📍नई दिल्ली | 9 Oct, 2026, 6:19 PM
Apache Helicopter Grounding: अमेरिकी सेना ने अपने एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला हेलीकॉप्टर के इम्प्रूव्ड ड्राइव सिस्टम (आईडीएस) ट्रांसमिशन में संभावित तकनीकी खराबी सामने आने के बाद लिया गया। हालांकि अमेरिकी सेना ने हेलीकॉप्टरों की सही संख्या और उड़ानें दोबारा शुरू होने की तारीख सार्वजनिक नहीं की है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में करीब 400 हेलीकॉप्टरों को ग्राउंड किया गया है।
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अपाचे अमेरिकी सेना के प्रमुख अटैक हेलीकॉप्टरों में शामिल है। इसका इस्तेमाल दुश्मन के टैंकों, बख्तरबंद वाहनों और अन्य सैन्य ठिकानों पर हमलों के लिए किया जाता है। वहीं, भारतीय सेना और वायुसेना के पास भी एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर हैं।
Apache Helicopter Grounding: ट्रांसमिशन में आई खराबी
अमेरिकी सेना के मुताबिक, आईडीएस ट्रांसमिशन वाले एएच-64ई अपाचे की उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी रोक लगा दी गई है। इस दौरान हेलीकॉप्टरों की जांच की जाएगी और जरूरी सुधार किए जाएंगे। सेना ने यह भी कहा कि यह कदम पहले जारी किए गए उड़ान सुरक्षा निर्देशों, निरीक्षण के नतीजों, रखरखाव से जुड़ी रिपोर्टों और इंजीनियरिंग एनालिसिस के बाद उठाया है।
ट्रांसमिशन हेलीकॉप्टर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह इंजन से पैदा होने वाली पावर को रोटर तक पहुंचाने में मदद करता है। मुख्य रोटर हेलीकॉप्टर को हवा में उठाता है, जबकि टेल रोटर उड़ान के दौरान उसकी दिशा और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मई 2026 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना के एक आंतरिक सुरक्षा दस्तावेज में आईडीएस मेन ट्रांसमिशन के कुछ हिस्सों में आंतरिक खराबी की आशंका जताई गई थी। इस खराबी के चलते एक्सेसरी गियरबॉक्स की ड्राइव बंद हो सकती है। इससे टेल रोटर का थ्रस्ट, इलेक्ट्रिकल पावर और हाइड्रोलिक सिस्टम पर असर पड़ने की संभावना जताई गई थी।
वहीं, अगर टेल रोटर की पावर चली जाती है, तो हेलीकॉप्टर के लिए डायरेक्शन पर कंट्रोल बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। वहीं, हाइड्रोलिक और इलेक्ट्रिकल सिस्टम प्रभावित होने से फ्लाइट कंट्रोल और अन्य जरूरी सिस्टम्स के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है। (Apache Helicopter Grounding)
क्या भारतीय अपाचे पर भी पड़ेगा असर?
भारत के पास भी एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर हैं। भारतीय वायुसेना ने 22 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदे थे, जिनकी डिलीवरी 2019 से शुरू हुई। ये हेलीकॉप्टर पठानकोट स्थित 125 हेलीकॉप्टर स्क्वाड्रन सहित वायुसेना की युनिट्स में इस्तेमाल किए जाते हैं।
इसके अलावा भारतीय सेना के पास छह एएच-64ई अपाचे हैं। इनकी डिलीवरी दिसंबर 2025 में पूरी हुई थी। सेना के अपाचे जोधपुर स्थित 451 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन से जुड़े हैं। भारतीय हेलीकॉप्टर भी एएच-64ई कैटेगरी के हैं और इनमें इसी मॉडल से जुड़ी ड्राइव सिस्टम तकनीक इस्तेमाल होती है। हालांकि सूत्रों ने अभी तक भारतीय सेना या भारतीय वायुसेना के अपाचे हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगाने की कोई पुष्टि नहीं है। (Apache Helicopter Grounding)
अमेरिकी सेना के पास लगभग 700 अपाचे हेलीकॉप्टर
अमेरिकी सेना ने यह नहीं बताया कि कितने हेलीकॉप्टरों की उड़ानें रोकी गई हैं। लेकिन, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में लगभग 400 अपाचे हेलीकॉप्टरों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।
अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस की सितंबर 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 में अमेरिकी सेना के पास लगभग 700 अपाचे हेलीकॉप्टर थे। वहीं, अगर 400 हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगाई जाती है, तो बेड़े का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है।
अमेरिकी सेना ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि निरीक्षण और मरम्मत का काम पूरा होने में कितना समय लगेगा। लेकिन मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि कुछ हेलीकॉप्टरों की जांच और सुधार की प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं। (Apache Helicopter Grounding)
अगस्त में भी रोकी गई थीं उड़ानें
अपाचे हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर यह रोक ऐसे समय लगी है, जब अगस्त 2026 में भी अमेरिकी सेना ने एक दुर्घटना के बाद अपाचे की ट्रेनिंग उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी थीं।
12 अगस्त को टेक्सास के फोर्ट हूड के पास एएच-64 अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में दोनों सैनिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद सेना ने लगभग एक सप्ताह तक अपाचे हेलीकॉप्टरों की ट्रेनिंग उड़ानों को रोक लगा दी थी।
हालांकि, शुरुआती जांच में दुर्घटना में मौजूदा आईडीएस ट्रांसमिशन की समस्या नहीं थी। लेकिन रिपोर्टों में यह कहा गया कि दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर पुराना वैरिएंट था।
इस साल अपाचे से जुड़ी अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। मार्च में अलबामा के फोर्ट रकर में ट्रेनिंग के दौरान एक एएच-64ई दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें चालक दल के दो सदस्य घायल हो गए थे। अप्रैल में अलबामा में मेंटेनेंस दिक्कतों के चलते एक अपाचे को एहतियातन उतारा गया था। मई में दक्षिण कोरिया के सियोल से लगभग 40 मील दक्षिण में एक अपाचे ने धान के खेत में एहतियाती लैंडिंग की थी। इन दोनों घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं थी। इन घटनाओं के कारण अपाचे की तकनीकी जांच और रखरखाव को लेकर सवाल उठे हैं। (Apache Helicopter Grounding)
एएच-64ई अपाचे का इम्प्रूव्ड ड्राइव सिस्टम क्या है?
एएच-64ई अपाचे, जिसे पहले एएच-64डी ब्लॉक-3 के नाम से जाना जाता था, हेलीकॉप्टर का एडवांस वर्जन है। इसमें इंजन, एवियोनिक्स, सेंसर और ड्राइव सिस्टम में कई सुधार किए गए हैं।
इस हेलीकॉप्टर में दो जनरल इलेक्ट्रिक टी700-जीई-701डी इंजन लगे होते हैं। इनसे मिलने वाली पावर को ट्रांसमिशन के जरिए मुख्य रोटर तक पहुंचाया जाता है। आईडीएस इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसका डिजाइन हेलीकॉप्टर की हैवी स्ट्रक्चर और कॉम्बैट इक्विपमेंट्स के साथ बेहतर परफॉरमेंस सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
अपाचे का इस्तेमाल मुख्य रूप से दुश्मन के टैंक, बख्तरबंद वाहनों और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। इसमें आधुनिक सेंसर, नाइट-विजन सिस्टम और हथियारों को निशाना बनाने के लिए फायर कंट्रोल सिस्टम मौजूद हैं। (Apache Helicopter Grounding)
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