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Agniveer Update: 75 फीसदी अग्निवीरों को मिलेगा 2 साल और सेवा का मौका, भर्ती से पहले होगी लिखित परीक्षा, जानें 10 बड़ी बातें

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रामणि ने बताया कि अग्निपथ योजना को खत्म नहीं किया गया है। इसके तहत पहले की तरह चार साल की भर्ती और सेवा व्यवस्था जारी रहेगी...

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📍नई दिल्ली | 4 Nov, 2026, 6:57 PM

Agnipath Scheme New Rules: सरकार ने अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव किया है। दिसंबर में चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को अब दो साल और सेवा करने का मौका मिलेगा। दो साल बाद सभी 75 फीसदी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का अवसर दिया जाएगा।

केंद्र सरकार ने बुधवार को यह फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अग्निवीरों के लिए दो साल के दूसरे सेवा कार्यकाल (सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी) को मंजूरी दी गई। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रामणि ने इस फैसले का एलान किया।

Agnipath Scheme New Rules: क्या अग्निपथ योजना बंद हो जाएगी?

भारतीय सेनाओं में अग्निवीरों की भर्ती और सेवा से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से 75 प्रतिशत को अब दो साल का अतिरिक्त एंगेजमेंट पीरियड देने का अवसर मिलेगा। इस दूसरे एंगेजमेंट पीरियड को पूरा करने के बाद सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भारतीय सेनाओं में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित चयन मानकों को पूरा करना होगा।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रामणि ने बताया कि अग्निपथ योजना को खत्म नहीं किया गया है। इसके तहत पहले की तरह चार साल की भर्ती और सेवा व्यवस्था जारी रहेगी। नया प्रावधान उन अग्निवीरों को अतिरिक्त मौका देगा, जिन्हें पहले चार साल के बाद नियमित सैनिक के रूप में चयनित नहीं किया गया है।

सीडीएस ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सैन्य सेवाओं की ऑपरेशनल जरूरतों, संगठनात्मक दक्षता और अग्निवीरों के करियर से जुड़ी आकांक्षाओं के बीच संतुलन बनाना है। इसके आधार पर यह फैसला लिया गया कि अग्निवीरों को सेना में लंबे समय तक सेवा देने का एक और अवसर मिलना चाहिए।

क्या है अग्निवीरों के लिए नया 4+2 मॉडल?

अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की शुरुआती सेवा अवधि चार साल की होती है। इस अवधि के दौरान उनके प्रदर्शन, अनुशासन, शारीरिक क्षमता, प्रेरणा और सैन्य सेवाओं के लिए उपयोगिता का लगातार मूल्यांकन किया जाता है।

पहले चार साल की सेवा पूरी होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाता है। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त किया जाता था। अब सरकार ने इस व्यवस्था में दूसरा एंगेजमेंट पीरियड जोड़ने की मंजूरी दी है।

नए प्रावधान के अनुसार, पहले चार साल की सेवा पूरी करने वाले शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त एंगेजमेंट पीरियड दिया जाएगा। इसके लिए अग्निवीरों की इच्छा भी जरूरी होगी। यानी जो अग्निवीर सेना में अपनी सेवा जारी रखना चाहते हैं, उन्हें दो साल और काम करने का अवसर मिलेगा।

इस तरह अग्निवीरों को पहले चार साल और फिर दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प मिलेगा। दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के दौरान भी उनके प्रदर्शन और निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।

सीडीएस ने स्पष्ट किया कि दो साल का दूसरा एंगेजमेंट पीरियड पूरा करने के बाद सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए उन्हें निर्धारित ऑब्जेक्टिव सिलेक्शन क्राइटेरिया को पूरा करना होगा।

इसका मतलब यह है कि अब अग्निवीरों के सामने चार साल की सेवा के बाद केवल बाहर निकलने या शुरुआती 25 प्रतिशत चयन के आधार पर नियमित सैनिक बनने का विकल्प ही नहीं होगा। शेष अग्निवीरों को भी दो साल अतिरिक्त सेवा करके नियमित सैनिक बनने का एक और अवसर मिलेगा। (Agnipath Scheme New Rules)

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चार साल के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद लिया गया फैसला

सीडीएस जनरल राजा सुब्रामणि ने बताया कि अग्निपथ योजना शुरू होने के बाद से सशस्त्र बलों ने अग्निवीरों के प्रदर्शन की लगातार समीक्षा की है। इसके लिए तीनों सेनाओं ने एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस तैयार किया है। इसमें अग्निवीरों के प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाती है।

अग्निवीरों का हर साल मूल्यांकन किया जाता है। इसमें उनकी शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, प्रेरणा, कार्यक्षमता और सैन्य जिम्मेदारियों को निभाने की क्षमता जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है।

सीडीएस के अनुसार, पिछले चार साल के अनुभव से अग्निवीरों के बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने बताया कि अग्निवीर अनुशासित, प्रेरित और अपनी जिम्मेदारियों को समझने वाले युवा सैनिक के रूप में सामने आए हैं। उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों को देखते हुए सैन्य सेवाओं ने सरकार के सामने अतिरिक्त सेवा का अवसर देने की सिफारिश की थी।

सीडीएस ने कहा कि यह योजना पहले से तय व्यवस्था नहीं है, जिसमें किसी तरह के बदलाव की गुंजाइश न हो। अग्निपथ योजना की लगातार समीक्षा की जाती रही है। इसी प्रक्रिया के तहत सशस्त्र बलों ने दूसरे एंगेजमेंट पीरियड का सुझाव दिया और सरकार ने इसे मंजूरी दी। (Agnipath Scheme New Rules)

पिछले चार साल में 3.48 लाख अग्निवीरों की भर्ती

बता दें कि अग्निपथ योजना के तहत पिछले चार सालों में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना में करीब 3.48 लाख अग्निवीरों की भर्ती हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनमें भारतीय सेना में करीब 3 लाख, वायुसेना में 27 हजार और नौसेना में 21 हजार अग्निवीर शामिल हैं।

वहीं, साल 2022 में योजना के पहले बैच में कुल 24,400 अग्निवीरों की भर्ती हुई थी। इनमें करीब 19,000 सेना, 2,850 वायुसेना और 2,550 नौसेना में शामिल हुए थे।

पुरानी व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक बनने का मौका मिलना था, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से बाहर होना था। इस हिसाब से पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीर दिसंबर 2026 तक सेवा से बाहर होने वाले थे।

नियमित सैनिक बनने के लिए क्या होंगे चयन के मानक?

सीडीएस ने स्पष्ट किया कि दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के बाद नियमित सैनिक बनने के लिए केवल सेवा की अवधि पूरी करना काफी नहीं होगा। इसके लिए अग्निवीरों को निर्धारित चयन मानकों पर खरा उतरना होगा।

इस प्रक्रिया में शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, प्रेरणा, कार्यक्षमता और सैन्य जिम्मेदारियों के प्रति उनकी तैयारी का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा किसी अग्निवीर के खिलाफ सतर्कता या अनुशासन से जुड़ा मामला भी चयन के दौरान देखा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि तीनों सेनाओं की ओर से अग्निवीरों के प्रदर्शन का रिकॉर्ड रखा जाता है। इसी रिकॉर्ड और निर्धारित मानकों के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सीडीएस जनरल सुब्रामणि ने यह भी कहा कि अग्निवीरों को दूसरा एंगेजमेंट पीरियड देने का उद्देश्य केवल उनकी सेवा अवधि बढ़ाना नहीं है। इसका मकसद ऐसे युवाओं को लंबे समय तक सशस्त्र बलों में बनाए रखना है, जिन्होंने चार साल की सेवा के दौरान अपनी क्षमता और प्रतिबद्धता साबित की है। (Agnipath Scheme New Rules)

अग्निवीरों की सीनियरिटी बनी रहेगी

इस सवाल पर सीडीएस ने स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेगी। चार साल की शुरुआती सेवा अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भर्ती प्रक्रिया भी पहले की तरह जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद शुरुआती 25 प्रतिशत अग्निवीरों को पहले की तरह नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था मेरिट के आधार पर होगी। इसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धा बनाए रखना और सशस्त्र बलों के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवानों का चयन करना है।

इसके बाद शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल के दूसरे एंगेजमेंट पीरियड का अवसर दिया जाएगा। इस अवधि को पूरा करने के बाद इच्छुक और निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा।

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सीडीएस ने बताया कि पहले चार साल में चयनित होकर नियमित सैनिक बनने वाले अग्निवीरों की वरिष्ठता बाद में दूसरे एंगेजमेंट पीरियड पूरा करके नियमित सैनिक बनने वालों से आगे रहेगी। यानी पहले से नियमित सैनिक बन चुके अग्निवीरों की वरिष्ठता को बरकरार रखा जाएगा। (Agnipath Scheme New Rules)

दो साल के एंगेजमेंट पीरियड में कितना मिलेगा वेतन?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अग्निवीरों के वेतन और सेवा निधि से जुड़े सवाल भी उठाए गए। सीडीएस ने बताया कि दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के दौरान अग्निवीरों को पहले चार साल की तुलना में बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा।

उन्होंने बताया कि दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के पहले साल में अग्निवीरों का वेतन 43,500 रुपये और दूसरे साल में 47,500 रुपये होगा। यह पहले चार साल के दौरान मिलने वाले शुरुआती वेतन की तुलना में बढ़ोतरी है।

अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज भी मिलेगा। सीडीएस ने स्पष्ट किया कि दूसरे एंगेजमेंट पीरियड की सेवा निधि पहले चार साल के सेवा निधि पैकेज से अलग होगी। इसका पहले चार साल के पैकेज से सीधा संबंध नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के दौरान अग्निवीर और सरकार, दोनों की ओर से सेवा निधि में योगदान किया जाएगा। इस अवधि के अंत में अग्निवीर को मिलने वाली कुल सेवा निधि करीब 10.92 लाख रुपये है।

सीडीएस के अनुसार, दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के दौरान मिलने वाला वेतन और सेवा निधि उन अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त आर्थिक लाभ होगा, जो दो साल और सशस्त्र बलों में सेवा देना चाहते हैं। (Agnipath Scheme New Rules)

क्या 25 प्रतिशत चयन की व्यवस्था में होगा बदलाव?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या सरकार और सशस्त्र बल अग्निवीरों में से नियमित सैनिक के रूप में चयन की मौजूदा 25 प्रतिशत व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं? क्या अलग-अलग सेवाओं के लिए यह प्रतिशत अलग हो सकता है?

इस पर सीडीएस ने बताया कि फिलहाल 25 प्रतिशत चयन की व्यवस्था जारी रहेगी। पहले चार साल की सेवा पूरी करने के बाद मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनाया जाएगा।

इसके बाद शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल के अतिरिक्त एंगेजमेंट पीरियड का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला सशस्त्र बलों की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है और फिलहाल इसी व्यवस्था के तहत आगे बढ़ा जाएगा।

सीडीएस ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना को समय-समय पर समीक्षा के लिए खुला रखा जाएगा। सशस्त्र बल बदलते सुरक्षा माहौल और युद्ध की जरूरतों के अनुसार अपनी मानव संसाधन नीति का आकलन करते रहेंगे। (Agnipath Scheme New Rules)

अगर अग्निवीर दो साल और सेवा नहीं करना चाहें तो क्या होगा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल भी पूछा गया कि यदि दूसरे एंगेजमेंट पीरियड के लिए पर्याप्त संख्या में अग्निवीर अपनी इच्छा नहीं जताते हैं, तो सशस्त्र बलों के पास क्या विकल्प होगा?

सीडीएस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बड़ी संख्या में अग्निवीर दो साल और सेवा करने का विकल्प चुनेंगे। उन्होंने बताया कि सशस्त्र बल सभी इच्छुक अग्निवीरों को दूसरे एंगेजमेंट पीरियड का अवसर देने के लिए तैयार हैं।

हालांकि, यदि कोई अग्निवीर आगे सेवा जारी नहीं रखना चाहता, तो उसके लिए सेवा से बाहर निकलने की व्यवस्था मौजूद रहेगी। ऐसे अग्निवीरों को सेवा निधि और अन्य निर्धारित आर्थिक लाभ मिलेंगे।

सीडीएस ने कहा कि अग्निवीरों को सम्मानजनक तरीके से सेवा से बाहर निकलने का अवसर दिया जाएगा। उनके अनुसार, यह व्यवस्था उन युवाओं के लिए भी उपयोगी होगी, जो चार या छह साल की सेवा के बाद नागरिक जीवन में अपना करियर आगे बढ़ाना चाहते हैं। (Agnipath Scheme New Rules)

अग्निवीर भर्ती में पहले होगी लिखित परीक्षा

अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया को लेकर सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रामणि ने बताया कि अग्निवीरों की भर्ती में अब पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है। इसके बाद लिखित परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) और मेडिकल जांच के लिए बुलाया जाता है।

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सीडीएस के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत अगले चरणों में केवल सीमित संख्या में उम्मीदवार पहुंचते हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। (Agnipath Scheme New Rules)

घायल अग्निवीरों को मिलते रहेंगे मौजूदा नीति के तहत लाभ

रक्षा समाचार के सवाल पर सीडीएस ने बताया कि ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले अग्निवीरों और बैटल कैजुअल्टी के मामलों में मौजूदा अग्निपथ योजना के तहत मिलने वाले लाभ जारी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि घायल अग्निवीरों के लिए पहले से तय नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी ड्यूटी के दौरान चोट लगने या युद्ध जैसी परिस्थितियों में घायल होने पर उन्हें मौजूदा नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता और दूसरे निर्धारित लाभ मिलते रहेंगे।

सीडीएस ने यह भी स्पष्ट किया कि अग्निवीरों के लिए घोषित दो साल के दूसरे सेवा कार्यकाल से घायल जवानों के मौजूदा लाभों पर कोई नया बदलाव नहीं होगा।

हालांकि, जनरल राजा सुब्रामणि ने अपने संबोधन में घायल अग्निवीरों के लिए किसी नई आर्थिक सहायता, मुआवजे या अतिरिक्त पैकेज की घोषणा नहीं की। उन्होंने केवल मौजूदा नीति को जारी रखने की बात कही। (Agnipath Scheme New Rules)

अग्निवीरों को मिलेगा शिक्षा और स्किल बढ़ाने का मौका

सीडीएस ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को मिलने वाले शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सेवा के दौरान अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता और तकनीकी कौशल बढ़ाने के लिए कई अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

अगर कोई अग्निवीर 10वीं पास है, तो उसे सेवा के दौरान 12वीं की पढ़ाई पूरी करने का अवसर दिया जा सकता है। इसी तरह 12वीं पास अग्निवीरों को ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के लिए भी सहायता दी जा रही है।

इसके अलावा अग्निवीरों को उनके काम और प्रशिक्षण के आधार पर स्किल सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। ये प्रमाणपत्र नेशनल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क के अनुरूप होते हैं। इससे अग्निवीरों को सैन्य सेवा के दौरान हासिल किए गए स्किल का औपचारिक प्रमाण मिलता है।

सीडीएस के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य अग्निवीरों को केवल सैन्य प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए अधिक सक्षम और योग्य बनाना भी है। इससे वे सशस्त्र बलों में लंबे समय तक सेवा देने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर नागरिक क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर हासिल कर सकते हैं। (Agnipath Scheme New Rules)

महिलाओं के लिए भी खुलेंगे अवसर

सीडीएस ने बताया कि सशस्त्र बलों की अलग-अलग शाखाओं में महिलाओं के लिए अवसरों की लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में सेवा देने के अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने भारतीय नौसेना का उदाहरण देते हुए बताया कि महिला अग्निवीर युद्धपोतों पर भी सेवाएं दे रही हैं। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य जैसे जहाजों पर महिलाओं की तैनाती का उल्लेख भी किया गया।

सीडीएस के अनुसार, महिलाओं के लिए नए क्षेत्रों और शाखाओं में अवसर खोलने की प्रक्रिया जारी है। उनका प्रदर्शन और सैन्य जिम्मेदारियों को निभाने की क्षमता इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगी। (Agnipath Scheme New Rules)

Author

  • Harendra Chaudhary

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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