📍नई दिल्ली | 16 Jun, 2026, 11:01 AM
NCC New State Directorates: देश के युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा से जोड़ने वाले राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) को लेकर रक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश और झारखंड में दो नए स्वतंत्र एनसीसी स्टेट डायरेक्टरेट स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद देश में एनसीसी स्टेट डायरेक्टरेट्स की कुल संख्या 17 से बढ़कर 19 हो गई है।
अब तक आंध्र प्रदेश, तेलंगाना के साथ जॉइंट डायरेक्टरेट के तहत काम करता था, जबकि झारखंड बिहार के साथ जुड़े हुए एनसीसी स्ट्रक्चर का हिस्सा था। लेकिन अलग डायरेक्टरेट बनने के बाद दोनों राज्यों में एनसीसी की गतिविधियों का संचालन स्थानीय स्तर पर होगा। इससे कैडेट्स, स्कूलों, कॉलेजों और प्रशिक्षण संस्थानों को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है।
NCC New State Directorates: स्वतंत्र प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी
रक्षा मंत्रालय और डायरेक्टरेट जनरल एनसीसी का मानना है कि कैडेट्स की बढ़ती संख्या और राज्यों की अलग-अलग जरूरतों को देखते हुए स्वतंत्र प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी हो गई थी। जॉइंट डायरेक्टरेट होने के कारण कई बार प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शिविरों और चयन प्रक्रियाओं में अतिरिक्त कॉर्डिनेशन की जरूरत पड़ती थी।
नए डायरेक्टरेट बनने के बाद आंध्र प्रदेश और झारखंड अपने स्तर पर एनसीसी गतिविधियों की बेहतर निगरानी कर सकेंगे। इससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन तेज और अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। (NCC New State Directorates)
क्या होता है एनसीसी स्टेट डायरेक्टरेट?
एनसीसी का राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसके तहत पूरे देश को विभिन्न स्टेट डायरेक्टरेट्स में बांटा गया है। प्रत्येक डायरेक्टरेट अपने राज्य में एनसीसी की सभी गतिविधियों को ऑपरेट करता है।
इनकी जिम्मेदारी स्कूलों और कॉलेजों में एनसीसी युनिट्स का ऑपरेशन, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, राष्ट्रीय शिविरों के लिए कैडेट्स का चयन करना, प्रशिक्षकों की नियुक्ति और विभिन्न प्रमाणपत्र परीक्षाओं का प्रबंधन करना होता है।
स्वतंत्र डायरेक्टरेट बनने के बाद स्थानीय जरूरतों के अनुसार फैसले लेना आसान हो जाता है और कैडेट्स तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचता है। (NCC New State Directorates)
देश का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन है एनसीसी
राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी। शुरुआत में इसकी संख्या केवल 20 हजार कैडेट्स तक सीमित थी। समय के साथ इसका विस्तार लगातार बढ़ता गया और आज यह दुनिया का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन बन चुका है।
वर्तमान समय में देशभर में 20 लाख से अधिक कैडेट्स एनसीसी से जुड़े हुए हैं। संगठन की पहुंच 750 से ज्यादा जिलों तक है। पिछले एक दशक में इसमें लाखों नए कैडेट्स जुड़े हैं।
एनसीसी का मूल मंत्र “एकता और अनुशासन” है। संगठन का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना है। (NCC New State Directorates)
तीनों सेनाओं से जुड़ा है एनसीसी का स्ट्रक्चर
एनसीसी को तीन प्रमुख विंग्स में बांटा गया है। इनमें आर्मी विंग, नेवी विंग और एयर विंग शामिल हैं।
आर्मी विंग में कैडेट्स को सैन्य अनुशासन, ड्रिल, फायरिंग, मैप रीडिंग और फील्ड क्राफ्ट की ट्रेनिंग दी जाती है। नेवी विंग में समुद्री गतिविधियों, नौवहन और जल सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग कराई जाती है। एयर विंग में विमानन, उड़ान संबंधी मूलभूत जानकारी और एयर पावर की समझ विकसित की जाती है।
यही वजह है कि एनसीसी केवल एक छात्र संगठन नहीं बल्कि युवाओं को सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों के लिए तैयार करने वाला प्लेटफॉर्म माना जाता है।
राष्ट्रीय शिविरों में बढ़ेगी भागीदारी
नए डायरेक्टरेट बनने से सबसे बड़ा फायदा राष्ट्रीय स्तर के शिविरों में दिखाई दे सकता है। अब दोनों राज्यों के कैडेट्स को गणतंत्र दिवस परेड कैंप, ऑल इंडिया थल सैनिक कैंप, ऑल इंडिया नेवी कैंप और एयर कैंप जैसी गतिविधियों में भाग लेने के अधिक अवसर मिल सकेंगे।
इन शिविरों में चयन बेहद प्रतिस्पर्धी होता है। कैडेट्स को महीनों तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। स्वतंत्र डायरेक्टरेट बनने के बाद चयन और तैयारी की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी। (NCC New State Directorates)
एडवेंचर गतिविधियों में मिलेगा ज्यादा मौका
एनसीसी की पहचान केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। संगठन युवाओं को एडवेंचर गतिविधियों में भी शामिल करता है।
माउंटेनियरिंग, ट्रेकिंग, पैरासेलिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, सेलिंग और विभिन्न आउटडोर अभियानों के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित की जाती है।
आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्य में नेवी विंग को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। यहां समुद्री प्रशिक्षण और वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को अधिक विस्तार दिया जा सकेगा। (NCC New State Directorates)
‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ सर्टिफिकेट क्यों हैं महत्वपूर्ण?
एनसीसी में प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को विभिन्न स्तरों पर प्रमाणपत्र दिए जाते हैं। इनमें ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ सर्टिफिकेट सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
‘ए’ सर्टिफिकेट जूनियर स्तर पर दिया जाता है। ‘बी’ सर्टिफिकेट सीनियर स्तर की ट्रेनिंग के बाद प्राप्त होता है। वहीं ‘सी’ सर्टिफिकेट एनसीसी का सबसे प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र माना जाता है।
यह प्रमाणपत्र सशस्त्र बलों में भर्ती के दौरान अतिरिक्त लाभ प्रदान करते हैं। कई भर्ती प्रक्रियाओं में बोनस अंक दिए जाते हैं। कुछ पदों पर विशेष प्राथमिकता भी मिलती है।
सरकारी नौकरियों और शिक्षा में भी मिलता है फायदा
एनसीसी प्रमाणपत्र केवल रक्षा सेवाओं तक सीमित नहीं हैं। कई विश्वविद्यालय प्रवेश के दौरान एनसीसी कैडेट्स को वेटेज देते हैं।
केंद्रीय और राज्य स्तर की कई नौकरियों में भी एनसीसी प्रमाणपत्र धारकों को अतिरिक्त अंक या प्राथमिकता मिलती है। पुलिस, अर्धसैनिक बलों और अन्य सरकारी सेवाओं में भी इन प्रमाणपत्रों का महत्व माना जाता है।
कई नियोक्ता एनसीसी कैडेट्स को अनुशासित और नेतृत्व क्षमता से भरपूर उम्मीदवार के रूप में देखते हैं। (NCC New State Directorates)
आंध्र प्रदेश में क्या बदलेगा?
आंध्र प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल और कॉलेज मौजूद हैं। नए डायरेक्टरेट के गठन से राज्य के अधिक शैक्षणिक संस्थानों को एनसीसी से जोड़ा जा सकेगा।
विशाखापट्टनम जैसे महत्वपूर्ण तटीय क्षेत्रों में नेवी विंग की गतिविधियों को और मजबूत किया जा सकेगा। समुद्री प्रशिक्षण और नौसैनिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्था मददगार साबित होगी।
राज्य के छात्रों को राष्ट्रीय शिविरों और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों तक पहुंच आसान होगी। (NCC New State Directorates)
झारखंड के युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
झारखंड में बड़ी संख्या में ग्रामीण और आदिवासी युवा रहते हैं। नए डायरेक्टरेट के जरिए इन क्षेत्रों तक एनसीसी की पहुंच को और मजबूत किया जाएगा।
दूरदराज इलाकों के छात्रों को संगठन से जोड़ने में आसानी होगी। इससे राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें देशभर के युवाओं के साथ काम करने का अवसर मिलेगा।
एनसीसी अधिकारियों का मानना है कि इससे राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को भी मजबूती मिलेगी।
सामाजिक जिम्मेदारी भी सिखाता है एनसीसी
एनसीसी कैडेट्स समय-समय पर सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और आपदा राहत जैसे कार्यों में एनसीसी की भागीदारी लगातार देखी जाती रही है।
कोविड महामारी के दौरान भी कई राज्यों में एनसीसी कैडेट्स ने प्रशासन की सहायता की थी। जागरूकता अभियान चलाने से लेकर जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में उन्होंने योगदान दिया था।
यही कारण है कि एनसीसी को केवल सैन्य प्रशिक्षण देने वाला संगठन नहीं बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करने वाला मंच माना जाता है। (NCC New State Directorates)


