगे, ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 13 Jul, 2026, 12:03 PM

Integrated Theatre Commands: भारतीय सेनाओं में सबसे बड़ा सैन्य सुधार माने जा रहे थिएटर कमांड को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) बने जनरल एनएस राजा सुब्रमणि इस महीने के आखिर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने थिएटर कमांड की पूरी योजना पर विस्तृत प्रस्तुति देंगे। रक्षा मंत्री की मंजूरी मिलने के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान अपने कार्यकाल के अंतिम दिन इसका अंतिम मसौदा रक्षा मंत्रालय को सौंप चुके थे। अब नए सीडीएस उसी प्रस्ताव को रक्षा मंत्री और अन्य संबंधित पक्षों के सामने विस्तार से रखेंगे, ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

Integrated Theatre Commands: क्षा मंत्री की मंजूरी के बाद सीसीएस में जाएगा प्रस्ताव

सूत्रों के मुताबिक, इस महीने के आखिर में होने वाले प्रेजेंटेशन के दौरान जनरल राजा सुब्रमणि थिएटर कमांड की पूरी रूपरेखा, कमांड स्ट्रक्चर, जिम्मेदारियों के बंटवारे और ऑपरेशनल सिस्टम पर रक्षा मंत्री को जानकारी देंगे।

अगर रक्षा मंत्री इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तो इसे अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा। वहीं से इस सैन्य सुधार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

लागू होने में लग सकते हैं 18 से 24 महीने

अप्रैल 2026 में आयोजित ‘रण संवाद‘ कार्यक्रम में जनरल चौहान ने कहा कि थिएटर कमांड पर सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच पूरी सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि नई व्यवस्था लागू होने के बाद तीनों सेना प्रमुखों की कुछ जिम्मेदारियां बदलेंगी। इसके बावजूद सभी सेवा प्रमुख देश के बड़े हित को ध्यान में रखते हुए इस सुधार के लिए तैयार हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी माना कि नई व्यवस्था को लागू करने के तरीके को लेकर कुछ व्यावहारिक मुद्दे हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू करते समय सुलझाया जाएगा।

यह भी पढ़ें:  Indian Army Winter Operations: How Troops Are Fighting Terror and Denying Militants Shelter in Sub-Zero Cold

वहीं, मई 2026 में ‘कलम एंड कवच’ कार्यक्रम के दौरान जनरल चौहान ने कहा कि मिलिट्री की तरफ से थिएटर कमांड पर पूरा काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया था कि अंतिम रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंप दी गई है और अब आगे की प्रक्रिया सरकार के स्तर पर पूरी की जानी है।

वहीं, रिपोर्ट सौंपने के बाद 31 मई को रिटायर होने से पहले जनरल चौहान ने कहा था कि सैन्य सुधार कोई एक बार होने वाला काम नहीं है, बल्कि यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। जनरल चौहान ने कहा था कि सरकार की मंजूरी मिलने के बाद थिएटर कमांड व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने में लगभग 18 से 24 महीने लग सकते हैं।

उन्होंने बताया था कि मौजूदा 17 सैन्य कमांड को एक साथ नहीं बदला जाएगा। उनका पुनर्गठन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, ताकि नई व्यवस्था बिना किसी व्यवधान के लागू की जा सके।

बनाए जाएंगे तीन नए थिएटर कमांड

मौजूदा समय में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की अपनी-अपनी अलग कमांड हैं। किसी बड़े सैन्य अभियान के दौरान तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बनाकर काम करना पड़ता है। थिएटर कमांड व्यवस्था में किसी एक क्षेत्र की जिम्मेदारी एक ही कमांडर के पास होगी और उसके अधीन तीनों सेनाओं की ताकत एक साथ काम करेगी।

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था में तीन बड़े थिएटर कमांड बनाए जाएंगे। इनमें उत्तरी थिएटर कमांड चीन से लगने वाली सीमा की जिम्मेदारी संभालेगा, पश्चिमी थिएटर कमांड पाकिस्तान से जुड़े मोर्चे पर काम करेगा, जबकि मैरीटाइम थिएटर कमांड हिंद महासागर क्षेत्र और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अभियानों की जिम्मेदारी संभालेगा। अंडमान एवं निकोबार कमांड को भी समुद्री ढांचे के साथ जोड़े जाने का प्रस्ताव है। (Integrated Theatre Commands)

चार नए फोर-स्टार पद बनाने की तैयारी

योजना के तहत तीन थिएटर कमांडरों के अलावा वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (वीसीडीएस) का एक नया चार-स्टार पद भी बनाया जाएगा। चारों अधिकारी वर्तमान सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख के बराबर रैंक के होंगे।

सूत्रों के मुताबिक, थिएटर कमांडर किसी भी सैन्य अभियान के दौरान सीधे रक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे। वहीं तीनों सेना प्रमुखों की भूमिका मुख्य रूप से सैनिकों की भर्ती, प्रशिक्षण, संसाधनों के रखरखाव और बलों को तैयार रखने तक सीमित रहेगी।

यह भी पढ़ें:  IDS चीफ एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित बोले- हथियार बनाना काफी नहीं, सिस्टम पर होना चाहिए पूरा कंट्रोल

योजना में यह भी सुझाव दिया गया है कि भविष्य में सीडीएस का पद तीनों सेनाओं के बीच बारी-बारी से दिया जा सकता है, ताकि सभी सेवाओं को समान प्रतिनिधित्व मिले।

नौकरशाही में भी चल रही है चर्चा

सूत्रों के अनुसार, चार नए फोर-स्टार अधिकारियों के पद बनाए जाने को लेकर रक्षा मंत्रालय और सैन्य-नौकरशाही के स्तर पर भी विचार-विमर्श हुआ है। इन अधिकारियों का दर्जा मौजूदा सेवा प्रमुखों के बराबर होगा। कुछ अधिकारियों का मानना है कि शीर्ष स्तर पर पदों की संख्या बढ़ने से प्रशासनिक ढांचा बड़ा हो सकता है।

हालांकि सैन्य अधिकारियों का तर्क है कि यदि थिएटर कमांडर सर्विस चीफ से नीचे रैंक के होंगे तो उनके लिए स्वतंत्र रूप से संयुक्त अभियान चलाना कठिन हो जाएगा। इसलिए थिएटर कमांडरों को समान स्तर का दर्जा देना जरूरी माना जा रहा है। (Integrated Theatre Commands)

जॉइंट ऑपरेशंस सेंटर भी तैयार

जनरल अनिल चौहान ने 4 मई 2026 को यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन (USI) में दिए गए लेक्चर में स्पष्ट रूप से घोषणा की थी कि ट्राई-सर्विस जॉइंट ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (JOCC) मई 2026 के अंत तक चालू कर दिया जाएगा।

योजना के तहत इस सेंटर का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच वास्तविक समय में सूचना साझा करना और संयुक्त समन्वय स्थापित करना है। जॉइंट ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर को थिएटर कमांड्स का पूर्वाभ्यास या बिल्डिंग ब्लॉक माना जा रहा है। जब तीन थिएटर कमांड्स (नॉर्दर्न, वेस्टर्न और मैरिटाइम) बन जाएंगे, तब जॉइंट ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर उनके बीच समन्वय और राष्ट्रीय स्तर पर ओवरसाइट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसमें आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के अधिकारी और विशेषज्ञ इसमें साथ काम करेंगे। साथ ही यह आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, डेटा फ्यूजन और कम्युनिकेशन नेटवर्क से लैस होगा।

कई सालों से चल रही है तैयारी

साल 2019 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद बनाए जाने के बाद थिएटर कमांड को ले कर तेजी से काम हुआ। पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने इस योजना की बुनियाद रखी थी। उनके निधन के बाद दूसरे सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभियान, संचार व्यवस्था और खुफिया समन्वय को मजबूत करने पर काम किया। अब जनरल राजा सुब्रमणि के सामने इस पूरी योजना को अंतिम मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है। (Integrated Theatre Commands)

यह भी पढ़ें:  Underwater Surveillance: रक्षा मंत्रालय और कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स में करार, नौसेना के लिए बनाएगी एडवांस अंडरवाटर सिस्टम

सेना और नौसेना समर्थन में, वायुसेना की कुछ चिंताएं

हालांकि सेना और नौसेना इस सुधार के पक्ष में हैं, लेकिन वायुसेना ने कुछ व्यावहारिक चिंताएं उठाई हैं। वायुसेना का मानना है कि भारत के पास उपलब्ध लड़ाकू विमान और हवाई संसाधन सीमित हैं। यदि इन्हें अलग-अलग थिएटर कमांड में स्थायी रूप से बांट दिया गया तो जरूरत पड़ने पर उनका लचीला इस्तेमाल प्रभावित हो सकता है।

इसी वजह से थिएटर कमांड की संरचना, संसाधनों के बंटवारे और संचालन के तरीके पर कई दौर की चर्चा हो चुकी है। अंतिम मसौदे में इन बिंदुओं को भी शामिल किया गया है।

तीनों सेनाओं की ताकत एक कमांड के तहत

प्रस्तावित व्यवस्था में किसी भी क्षेत्र में तैनात सेना, नौसेना और वायुसेना की इकाइयां एक ही थिएटर कमांडर के नियंत्रण में रहेंगी। इससे अभियान के दौरान अलग-अलग मुख्यालयों से मंजूरी लेने की जरूरत कम होगी और निर्णय तेजी से लिए जा सकेंगे।

सूत्रों का कहना है कि इसी उद्देश्य से पिछले कुछ सालों में तीनों सेनाओं के बीच जॉइंट कम्युनिकेशन सिस्टम, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त सैन्य अभ्यासों पर लगातार जोर दिया गया है। (Integrated Theatre Commands)

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular

Recent Comments