Tag: Defence Technology
भारत आएगी मिड-एयर एडवांस्ड रिफ्यूलिंग तकनीक, पारस डिफेंस ने किया नॉर्थस्टार के साथ समझौता
मिड-एयर रिफ्यूलिंग सिस्टम से किसी भी एयरक्राफ्ट की रेंज और एंड्योरेंस बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि वह ज्यादा दूरी तक जा सकता है और लंबे समय तक ऑपरेशन कर सकता है...
अब भारत में ही होगा तेजस इंजन रिपेयर! F404 इंजन के लिए भारत में खास फैसिलिटी बनाएगा GE
इस समझौते के तहत देश में एफ-404-आईएन20 इंजन के लिए एक इन-कंट्री डिपो तैयार किया जाएगा। इस डिपो को ऑपरेट और मेंटेन भारतीय वायुसेना करेगी...
IDS चीफ एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित बोले- हथियार बनाना काफी नहीं, सिस्टम पर होना चाहिए पूरा कंट्रोल
एयर मार्शल दीक्षित ने यह भी बताया कि भारतीय सेनाओं के “थियेटराइजेशन” यानी तीनों सेनाओं को एक साथ जोड़कर काम करने की योजना पर 90 प्रतिशत से ज्यादा सहमति बन चुकी है...
रक्षा मंत्रालय की बड़ी मंजूरी, ‘वीराज’ एंटी-टैंक स्मार्ट माइन और एयर-ड्रॉप्ड ड्रोन स्वार्म सिस्टम को दी हरी झंडी!
नई ‘वीराज’ माइन को ज्यादा एडवांस बनाने की योजना है। इसमें सेंसर आधारित सिस्टम हो सकता है, जो टैंक या भारी वाहन की हलचल को पहचान सके। इसके अलावा इसमें सेल्फ-न्यूट्रलाइजेशन जैसी क्षमता भी हो सकती है...
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग में बड़ा कदम, हथियार खरीद से आगे बढ़कर अब को-प्रोडक्शन पर फोकस!
इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रक्षा उपकरणों के को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन को लेकर चर्चा रहा। दोनों देशों ने ऐसे क्षेत्रों की पहचान की, जहां मिलकर आधुनिक हथियार और तकनीक विकसित की जा सकती है...
भारतीय सेना के ‘रक्षा त्रिवेणी संगम’ में जुटेंगे सेना-स्टार्टअप और इंडस्ट्री, ड्रोन, AI और नई टेक्नोलॉजी पर फोकस
यह सिम्पोजियम भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड और सेंट्रल कमांड मिलकर आयोजित कर रही हैं। इसमें सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) भी सहयोग कर रही है...
EXPLAINER: क्या टेलीमेडिसिन से जवानों की बचेगी जान? ISRO की मदद से कैसे फ्रंटलाइन पर बैठे सैनिकों तक पहुंचेगा डॉक्टर!
हाल ही में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर इसरो के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू साइन किया है। इस समझौते के तहत पहले से मौजूद टेलीमेडिसिन सिस्टम को मजबूत किया जाएगा और नए सेंटर भी जोड़े जाएंगे...
एयरक्राफ्ट कैरियर के डेक पर पड़ा बोल्ट भी बन सकता है बड़ा खतरा! नहीं होगी FOD वॉक की जरूरत! AI करेगा मदद
अब तक इन खतरों से बचने के लिए सेलर्स को फ्लाइट ऑपरेशन से पहले डेक पर पैदल चलकर जांच करनी पड़ती थी। इसे फॉरेन ऑब्जेक्ट डेब्रिस वॉक कहा जाता है...
भारतीय वायुसेना कर रही मॉडर्न वॉरफेयर को लेकर बड़ी तैयारी, खरीदेगी AI-बेस्ड हाई-टेक वॉरगेमिंग सिमुलेटर
यह एक आधुनिक डिजिटल ट्रेनिंग सिस्टम है, या सीधे शब्दों में कहें तो यह एक वर्चुअल युद्ध का मैदान है, जहां भारतीय वायुसेना के अधिकारी बिना कोई जोखिम उठाए, असली युद्ध के लिए खुद को तैयार करते हैं...
गेमचेंजर है जापान का नया एयरक्राफ्ट EC-2, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में दुश्मन के रडार को कर देगा ब्लाइंड
EC-2 विमान की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्टैंड-ऑफ जैमिंग क्षमता है। इसका मतलब है कि यह विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की सीमा से बाहर रहकर ही उसके रडार और कम्युनिकेशन नेटवर्क को जाम कर सकता है...
ईरान ने पहली बार दागी ‘डांसिंग मिसाइल’ सेज्जिल, 7 मिनट में 2000 किमी दूर तक मार
इस मिसाइल के इस्तेमाल के बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं पर नई चर्चा शुरू हो गई है। यह मिसाइल करीब 2000–2500 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखती है और इसे बहुत जल्दी लॉन्च किया जा सकता है...
भारतीय सेना के डिप्टी चीफ बोले- AI से तेज हुए युद्ध के फैसले, लेकिन 10 प्रतिशत गलती भी पड़ सकती है भारी
"एआई पर पूरी तरह निर्भर होना भी खतरनाक हो सकता है। एआई सिस्टम डेटा के आधार पर निर्णय सुझाते हैं। लेकिन युद्ध के मैदान में डेटा हमेशा साफ और सही नहीं होता। धूल, धुआं, छलावा, दुश्मन की चाल और कई अन्य कारकों के कारण सेंसर और सिस्टम कभी-कभी गलत जानकारी भी दे सकते हैं"