HomeDefence Newsडिफेंस पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत, खत्म हुई CSD कार्ड की सबसे...

डिफेंस पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत, खत्म हुई CSD कार्ड की सबसे बड़ी परेशानी, अब ऐसे करा सकेंगे रिन्यू

रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी इस आदेश के बाद उन बुजुर्ग पेंशनर्स को सबसे ज्यादा राहत मिलने वाली है, जो रिटायरमेंट के बाद दूसरे शहरों या राज्यों में जाकर बस गए हैं...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 26 May, 2026, 1:13 PM

CSD Card Renewal: देश के लाखों पूर्व सैनिकों और डिफेंस पेंशनर्स के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। रक्षा मंत्रालय ने नया सर्कुलर जारी कर साफ कर दिया है कि अब सीएसडी यानी कैंटीन सर्विसेज डिपार्टमेंट स्मार्ट कार्ड का रिन्यूअल देश के किसी भी हिस्से से कराया जा सकेगा। अब रिटायर सैनिकों और उनके परिवारों को अपने पुराने यूनिट या पैरेंट यूनिट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी इस आदेश के बाद उन बुजुर्ग पेंशनर्स को सबसे ज्यादा राहत मिलने वाली है, जो रिटायरमेंट के बाद दूसरे शहरों या राज्यों में जाकर बस गए हैं। कई पूर्व सैनिक लंबे समय से इस समस्या को उठा रहे थे कि कार्ड रिन्यू कराने के लिए उन्हें सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने पुराने यूनिट तक जाना पड़ता था। अब सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है।

हाल ही में रक्षा समाचार के संवाददाता को भी नए बने कतर्व्य भवन में एक ऐसे ही बुजुर्ग महावीर सिंह मिले थे, जिन्होंने इस प्रक्रिया की शिकायत की थी। आगरा से दिल्ली आए 90 साल के बुजुर्ग महावीर सिंह 30 साल पहले दिल्ली से डिफेंस सर्विसेज से रिटायर हुए थे। उन्होंने बताया था कि उन्हें भी कहा गया है वे जहां से वे रिटायर हुए हैं, उन्हें वहीं से दस्तखत कराने होंगे। उनका कहना था कि वे अपने पोतों के साथ दिल्ली आए हैं और वो दफ्तर खोज रहे हैं, जहां से वे रिटायर हुए थे। क्योंकि वो दफ्तर अब कहीं और शिफ्ट हो चुका है और अब उनका कोई संपर्क नहीं है। वे बस दफ्तरों की दौड़ लगा रहे हैं। कहीं कोई सही से बताने वाला नहीं है, जो जैसा बता देता है, वे वहां पहुंच जाते हैं। वे निराश हैं कि कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिसके बाद रक्षा समाचार ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर इस आदेश के बारे में जानकारी दी थी। संबंधित अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही इस समस्या का हल निकाला जाएगा।

CSD Card Renewal: 19 मई को जारी हुआ सर्कुलर

रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टरेट ऑफ ऑर्डनेंस (कोऑर्डिनेशन एंड सर्विसेज) के वेलफेयर सेक्शन की ओर से 19 मई को यह सर्कुलर जारी किया गया। यह आदेश कोलकाता स्थित कार्यालय से जारी हुआ है।

यह भी पढ़ें:  वेस्ट एशिया तनाव पर केंद्र सरकार की बड़ी बैठक, समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए बनाया ‘भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल’

सर्कुलर में कहा गया है कि मंत्रालय के पास लगातार ऐसी शिकायतें पहुंच रही थीं कि कई पेंशनर्स को सीएसडी कार्ड रिन्यू कराने में परेशानी हो रही है। कुछ अधिकारियों की तरफ से यह कहा जा रहा था कि पेंशनर पहले अपने पैरेंट यूनिट से अनुमति या एंडोर्समेंट लेकर आएं। इसी वजह से कई लोगों के कार्ड समय पर रिन्यू नहीं हो पा रहे थे।

रक्षा मंत्रालय ने साफ किया कि रिटायरमेंट के बाद कोई भी पूर्व सैनिक देश के किसी भी हिस्से में बस सकता है। ऐसे में उसका नया निवास स्थान सीएसडी कार्ड रिन्यू कराने में बाधा नहीं बनना चाहिए। मंत्रालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में रहने वाले योग्य पेंशनर्स के कार्ड रिन्यूअल आवेदन स्वीकार करें और जरूरी दस्तावेज जांचने के बाद प्रक्रिया पूरी करें। (CSD Card Renewal)

क्या होता है CSD कार्ड

सीएसडी यानी कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट रक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाली एक विशेष सुविधा है। इसका फायदा सेना, नौसेना, वायु सेना, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को मिलता है।

इस कार्ड की मदद से लाभार्थी कैंटीन से कई सामान बाजार कीमत से कम दाम पर खरीद सकते हैं। इनमें राशन, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण, बाइक, कार और दूसरी जरूरी चीजें शामिल होती हैं।

पूर्व सैनिकों के लिए यह सुविधा काफी अहम मानी जाती है, क्योंकि इससे उनका मासिक खर्च कम होता है। खासकर महंगाई के दौर में सीएसडी कैंटीन से मिलने वाली छूट बड़ी राहत देती है। (CSD Card Renewal)

रिटायरमेंट के बाद शुरू होती थी परेशानी

कई सैनिक रिटायरमेंट के बाद अपने गांव लौट जाते हैं। कुछ लोग बच्चों के पास दूसरे शहरों में रहने लगते हैं। ऐसे में उनका पुरानी यूनिट उनसे काफी दूर हो जाती है।

पहले जब सीएसडी कार्ड की वैधता खत्म होती थी, तब कई जगहों पर अधिकारियों की तरफ से कहा जाता था कि कार्ड रिन्यू कराने के लिए संबंधित व्यक्ति को अपने मूल यूनिट से सत्यापन कराना होगा।

इस वजह से बुजुर्ग पेंशनर्स को लंबी यात्रा करनी पड़ती थी। कई लोगों को ट्रेन टिकट, होटल और दूसरे खर्च उठाने पड़ते थे। कुछ ऐसे भी मामले सामने आए जहां 75-80 साल के बुजुर्ग पूर्व सैनिक केवल कार्ड रिन्यू कराने के लिए दूसरे राज्यों तक गए।

यह भी पढ़ें:  Explained: क्या है DRDO का विक्रम VT-21 प्लेटफॉर्म? जो भारतीय इन्फैंट्री को बनाएगा दुनिया में सबसे घातक

पूर्व सैनिक संगठनों ने कई बार इस मुद्दे को उठाया था। सोशल मीडिया पर भी कई शिकायतें सामने आई थीं। कई पेंशनर्स का कहना था कि कार्ड एक्सपायर होने के बाद उन्हें कैंटीन सुविधा नहीं मिल रही थी। (CSD Card Renewal)

CSD Card Renewal
AI-Generated Image

मंत्रालय ने क्या निर्देश दिए

सर्कुलर में साफ शब्दों में कहा गया है कि किसी भी पेंशनर को केवल इसलिए रिन्यूअल से वंचित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वह अपने पैरेंट यूनिट से दूर रह रहा है।

यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है। दस्तावेज पर स्टाफ ऑफिसर वेलफेयर माधुपर्णा रॉय के हस्ताक्षर हैं।

सर्कुलर में रक्षा मंत्रालय ने सभी सीएमडी, यूनिट हेड्स, डीपीएसयू अधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे पेंशनर्स की मदद करें।

अब अगर कोई पूर्व सैनिक अपने इलाके में मौजूद किसी यूनिट, डिपो या कार्यालय में आवेदन देता है, तो वहां के अधिकारी जरूरी दस्तावेज देखकर कार्ड रिन्यू कर सकेंगे।

इसके लिए पेंशन पेमेंट ऑर्डर यानी पीपीओ, ई-पीपीओ और दूसरे जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। सही पाए जाने पर आवेदन को काउंटर साइन और एंडोर्स किया जाएगा। (CSD Card Renewal)

अब क्या करना होगा पेंशनर्स को

रक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद अब पूर्व सैनिक अपने नजदीकी सीएसडी कार्यालय या संबंधित रक्षा यूनिट से संपर्क कर सकते हैं।

नई व्यवस्था के तहत पेंशनर अपने नजदीकी कार्यालय में जाकर आवेदन दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें पुराना सीएसडी कार्ड, पीपीओ, पहचान पत्र, पता प्रमाण और जरूरी दस्तावेज दिखाने होंगे।

दस्तावेजों की जांच के बाद अधिकारी आवेदन को मंजूरी देंगे और कार्ड रिन्यू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कई जगहों पर यह प्रक्रिया पहले से डिजिटल हो चुकी है। इसलिए अब पहले की तुलना में काम तेजी से होने की उम्मीद है।

अगर किसी का कार्ड एक्सपायर होने वाला है या पहले से समाप्त हो चुका है, तो वह जरूरी दस्तावेज लेकर आवेदन कर सकता है।

इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि लंबी दूरी की यात्रा और अनावश्यक देरी जैसी परेशानियां काफी कम हो जाएंगी। (CSD Card Renewal)

यह भी पढ़ें:  114 राफेल डील की आहट के बीच फ्रांस से नई डिफेंस पार्टनरशिप, अब भारत में बनेगी HAMMER मिसाइल!

बुजुर्ग पेंशनर्स को सबसे ज्यादा राहत

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को होगा जो स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई पूर्व सैनिक पहाड़ी इलाकों, गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में रहते हैं। वहां से पुराने यूनिट तक पहुंचना काफी मुश्किल होता है। कई विधवा महिलाएं भी कार्ड रिन्यू कराने में परेशानी का सामना करती थीं।

अब उन्हें केवल अपने नजदीकी सीएसडी कार्यालय या संबंधित यूनिट तक जाना होगा। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

भारत में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और डिफेंस पेंशनर्स रहते हैं। इनमें सेना, नौसेना, वायु सेना और रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े लोग शामिल हैं।

सीएसडी सुविधा का इस्तेमाल लाखों परिवार करते हैं। ऐसे में यह फैसला काफी बड़े स्तर पर असर डालने वाला माना जा रहा है। क्योंकि लंबे समय से इस बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी। कई बार केवल प्रक्रिया की वजह से पेंशनर्स को परेशान होना पड़ता था। (CSD Card Renewal)

पूर्व सैनिक संगठनों ने जताई खुशी

सर्कुलर सामने आने के बाद पूर्व सैनिक संगठनों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। एक पूर्व सैनिक संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि यह फैसला लंबे समय से उठाई जा रही मांग को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्ग सैनिक केवल प्रक्रिया की वजह से परेशान हो रहे थे। अब उन्हें राहत मिलेगी।

कुछ संगठनों ने यह भी कहा कि इसी तरह ईसीएचएस और दूसरी सैन्य सुविधाओं में भी प्रक्रियाएं आसान बनाई जानी चाहिए। (CSD Card Renewal)

Author

  • Herry Photo

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
हरेंद्र चौधरी
हरेंद्र चौधरी
हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

Most Popular