📍बेंगलुरु | 24 Oct, 2025, 9:48 PM
IAF Training: भारतीय वायुसेना के मुख्यालय ट्रेनिंग कमांड में आयोजित ट्रेनिंग कमांड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युद्ध केवल मैदान में नहीं लड़े जाते, बल्कि अब साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसे नए क्षेत्रों में भी तैयार रहना जरूरी है।
23 और 24 अक्टूबर को ट्रेनिंग कमांड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2025 का आयोजन हुआ। इस दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की। इस दौरान वायुसेना के सभी ट्रेनिंग सेंटर्स के कमांडर मौजूद थे। इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य वायुसेना के ट्रेनिंग स्ट्रक्चर को आधुनिक तकनीक के अनुरूप बनाना और बदलते वैश्विक माहौल के हिसाब से ट्रेनिंग मेथड्स में सुधार करना था।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में भारतीय वायुसेना को भी अपने ट्रेनिंग सिस्टम में बड़े बदलाव करने होंगे, ताकि हर वायुसैनिक नई तकनीक और आधुनिक हथियारों के साथ पूरी तरह सक्षम हो सके। उन्होंने ट्रेनिंग कमांड की मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन की तारीफ की और कहा कि यह कमांड भारतीय वायुसेना की रीढ़ है, जो आने वाले समय के लिए नई पीढ़ी के योद्धा तैयार कर रही है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान वायुसेना के अधिकारियों ने ट्रेनिंग की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सभी ट्रेनिंग प्रतिष्ठानों ने अपने कामकाज की जानकारी दी और भविष्य के लिए योजनाएं साझा कीं। इस दौरान यह भी चर्चा हुई कि अग्निवीर वायु को कैसे और प्रभावी प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे जल्दी ऑपरेशनल टीमों का हिस्सा बन सकें।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि अब प्रशिक्षण को केवल क्लासरूम तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सैनिकों को अब वर्चुअल सिमुलेटर, ड्रोन सिस्टम, साइबर डिफेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वायुसेना को ऐसे सैनिक चाहिए जो न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत हों बल्कि मानसिक रूप से भी तेज और तैयार रहें।
एयर चीफ ने इस बात पर भी जोर दिया कि ट्रेनिंग में अब टेक्नोलॉजी के साथ-साथ अनुशासन और टीमवर्क को भी उतना ही महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर प्रशिक्षक को सिर्फ पढ़ाना नहीं, बल्कि प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वायुसेना के ट्रेनिंग सेंटर आने वाले समय के लिए उदाहरण बनें, जहां से ऐसे वायुसैनिक निकलें जो हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार रहें।
एयर चीफ मार्शल ने वायुसेना के कुछ प्रमुख ट्रेनिंग सेंटर्स को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया। एयर फोर्स अकादमी, दुंदिगल (हैदराबाद के पास) को इस साल की ‘प्राइड ऑफ द ट्रेनिंग कमांड’ ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। यह ट्रॉफी ऑपरेशन, मैंटेनेंस और एडमिनिस्ट्रेशन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए दी जाती है। एयर फोर्स अकादमी के कमांडेंट एयर मार्शल पीके वोहरा ने ट्रॉफी को रिसिव किया। एयर चीफ ने कहा कि यह सम्मान केवल एक संस्थान के लिए नहीं बल्कि पूरे ट्रेनिंग नेटवर्क के समर्पण का प्रतीक है।
यह कॉन्फ्रेंस वायुसेना की रणनीतिक तैयारियों और “पीपल फर्स्ट, मिशन आल्वेज” पॉलिसी का हिस्सा थी। एयर चीफ ने सभी कमांडरों को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारतीय वायुसेना ने हर क्षेत्र में उत्कृष्टता कायम रखी है और प्रशिक्षण उसका सबसे मजबूत स्तंभ है।
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