Tag: Drone Warfare
झांसी पहुंचकर आर्मी कमांडर ने देखी ‘शौर्य स्क्वाड्रन’, व्हाइट टाइगर डिवीजन में शोकेस किए गए न्यू जनरेशन वेपंस
शौर्य स्क्वाड्रन का कॉन्सैप्ट पहली बार मार्च 2026 में आयोजित एक्सरसाइज अमोघ ज्वाला के दौरान सामने आया था। यह अभ्यास झांसी स्थित बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया गया था...
भारतीय सेना का नया प्लान, 1,000 किमी दूर तक हमला करने वाले स्वदेशी ड्रोन होंगे शामिल, बिना GPS करेंगे काम
यह पूरा प्रोजेक्ट लॉन्ग रेंज लॉइटर म्यूनिशन (एलआरएलएम) प्रोग्रााम के तहत शुरू किया गया है। इसे डिफेंस प्रोक्योरमेंट पॉलिसी में मेक-2 कैटेगरी में आगे बढ़ाया जा रहा है...
आर्मी चीफ का अधिकारियों को पहला बड़ा संदेश, ‘अफसर खुद निकालें समाधान’, हर यूनिट युद्ध के लिए रहे तैयार
जनरल सेठ ने लिखा कि हमारी तैयारी हमेशा ऐसी होनी चाहिए कि यदि ऑपरेशन सिंदूर 2.0 या ऑपरेशन स्नो लेपर्ड 2.0 जैसी कोई भी चुनौती सामने आए, तो सेना तुरंत कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार हो...
भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएंगे 850 वन-वे अटैक ड्रोन, Tata-Nibe ने लगाई सबसे कम बोली
वन-वे अटैक ड्रोन को लॉइटरिंग म्यूनिशन या कामिकाजे ड्रोन भी कहा जाता है। यह सर्विलांस ड्रोन से अलग होते हैं। इनका उद्देश्य केवल जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि टारगेट पर सीधे हमला करना होता है...
Explainer: क्या है भारतीय सेना का नया ड्रोन कमांड स्ट्रक्चर? अश्नि प्लाटून से बाज बटालियन तक ऐसे बदलेगी युद्ध की तस्वीर
यूक्रेन युद्ध में छोटे एफपीवी ड्रोन ने महंगे टैंक, आर्मर्ड व्हीकल्स और कमांड पोस्ट तक को निशाना बनाया। इसी युद्ध ने दुनिया की सेनाओं को यह समझाया कि ड्रोन को अलग हथियार नहीं बल्कि पूरी मिलिट्री स्ट्रक्चर का हिस्सा बनाना होगा...
Explainer: MUM-T की तरफ बढ़ रही भारतीय सेना, स्पेशल ड्रोन फोर्स बाज बटालियन का पूरा ब्लूप्रिंट आया सामने!
बाज बटालियन भारतीय सेना के डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम का हिस्सा है। इसी कार्यक्रम के तहत सेना रुद्र ब्रिगेड, भैरव बटालियन, शक्तिबाण आर्टिलरी रेजिमेंट और नेटवर्क आधारित युद्ध प्रणाली पर भी काम कर रही है...
भारतीय सेना की कमान संभालते ही जनरल धीरज सेठ के सामने टॉप-10 चुनौतियां, जानिए किन मोर्चों पर होगी असली परीक्षा?
भारतीय सेना के 31वें सेना प्रमुख के तौर पर जनरल धीरज सेठ ने ऐसे समय में कमान संभाली है, जब सेना का लक्ष्य खुद को आत्मनिर्भर और भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह तैयार करना है...
ड्रोन से डेटा वॉर तक…कैसे जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 2 साल में भारतीय सेना को बनाया फ्यूचर-रेडी फोर्स?
जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। उनके दो साल के कार्यकाल को सेना में सबसे तेज तकनीकी बदलावों के दौर के रूप में देखा जा रहा है। यही वजह है कि उन्हें "ड्रोन जनरल" या "ड्रोन चीफ ऑफ इंडिया" जैसे नामों से भी संबोधित किया जा रहा है...
ड्रोन अटैक से बचेंगी भारतीय सेना की तोपें! फॉरवर्ड एरिया में तैनात पहली बार टोड आर्टिलरी गनों पर लगाया ये खास ‘जुगाड़’, देखें वीडियो
भारतीय सेना के पास कई तरह की टोड 155 मिलीमीटर आर्टिलरी गनें हैं, जिन्हें ट्रकों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है। इन गनों में सेल्फ-प्रोपेल्ड गनों की तरह आर्मर्ड सिक्युरिटी नहीं होती...
IAF का बड़ा फैसला; भारतीय वायुसेना खुद बनाएगी 30 किग्री वारहेड वाला लंबी दूरी का घातक कामिकेज ड्रोन
वायुसेना ने जिस ड्रोन की मांग की है वह फिक्स्ड विंग डिजाइन पर आधारित होगा। इसका मतलब है कि यह छोटे क्वाडकॉप्टर ड्रोन की तरह नहीं बल्कि एक छोटे विमान की तरह उड़ान भरेगा...
सेना की एयर डिफेंस ट्रेनिंग में बड़ा बदलाव! मल्टीरोटर कॉप्टर, स्वॉर्म ड्रोन और रॉकेट पर प्रैक्टिस करेंगे जवान
भारतीय सेना अब एयर डिफेंस ट्रेनिंग को केवल पारंपरिक टारगेट्स तक सीमित नहीं रखना चाहती। बदलते युद्धक्षेत्र में ड्रोन, स्वॉर्म और हीट सिग्नेचर आधारित खतरों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनिंग स्ट्रक्चर को उसी स्तर पर ढालने की तैयारी की जा रही है...
भारतीय सेना को मिले 106 ‘अग्निवेग’! 180 किमी दूर दुश्मन के ठिकाने होंगे तबाह, रूसी लेंसेट और इजराइली हारोप को देगा टक्कर!
इन ड्रोन का नाम पीसकीपर (अग्निवेग) रखा गया है। यह एक जेट इंजन से चलने वाला लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम है, जिसे आम भाषा में कामिकेज ड्रोन भी कहा जाता है...
