Tag: drone technology
क्यों “शाहबाज डिविजन है अजीत”, क्यों है भारतीय सेना की सबसे घातक RAPID फॉर्मेशन?
शाहबाज डिविजन भारतीय सेना की 36 इन्फैंट्री डिविजन (RAPID) है। इसका पूरा नाम रीऑर्गेनाइज्ड आर्मी प्लेन्स इन्फैंट्री डिविजन है। यह भारतीय सेना की सुदर्शन चक्र कोर (XXI Corps) का हिस्सा है...
चिकन नेक से LAC तक, पूर्वोत्तर में जनरल धीरज सेठ ने तीन अहम कोर की तैयारियों का लिया जायजा
इससे पहले जनरल धीरज सेठ ने पश्चिम बंगाल के सुकना स्थित त्रिशक्ति कोर (XXXIII Corps) और नागालैंड के दीमापुर स्थित स्पीयर कोर (III Corps) का दौरा किया था...
भारत में पहली बार पूरी तरह स्वदेशी ड्रोन इंजन लाइन तैयार! वेक्टर टेक्निक्स बनाएगी हर साल 3 लाख UAV प्रोपल्शन यूनिट
कंपनी ने दावा किया है कि उसने 60 सीसी, 170 सीसी और 210 सीसी बॉक्सर टाइप इंटरनल कंबशन इंजन डेवलप किए हैं। ये इंजन मुख्य रूप से हाइब्रिड-वीटीओएल और फिक्स्ड विंग यूएवी के लिए बनाए गए हैं...
भारतीय नौसेना के लिए आएगा स्मार्ट मल्टी-कॉप्टर सर्विलांस ड्रोन, 20 किलोमीटर दूर से 30 टारगेट्स पर एक साथ रखेगा नजर
यह ड्रोन भारतीय नौसेना के तटीय ठिकानों, नौसैनिक अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण परिसरों की लगातार निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा...
डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख डॉ. वी.के. सारस्वत बने डी-प्रोपल्स के चेयरमैन, ड्रोन और मिसाइल इंजन तकनीक पर करेंगे मार्गदर्शन
डॉ. वी.के. सारस्वत देश के जाने-माने रक्षा वैज्ञानिक हैं। वह पहले डीआरडीओ के प्रमुख और सचिव रह चुके हैं। वह नीति आयोग के सदस्य भी रहे हैं। उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण सम्मान मिल चुका है...
अब नहीं होंगे ड्रोन क्रैश! रक्षा मंत्रालय ने शुरू की नई स्वदेशी पहल, पैराशूट खोलकर सुरक्षित उतरेंगे UAV
ड्रोन तकनीक जितनी उपयोगी है, उससे जुड़े जोखिम भी उतने ही गंभीर हैं। उड़ान के दौरान बैटरी खराब होना, मोटर फेल होना, जीपीएस सिग्नल खोना या किसी तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन अचानक जमीन पर गिर सकता है...
भारत के इस ड्रोन को मिला DGCA सर्टिफिकेट, अब करेगा मैपिंग से लेकर निगरानी तक बड़े मिशन
भारत में किसी भी ड्रोन को बड़े स्तर पर सरकारी या कमर्शियल इस्तेमाल के लिए डीजीसीए टाइप सर्टिफिकेशन जरूरी माना जाता है...
भारत-यूएई मिलकर बनाएंगे ड्रोन, मिसाइल और AI वेपंस! हैदराबाद में बनेंगी विदेशी स्नाइपर राइफल
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस फ्रेमवर्क में डिफेंस इंडस्ट्रियल कोलैबोरेशन, इनोवेशन, एडवांस टेक्नोलॉजी, संयुक्त सैन्य अभ्यास, ट्रेनिंग, एजुकेशन, स्पेशल ऑपरेशन, इंटरऑपरेबिलिटी, मैरीटाइम सिक्योरिटी, साइबर डिफेंस और इंफॉर्मेशन एक्सचेंज जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं...
एयरफोर्स चीफ बोले- ड्रोन अब सिर्फ ‘आंखें’ नहीं, बन चुके हैं आसमान के ‘पंजे’, C-UAS को बताया “बिल्ली और चूहे के खेल”
एयर चीफ ने कहा कि पहले ड्रोन को केवल “आंखें” माना जाता था, यानी उनका मुख्य काम निगरानी और जानकारी जुटाना होता था। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं...
क्या है चीन का ‘Atelasi’ ड्रोन सिस्टम? जो LAC पर बढ़ा सकता है भारत के लिए चुनौती!
पश्चिम एशिया युद्ध में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर तैनात अमेरिका का एडवांस्ड ई-3 सेंट्री AWACS विमान सिर्फ 29 ड्रोन और कुछ बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले में नष्ट हो गया था। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले कितने प्रभावी हो सकते हैं...
भारतीय सेना को मिले 500 से ज्यादा ये खास ड्रोन, बिना जीपीएस भी करेंगे काम
ये ड्रोन खास तौर पर ऐसे इलाकों के लिए बनाए गए हैं जहां इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर का खतरा ज्यादा होता है। यानी दुश्मन रेडियो सिग्नल को जैम करने या सिस्टम को भ्रमित करने की कोशिश कर सकता है...
RUAV-200 ड्रोन को देखने पहुंचे आर्मी चीफ, स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड में भरी उड़ान
RUAV-200 यानी रोटरी अनमैन्ड एरियल व्हीकल, यह एक ऐसा ड्रोन है जो हेलीकॉप्टर की तरह उड़ता है और बिना पायलट के ऑपरेट होता है। इसे खास तौर पर निगरानी, जानकारी जुटाने और टारगेट पहचान जैसे कामों के लिए तैयार किया गया है...
