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AI डिफेंस कंपनी Shield AI ने खोला दिल्ली में ऑफिस, V-BAT और X-BAT ड्रोन बनाने की तैयारी

कंपनी के प्रेसिडेंट और को-फाउंडर रयान त्सेंग और यूएस नेवी के रिटायर्ड एडमिरल जॉन सी. एक्विलिनो भी नई दिल्ली पहुंचे, जहां इस नई शुरुआत का ऐलान किया गया...

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📍नई दिल्ली | 1 May, 2026, 6:17 PM

Shield AI India: डिफेंस टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम करने वाली अमेरिकी कंपनी शील्ड एआई (Shield AI) ने नई दिल्ली में अपना नया ऑफिस शुरू किया है। कंपनी ने यह कदम भारत के रक्षा मंत्रालय और यहां के इंडस्ट्री इकोसिस्टम के साथ बढ़ते सहयोग को ध्यान में रखते हुए उठाया है।

कंपनी के इस फैसले को भारत में उसके लंबे समय के निवेश और साझेदारी के तौर पर देखा जा रहा है। इस मौके पर कंपनी के प्रेसिडेंट और को-फाउंडर रयान त्सेंग और यूएस नेवी के रिटायर्ड एडमिरल जॉन सी. एक्विलिनो भी नई दिल्ली पहुंचे, जहां इस नई शुरुआत का ऐलान किया गया।

Shield AI India: भारत में बनाई नई कंपनी

शील्ड एआई ने भारत में अपनी पूरी तरह स्वामित्व वाली एक नई कंपनी भी बनाई है, जिसका नाम शील्ड एआई इंडिया रखा गया है। इस कंपनी का मकसद भारत में सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन, इंजीनियरिंग और ऑटोनॉमी डेवलपमेंट पर काम करना है। इसके जरिए भारत में ही इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

कंपनी ने बताया कि फिलहाल नई दिल्ली का ऑफिस शुरू हो चुका है, जबकि बेंगलुरु में दूसरा ऑफिस जल्द खोला जाएगा। बेंगलुरु का सेंटर खास तौर पर टेक्नोलॉजी और डेवलपमेंट गतिविधियों के लिए अहम माना जा रहा है, जहां स्थानीय इंजीनियर्स और डेवलपर्स के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

इस मौके पर कंपनी के को-फाउंडर रयान त्सेंग ने कहा, “भारत शील्ड एआई के ग्लोबल मिशन का एक अहम हिस्सा है। यहां का इंजीनियरिंग टैलेंट, हमारे मौजूदा स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और भारतीय सेनाओं का भरोसा, इन सब वजहों से भारत हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक बन गया है। शील्ड एआई इंडिया के जरिए हम सिर्फ अपने प्रोडक्ट्स बेचने नहीं, बल्कि देश में स्थायी क्षमता बनाने के लिए काम कर रहे हैं।”

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भारत में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सृजन शाह ने कहा, “मजबूत साझेदारी का मतलब है कि हम अपने ग्राहकों के साथ मौजूद रहें और उनके साथ मिलकर काम करें। नई दिल्ली ऑफिस और बेंगलुरु विस्तार की योजना के जरिए हम भारत की ऑटोनॉमी प्राथमिकताओं को सपोर्ट करने और देश के अंदर ही सिस्टम विकसित और बनाए रखने की क्षमता को मजबूत कर रहे हैं।”

वहीं एडमिरल जॉन सी. एक्विलिनो ने कहा, “अमेरिका और भारत के बीच संबंध हमेशा अहम रहे हैं। शील्ड एआई जिस तरह भारत के साथ काम कर रही है, वह इस साझेदारी को और मजबूत बनाता है। सही तरीके से काम करने पर यह संबंध दोनों देशों के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण साबित होता है।”

Shield AI India
V-BAT vertical take-off and landing (VTOL) reconnaissance UAS was selected by the Indian Army

भारत में बनेगा V-BAT अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम

शील्ड एआई पहले से ही भारतीय रक्षा क्षेत्र के साथ काम कर रही है। कंपनी ने नवंबर 2024 में जेएसडब्ल्यू डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की थी। इस साझेदारी के तहत कंपनी के V-BAT अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम को भारत में ही बनाना और डेवलप करना है।

इस प्रोजेक्ट के तहत जेएसडब्ल्यू डिफेंस ने हैदराबाद के महेश्वरम में एक बड़ा प्रोडक्शन प्लांट तैयार करना शुरू किया है। दिसंबर 2025 में इस प्लांट का निर्माण शुरू हुआ था, जिसमें करीब 90 मिलियन डॉलर का निवेश किया गया है। इस सुविधा को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह भारतीय सेनाओं की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ ग्लोबल प्रोडक्शन हब के रूप में भी काम कर सके।

इसी साल भारत ने शील्ड एआई को हाइवमाइंड सॉफ्टवेयर से लैस V-BAT ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए चुना है। इसके अलावा भारतीय सेना को हाइवमाइंड ऑटोनॉमी सॉफ्टवेयर के लाइसेंस भी दिए जा रहे हैं।

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हाइवमाइंड एक तरह का ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर है, जो ड्रोन को बिना लगातार मानव नियंत्रण के काम करने की क्षमता देता है। यह सॉफ्टवेयर ड्रोन को खुद से निर्णय लेने, लक्ष्य पहचानने और मिशन पूरा करने में मदद करता है।

V-BAT ड्रोन की खासियत

V-BAT एक ग्रुप-3 कैटेगरी का ड्रोन है, जो वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (VTOL) क्षमता के साथ आता है। इसका मतलब है कि इसे रनवे की जरूरत नहीं होती और यह सीधा ऊपर उठकर उड़ान भर सकता है।

इस ड्रोन की उड़ान क्षमता 12 घंटे से ज्यादा बताई जाती है और इसमें भारी ईंधन का इस्तेमाल होता है। यह ड्रोन इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) मिशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए लक्ष्य की पहचान और निगरानी की जा सकती है।

इस ड्रोन में हाइवमाइंड सॉफ्टवेयर को ऑटोनॉमस पायलट के तौर पर जोड़ा जा रहा है। इससे यह ड्रोन एआई की मदद से खुद काम करने की क्षमता हासिल करता है और बिना नजर में आए भी ऑपरेशन कर सकता है।

कंपनी ने यह भी बताया है कि वह एक नई पीढ़ी के ऑटोनॉमस कॉम्बैट एयरक्राफ्ट X-BAT पर भी काम कर रही है। यह भी VTOL कैटेगरी का होगा और इसे भविष्य के सैन्य ऑपरेशन्स के हिसाब से तैयार किया जा रहा है।

शील्ड एआई की स्थापना साल 2015 में हुई थी। यह कंपनी डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करती है और इसका फोकस ऐसे सिस्टम तैयार करना है, जो सैनिकों और नागरिकों की सुरक्षा में मदद कर सकें। कंपनी के प्रोडक्ट्स में हाइवमाइंड सॉफ्टवेयर और V-BAT व X-BAT जैसे ड्रोन शामिल हैं। कंपनी के ऑफिस अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट और एशिया-पैसिफिक क्षेत्रों में मौजूद हैं और इसकी तकनीक का इस्तेमाल दुनिया के कई हिस्सों में किया जा रहा है।

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