📍नई दिल्ली | 5 Nov, 2026, 7:43 PM
Agniveer 2 Year Extension:अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए सरकार ने सेवा व्यवस्था में बदलाव किया है। अब चार साल की सेवा पूरी होने के बाद हर बैच के टॉप 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पहले की तरह नियमित कैडर में शामिल किया जाएगा। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों में से इच्छुक और चयन मानदंडों को पूरा करने वालों को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल यानी एक्सटेंडेड एंगेजमेंट मिल सकेगा। इस तरह उन्हें कुल छह साल तक अग्निवीर के रूप में सेवा करने का अवसर मिलेगा। छह साल पूरे होने पर एक बार फिर चयन प्रक्रिया होगी। इसमें सफल होने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक, नाविक या वायु सैनिक के रूप में शामिल किया जा सकेगा।
इस बदलाव के बाद अग्निवीरों के मन में कई सवाल हैं। पांचवें और छठे साल में कितनी सैलरी मिलेगी? सेवानिधि में सरकार कितना पैसा जमा करेगी? क्या एक्सटेंशन का समय पेंशन और प्रमोशन में गिना जाएगा? नियमित सैनिक बनने के बाद सीनियरिटी कैसे तय होगी? क्या एक्सटेंशन के दौरान शादी कर सकेंगे? इन सभी सवालों को उपलब्ध सेवा संबंधी जानकारी और वेतन चार्ट के आधार पर समझते हैं। (Agniveer 2 Year Extension)
Agniveer 2 Year Extension: पांचवें और छठे साल में कितनी मिलेगी सैलरी?
अग्निपथ योजना में पहले चार साल के दौरान अग्निवीरों का मासिक पैकेज हर साल बढ़ता है। पहले साल मासिक पैकेज 30,000 रुपये होता है। इसमें से 21,000 रुपये यानी 70 प्रतिशत रकम अग्निवीर को इन-हैंड सैलरी के रूप में मिलती है। बाकी 9,000 रुपये उसके हिस्से के रूप में सेवानिधि खाते में जमा होते हैं। सरकार भी इतनी ही रकम का योगदान करती है।
A day after announcing the extension of #agniveer scheme, The government has clarified that all #Agniveers can now enter the regular cadre. The first 25% will be absorbed after four years, while the remaining 75% will get an opportunity for permanent absorption after an additional two-year engagement, subject to fitness, discipline and willingness @SpokespersonMoD
— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 5, 2026
दूसरे साल मासिक पैकेज 33,000 रुपये हो जाता है। इसमें 23,100 रुपये अग्निवीर को मिलते हैं और 9,900 रुपये सेवानिधि में जमा होते हैं। तीसरे साल पैकेज 36,500 रुपये होता है। इसमें 25,550 रुपये इन-हैंड सैलरी और 10,950 रुपये सेवानिधि में जमा किए जाते हैं। चौथे साल मासिक पैकेज 40,000 रुपये होता है। इसमें अग्निवीर को 28,000 रुपये मिलते हैं और 12,000 रुपये सेवानिधि में जमा होते हैं।
अब दो साल के एक्सटेंशन के दौरान सेलरी स्ट्रक्चर अलग होगा। उपलब्ध सेलरी चार्ट के मुताबिक, पांचवें साल यानी एक्सटेंशन के पहले साल में मासिक पैकेज 43,500 रुपये होगा। इसमें से 30,450 रुपये अग्निवीर को इन-हैंड मिलेंगे और 13,050 रुपये उसके हिस्से के रूप में सेवानिधि में जमा होंगे।
वहीं, छठे साल में मासिक पैकेज बढ़कर 47,500 रुपये हो जाएगा। इसमें 33,250 रुपये इन-हैंड सैलरी और 14,250 रुपये अग्निवीर के हिस्से के रूप में सेवानिधि में जमा होंगे। इसके अलावा, पोस्टिंग के अनुसार रिस्क और हार्डशिप अलाउंस, राशन और ड्रेस से जुड़े लाभ अलग से मिल सकते हैं। (Agniveer 2 Year Extension)
एक्सटेंशन में सेवानिधि का पैसा कैसे जमा होगा?
पहले चार साल में अग्निवीर के मासिक पैकेज का 30 फीसदी हिस्सा सेवानिधि खाते में जाता है। सरकार भी उसके बराबर योगदान करती है। लेकिन पांचवें और छठे साल के लिए दिए गए नए सेलरी स्ट्रक्चर में सरकार का योगदान बढ़ाया गया है।
एक्सटेंशन के दौरान अग्निवीर अपनी तरफ से मासिक पैकेज का 30 प्रतिशत हिस्सा जमा करेगा, जबकि सरकार की तरफ से मासिक पैकेज का 70 प्रतिशत योगदान दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, पांचवें साल में अग्निवीर के 13,050 रुपये के योगदान के साथ सरकार 30,450 रुपये जमा करेगी। छठे साल में अग्निवीर का योगदान 14,250 रुपये और सरकार का योगदान 33,250 रुपये होगा।
दोनों सालों के 24 महीनों का हिसाब लगाने पर अग्निवीर की तरफ से कुल 3.276 लाख रुपये और सरकार की तरफ से करीब 7.644 लाख रुपये जमा होंगे। इस तरह ब्याज को शामिल किए बिना कुल रकम लगभग 10.92 लाख रुपये बनती है।
हालांकि, एक्सटेंशन पूरा करने के बाद अगर अग्निवीर नियमित कैडर में शामिल हो जाता है, तो सरकार की तरफ से जमा इस अतिरिक्त रकम का भुगतान उसे सीधे नहीं किया जाएगा। यह पैसा अग्निवीर फंड में जमा होगा। अगर अग्निवीर नियमित कैडर में शामिल हुए बिना सेवा से बाहर होता है, तो उसके लिए सेवानिधि भुगतान के अलग प्रावधान लागू होंगे। (Agniveer 2 Year Extension)
नियमित सैनिक बनने पर प्रमोशन और सीनियरिटी कैसे तय होगी?
एक्सटेंशन के बाद नियमित कैडर में शामिल होने वाले अग्निवीरों की सीनियरिटी का सवाल भी अहम है। चार साल की सेवा के बाद टॉप 25 प्रतिशत में चयनित अग्निवीर पहले नियमित कैडर में शामिल होंगे। दो साल का एक्सटेंशन पूरा करने के बाद नियमित होने वाले अग्निवीर उनसे सीनियरिटी में पीछे रहेंगे।
Marriage rules for #Agniveers could see a change. While personnel are currently not permitted to marry during their initial four-year tenure, the government is considering allowing marriage during the proposed two-year extension period. #Agniveer
— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 5, 2026
यानी एक ही भर्ती बैच के 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में पहले शामिल होने का लाभ मिलेगा। एक्सटेंशन वाले अग्निवीर दो साल बाद नियमित होंगे। उनकी सीनियरिटी नियमित कैडर में शामिल होने के समय और संबंधित सेवा के नियमों के आधार पर तय होगी।
प्रमोशन के मामले में भी एक्सटेंशन पूरा करने वाले अग्निवीर 25 फीसदी वाले साथियों के बाद रखे जाएंगे। भारतीय सेना में मौजूदा प्रमोशन व्यवस्था यूनिट आधारित है। यानी सैनिक जिस यूनिट में तैनात होगा, वहां उपलब्ध वैकेंसी और लागू प्रमोशन नियमों के अनुसार उसका प्रमोशन होगा।
एक्सटेंशन पूरा करने वाले और चार साल बाद नियमित होने वाले अग्निवीरों को उनकी मौजूदा यूनिट में बनाए रखने का विकल्प भी हो सकता है। हालांकि, यह संबंधित सेवा की जरूरतों और प्रशासनिक फैसले पर निर्भर करेगा।
क्या एक्सटेंशन का समय पेंशन के लिए गिना जाएगा?
पेंशन को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि अग्निवीर के रूप में बिताए गए शुरुआती चार साल नियमित सैनिक की पेंशन योग्य सेवा में अपने आप नहीं जुड़ते। नियमित कैडर में शामिल होने के बाद पेंशन के लिए निर्धारित सेवा अवधि पूरी करनी होती है।
नियमित सैनिकों के लिए पेंशन की पात्रता से जुड़ी न्यूनतम सेवा अवधि 15 साल है। इस हिसाब से चार साल अग्निवीर रहने के बाद नियमित कैडर में शामिल होने वाला व्यक्ति 15 साल की नियमित सेवा पूरी करेगा, तो उसकी कुल सेवा अवधि लगभग 19 साल होगी।
वहीं, छह साल तक अग्निवीर के रूप में सेवा करने के बाद नियमित कैडर में शामिल होने वाले व्यक्ति को 15 साल की नियमित सेवा पूरी करनी होगी। इस तरह उसकी कुल सेवा अवधि लगभग 21 साल हो सकती है।
यहां एक अंतर समझना जरूरी है। एक्सटेंशन के दो साल को सामान्य सेवा अनुभव और सीनियरिटी से जुड़े मामलों में गिना जा सकता है, लेकिन पेंशन योग्य नियमित सेवा में इसकी गणना किस तरह होगी, यह लागू सेवा नियमों और आधिकारिक आदेश से तय होगा। इसलिए 19 या 21 साल की कुल अवधि को पेंशन की स्वत: गारंटी नहीं समझना चाहिए। (Agniveer 2 Year Extension)
क्या एक्सटेंशन के दौरान अग्निवीर शादी कर सकेंगे?
अग्निवीरों की शादी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौजूदा भर्ती शर्तों के अनुसार, अग्निपथ योजना में भर्ती होने के लिए उम्मीदवार का अविवाहित होना जरूरी है। शुरुआती चार साल के एंगेजमेंट पीरियड के दौरान शादी की अनुमति नहीं है। हालांकि सरकार अभी इस पर विचार विमर्श कर रही है।
दो साल का एक्सटेंशन मिलने से शादी के नियम में अपने आप कोई छूट नहीं मिलती। एक्सटेंशन लेने वाले अग्निवीरों के लिए भी सेवा की अवधि छह साल तक बढ़ जाती है। इसलिए जब तक वे अग्निवीर के रूप में सेवा में हैं, उन्हें फिलहाल नए नियम आने तक लागू वैवाहिक शर्तों का पालन करना होगा।
नियमित कैडर में शामिल होने के लिए भी सिलेक्शन के समय अविवाहित होने की शर्त है। यानी केवल चार साल की सेवा पूरी कर लेने या 25 प्रतिशत में चयन हो जाने से शादी की अनुमति अपने आप नहीं मिलती। नियमित कैडर में शामिल होने की औपचारिक प्रक्रिया और नियुक्ति पूरी होने के बाद ही संबंधित नियमित सेवा के नियम लागू होंगे।
2022 के पहले बैच के अग्निवीरों को क्या मिलेगा मौका?
अग्निपथ योजना के तहत 2022 में भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद जिन अग्निवीरों को पहले चरण में नियमित कैडर में जगह नहीं मिली थी, वे एक्सटेंशन के लिए पात्रता की शर्तें पूरी करने पर दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल प्राप्त कर सकते हैं।
जो अग्निवीर शारीरिक रूप से फिट हैं, जिनका आचरण अच्छा है, जिनके खिलाफ कोई मामला नहीं है और जो सेना में आगे सेवा करना चाहते हैं, वे निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत नियमित कैडर में शामिल होने के लिए विचार किए जा सकते हैं। हालांकि, केवल इन शर्तों को पूरा करना अपने आप चयन की गारंटी नहीं है। अंतिम फैसला संबंधित सेवा के चयन मानदंडों के आधार पर होगा। (Agniveer 2 Year Extension)
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हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।


