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आर्मेनिया ने किया 155 मिमी भारतीय ट्राजन होवित्जर का लाइव फायर टेस्ट, एक मिनट में तैनात, 55 किमी तक मार

ट्राजन की सबसे बड़ी ताकत इसकी लंबी मारक क्षमता है। सामान्य हाई एक्सप्लोसिव गोले के साथ यह लगभग 30 किलोमीटर तक निशाना साथ सकती है। एक्सटेंडेड रेंज फुल बोर बेस ब्लीड (ईआरएफबी-बीबी) गोला-बारूद के साथ इसकी रेंज करीब 42 किलोमीटर तक पहुंच जाती है...

गॉड ऑफ वॉर’ के 200 साल: कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक, कितनी बदली भारतीय सेना की रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी!

भारतीय सेना में हर साल 28 सितंबर को गनर्स डे मनाया जाता है। इसी दिन साल 1827 में 5 (बॉम्बे) माउंटेन बैटरी का गठन किया गया था। इसे भारतीय आर्टिलरी की आधुनिक परंपरा की शुरुआत माना जाता है...

सेना का K-9 वज्र बनेगा और घातक; मिलने जा रहा है नया नेविगेशन अपग्रेड, शूट एंड स्कूट क्षमता होगी और मजबूत

सेना का मानना है कि सिग्मा 30एन-600 लगाने के बाद के-9 वज्र की "शूट एंड स्कूट" क्षमता और बेहतर होगी। तोप तेजी से फायर करके तुरंत अपनी जगह बदल सकेगी, जिससे दुश्मन के जवाबी हमले से बचना आसान होगा...

2011 में शुरू हुआ धनुष तोप प्रोजेक्ट, 15 साल बाद भी पूरी नहीं हुई डिलीवरी; PAC ने बताई देरी की वजह

धनुष 155 एमएम/45 कैलिबर तोप के प्रोडक्शन में देरी क्यों हुई? PAC रिपोर्ट में तकनीकी चुनौतियों, टेस्टिंग, सप्लाई चेन और मार्च 2027 की डिलीवरी डेडलाइन की पूरी जानकारी...

UP Defence Corridor: कानपुर में बन रहे टैंक और आर्टिलरी के लिए आधुनिक एम्युनिशन, 30 करोड़ गोलियां और लाखों ग्रेनेड बनाने की तैयारी

उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत कानपुर में गोलियों, ग्रेनेड और आर्टिलरी एम्युनिशन का उत्पादन बढ़ा, हजारों करोड़ रुपये के निवेश से रक्षा विनिर्माण को मिली नई गति...

भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएंगे 850 वन-वे अटैक ड्रोन, Tata-Nibe ने लगाई सबसे कम बोली

वन-वे अटैक ड्रोन को लॉइटरिंग म्यूनिशन या कामिकाजे ड्रोन भी कहा जाता है। यह सर्विलांस ड्रोन से अलग होते हैं। इनका उद्देश्य केवल जानकारी जुटाना नहीं, बल्कि टारगेट पर सीधे हमला करना होता है...

भारतीय सेना के रिपेयर नेटवर्क का होगा मेकओवर, आर्मी बेस वर्कशॉप्स का बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन करने की हो रही तैयारी

भारतीय सेना में आर्मी बेस वर्कशॉप्स सबसे बड़े टेक्निकल मेंटेनेंस सेंटर माने जाते हैं। जब किसी टैंक, आर्मर्ड व्हीकल, आर्टिलरी, रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम या दूसरे सैन्य उपकरण में बड़ी खराबी आती है, तब उसकी मरम्मत इन्हीं वर्कशॉप्स में होती है...

ड्रोन अटैक से बचेंगी भारतीय सेना की तोपें! फॉरवर्ड एरिया में तैनात पहली बार टोड आर्टिलरी गनों पर लगाया ये खास ‘जुगाड़’, देखें वीडियो

भारतीय सेना के पास कई तरह की टोड 155 मिलीमीटर आर्टिलरी गनें हैं, जिन्हें ट्रकों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जाता है। इन गनों में सेल्फ-प्रोपेल्ड गनों की तरह आर्मर्ड सिक्युरिटी नहीं होती...

सेना कर रही ‘सुपर कंट्रोल सिस्टम’ बनाने की तैयारी, “डिजिटल दिमाग” से जुड़ेंगे टैंक, मिसाइल और आर्टिलरी

ब्रिगेड स्तर पर इस सिस्टम को टेस्ट किया जाएगा। इसमें 155 मिमी बोफोर्स गन और स्मर्च रॉकेट सिस्टम को जोड़कर देखा जाएगा कि सिस्टम कैसे काम करता है। अगर यह सफल रहा तो इसे धीरे-धीरे पूरे आर्मी स्तर पर लागू किया जाएगा...

भारतीय सेना की 7वीं पिनाका रेजिमेंट एक्टिव, 250 किमी रेंज वाले महेश्वरास्त्र की तैयारी!

सेना के अधिकारियों ने बताया कि आठवीं रेजिमेंट का गठन किया जा चुका है और इसके लिए जरूरी उपकरणों का आधे से ज्यादा हिस्सा भी मिल चुका है। इस समय यह यूनिट कन्वर्जन और ट्रेनिंग की प्रक्रिया से गुजर रही है...

4,000 करोड़ की लागत से भारतीय सेना खरीदेगी 300 धनुष तोपें, 15 नई रेजिमेंट्स होंगी तैयार

धनुष तोप का परीक्षण 2018 में राजस्थान के पोखरण में किया गया था। इस दौरान हजारों राउंड फायर किए गए और इसके प्रदर्शन को संतोषजनक पाया गया...

Indian Army Artillery: ‘गॉड ऑफ वॉर’ को और घातक बनाने की तैयारी! दुनिया में पहली बार 155 एमएम आर्टिलरी शेल को मिलेगी रैमजेट की...

इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे अहम बात यह है कि इसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें विदेशी निर्भरता बहुत कम है। इससे न सिर्फ सेना की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि देश की तकनीकी क्षमता और डिफेंस इंडस्ट्री को भी मजबूती मिलेगी...