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SPx Server V2: मॉडर्न वारफेयर के लिए कैम्ब्रिज पिक्सेल ने किया रडार टेक्नोलॉजी में बड़ा अपग्रेड, टारगेट ट्रैकिंग में AI करेगा मदद

SPx Server V2 दरअसल एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो रडार से आने वाले डेटा को समझने, उसे प्रोसेस करने और टारगेट को ट्रैक करने में मदद करता है...

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📍नई दिल्ली/कैम्ब्रिज | 1 May, 2026, 5:44 PM

SPx Server V2: यूनाइटेड किंगडम की रडार टेक्नोलॉजी कंपनी कैम्ब्रिज पिक्सेल ने अपने चर्चित रडार ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर का नया वर्जन SPx Server V2 लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक यह पहले से इस्तेमाल हो रहे सिस्टम का बड़ा अपग्रेड है, जिसमें कई नई क्षमताएं जोड़ी गई हैं। यह सॉफ्टवेयर पहले से ही दुनिया के कई डिफेंस, सिक्योरिटी और मैरीटाइम प्लेटफॉर्म्स में इस्तेमाल हो रहा है और अब इसमें कई नई क्षमताएं जोड़ी गई हैं। यह सॉफ्टवेयर दुनिया भर में रडार डेटा प्रोसेसिंग, टारगेट ट्रैकिंग और सर्विलांस के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

क्या है SPx Server V2 और क्यों है अहम

SPx Server V2 दरअसल एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो रडार से आने वाले डेटा को समझने, उसे प्रोसेस करने और टारगेट को ट्रैक करने में मदद करता है। आसान शब्दों में कहें तो यह सिस्टम यह बताता है कि रडार पर दिख रहा ऑब्जेक्ट क्या है, कहां है और किस दिशा में जा रहा है।

नए वर्जन में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि इसे अब आधुनिक युद्ध और सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। इसमें ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जो ऑटोनॉमस सिस्टम, यानी बिना इंसान के चलने वाले प्लेटफॉर्म्स, और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के साथ बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मार्टिन होदर ने इस लॉन्च पर कहा कि SPx Server कई मैरीटाइम और नेवल प्लेटफॉर्म्स में रडार प्रोसेसिंग का मुख्य हिस्सा है। उन्होंने बताया कि नए वर्जन में पुराने सिस्टम्स के साथ पूरी संगतता बनाए रखते हुए नई तकनीकों को जोड़ा गया है, ताकि बदलती जरूरतों के हिसाब से इसका इस्तेमाल किया जा सके।

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टकराव से बचाने की नई क्षमता

इस अपडेट में एक अहम फीचर प्रॉक्सिमिटी डिटेक्शन जोड़ा गया है। इसका काम है आसपास मौजूद दूसरे ऑब्जेक्ट्स की दूरी का अंदाजा लगाना और संभावित टकराव से पहले ही चेतावनी देना है।

यह फीचर खासतौर पर उन प्लेटफॉर्म्स के लिए जरूरी है जो अपने आप चलते हैं, इनमें अनमैन्ड सरफेस व्हीकल यानी यूएसवी शामिल हैं। समुद्र में ऐसे सिस्टम्स को सुरक्षित चलाने के लिए यह तकनीक काफी अहम मानी जाती है, क्योंकि वहां हर समय इंसानी कंट्रोल संभव नहीं होता।

नए हार्डवेयर के साथ काम करने की सुविधा

SPx Server V2 को कंपनी के नए हार्डवेयर प्लेटफॉर्म HPx-700 के साथ भी जोड़ा गया है। यह एक एम्बेडेड रडार इनपुट और प्रोसेसिंग यूनिट है, जो सीधे सिस्टम के अंदर लगकर काम करता है।

इससे डेवलपर्स को एक पूरा रेडी-टू-यूज सॉल्यूशन मिलता है, जिसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों एक साथ काम करते हैं। यह खासतौर पर उन सिस्टम्स के लिए उपयोगी है, जहां जगह कम होती है और कॉम्पैक्ट डिजाइन की जरूरत होती है।

आधुनिक कमांड सिस्टम के साथ जुड़ने की क्षमता

नए वर्जन में TAK और SAPIENT जैसे फॉर्मेट्स का सपोर्ट दिया गया है। ये ऐसे स्टैंडर्ड हैं जिनका इस्तेमाल आधुनिक सिचुएशनल अवेयरनेस और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम में किया जाता है।

इसका मतलब यह है कि अब यह सॉफ्टवेयर अलग-अलग सिस्टम्स के बीच आसानी से डेटा शेयर कर सकता है। इससे किसी ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग यूनिट्स के बीच तालमेल बेहतर होता है और जानकारी तेजी से पहुंचती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल

SPx Server V2 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का भी इस्तेमाल किया गया है। इसके जरिए सिस्टम को सेट करना पहले से आसान हो जाता है।

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मशीन लर्निंग की मदद से यह सॉफ्टवेयर खुद ही अपने पैरामीटर्स को बेहतर कर सकता है। यानी यूजर को हर चीज मैन्युअली सेट करने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे समय बचता है और सिस्टम ज्यादा सटीक तरीके से काम करता है।

रडार कवरेज को देखने की नई सुविधा

इस अपडेट में एक ऐसा फीचर भी जोड़ा गया है जिससे यूजर यह देख सकता है कि रडार किस इलाके को कवर कर रहा है। इसे रडार कवरेज डिस्प्ले कहा जाता है। इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कहां निगरानी मजबूत है और कहां गैप है। यह फीचर ऑपरेशन के दौरान सही फैसले लेने में मदद करता है।

ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग में सुधार

SPx Server V2 में टारगेट ट्रैकिंग को और बेहतर किया गया है। अब सिस्टम पहले से ज्यादा साफ तरीके से यह दिखा सकता है कि कोई ऑब्जेक्ट कहां से आया और कहां जा रहा है।

इसके साथ ही प्लॉट हिस्ट्री विजुअलाइजेशन भी जोड़ा गया है, जिससे पुराने डेटा को देखना आसान हो जाता है। इसके अलावा ट्रैक लेबलिंग को भी कस्टमाइज किया जा सकता है, ताकि स्क्रीन पर जानकारी साफ और समझने लायक दिखे।

अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर काम करने की क्षमता

यह सॉफ्टवेयर लिनक्स और विंडोज दोनों प्लेटफॉर्म पर चलता है। साथ ही इसमें ARM प्लेटफॉर्म का भी सपोर्ट दिया गया है, जो आजकल कई एम्बेडेड सिस्टम्स में इस्तेमाल होता है।

इसका मतलब है कि इसे अलग-अलग तरह के सिस्टम्स में आसानी से लगाया जा सकता है, चाहे वह छोटा डिवाइस हो या बड़ा कमांड सिस्टम।

पुराने सिस्टम्स के साथ भी करेगा काम

कंपनी का कहना है कि नया वर्जन उन सभी सिस्टम्स के साथ काम करेगा जो पहले से इस्तेमाल में हैं। यानी पुराने यूजर्स बिना किसी रुकावट के इसे अपग्रेड कर सकते हैं।

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यह बात इसलिए अहम है क्योंकि दुनिया भर में हजारों सिस्टम पहले से SPx Server पर काम कर रहे हैं। नए वर्जन में उन्हें बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

कैम्ब्रिज पिक्सेल रडार, कैमरा और सेंसर से जुड़ी तकनीकों पर काम करती है। इसके प्रोडक्ट्स दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं। कंपनी सॉफ्टवेयर के साथ-साथ हार्डवेयर और डेवलपर टूल्स भी बनाती है, जिससे अलग-अलग तरह के सिस्टम्स तैयार किए जा सकें। कंपनी का फोकस ऐसे समाधान देने पर है, जो सुरक्षा, निगरानी और रक्षा से जुड़े कामों को आसान और प्रभावी बना सकें।

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  • News Desk

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