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अग्निवीर से आर्मी ऑफिसर बने बिलासपुर के विकास गौतम, रह चुके हैं टी-90 टैंक के गनर

विकास गौतम अब उन कैडेट्स में शामिल हैं जो 5 सितंबर को होने वाली ओटीए गया की 29वीं पासिंग आउट परेड में भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करेंगे...

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📍नई दिल्ली/गया | 4 Sep, 2026, 3:52 PM

Agniveer to Army Officer: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में सेवा देने वाले विकास गौतम अब सेना के अधिकारी बनने जा रहे हैं। कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर जॉइन किया। सेना में सेवा के दौरान उन्होंने टी-90 टैंक गनर के तौर पर काम किया और बाद में सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू पास कर ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) गया पहुंचे।

विकास गौतम अब उन कैडेट्स में शामिल हैं जो 5 सितंबर को होने वाली ओटीए गया की 29वीं पासिंग आउट परेड में भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करेंगे।

Agniveer to Army Officer: बिलासपुर के गांव से सेना तक का सफर

हिमाचल प्रदेश लंबे समय से सेना में योगदान देने वाले राज्यों में गिना जाता है। बिलासपुर जिले के एक छोटे से गांव में पले-बढ़े विकास गौतम का सपना बचपन से ही ऑलिव ग्रीन यूनिफॉर्म पहनने का था।

उन्होंने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की, लेकिन उनका लक्ष्य सेना में जाना था। अग्निपथ योजना शुरू होने के बाद उन्होंने भारतीय सेना में अग्निवीर बने। सेना में चयन के बाद उनकी तैनाती द सिंध हॉर्स (14 हॉर्स) रेजिमेंट में हुई, जहां उन्होंने टी-90 भीष्म मुख्य युद्धक टैंक के गनर के रूप में जिम्मेदारी संभाली। (Agniveer to Army Officer)

एतिहासिक है द सिंध हॉर्स रेजिमेंट

द सिंध हॉर्स भारतीय सेना की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित आर्मर्ड रेजिमेंट्स में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1839 में सिंध इरेगुलर हॉर्स के रूप में हुई थी। बाद में 1938 में इसे मैकेनाइज्ड यूनिट में बदला गया।

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आज यह भारतीय सेना के आर्मर्ड कॉर्प्स का हिस्सा है। रेजिमेंट ने 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 1971 के शाकरगढ़ सेक्टर में रेजिमेंट ने दुश्मन के कई टैंकों को नष्ट किया था। उस अभियान में नेतृत्व करने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल सुखजीत सिंह को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

टी-90 टैंक गनर की जिम्मेदारी आसान नहीं

टी-90 भीष्म भारतीय सेना का प्रमुख मुख्य युद्धक टैंक है। इसमें गनर की भूमिका केवल फायरिंग तक सीमित नहीं होती। उसे टारगेट की पहचान, सटीक निशाना, फायर कंट्रोल सिस्टम का उपयोग, क्रू के साथ कॉर्डिनेशन और दबाव की स्थिति में तुरंत फैसले जैसे काम करने होते हैं।

विकास गौतम ने इसी जिम्मेदारी के साथ सेना में सेवा की। सेना के अनुसार रेजिमेंट में बिताए गए समय ने उनमें अनुशासन, टीमवर्क और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। इसी दौरान उन्होंने अधिकारी बनने का लक्ष्य तय किया। (Agniveer to Army Officer)

29वीं पासिंग आउट परेड का हिस्सा

ओटीए गया की 29वीं पासिंग आउट परेड 5 सितंबर को आयोजित होगी। इस परेड में कुल 254 कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करेंगे। इनमें 219 पुरुष और 35 महिला कैडेट्स शामिल हैं।

इस समारोह के मुख्य अतिथि वियतनाम पीपुल्स आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग होंगे। (Agniveer to Army Officer)

एसएसबी पास कर पहुंचे ओटीए गया

अग्निवीर योजना के तहत सेवा देने वाले युवाओं के पास आगे चलकर सेना में अधिकारी बनने का अवसर भी होता है। इसके लिए उन्हें एसएसबी इंटरव्यू और अन्य चयन प्रक्रियाओं को पास करना पड़ता है।

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विकास गौतम ने भी यही रास्ता चुना। उन्होंने एसएसबी इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास किया और इसके बाद ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, गया में ट्रेनिंग के लिए पहुंचे।

बता दें कि ओटीए गया की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी। यह अकादमी मुख्य रूप से टेक्निकल एंट्री और शॉर्ट सर्विस कमीशन से जुड़े कैडेट्स को ट्रेनिंग देती है। (Agniveer to Army Officer)

अकादमी में बने सीनियर अंडर ऑफिसर

ट्रेनिंग के दौरान विकास गौतम ने केवल सैन्य शिक्षा ही नहीं ली, बल्कि नेतृत्व क्षमता का भी प्रदर्शन किया। उन्हें अकादमी में सीनियर अंडर ऑफिसर (SUO) बनाया गया, जो कैडेट्स के बीच सबसे महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों में से एक माना जाता है।

ओटीए गया में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं। अकादमी की क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता में उन्होंने पहला स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीता। उन्हें फिजिकल ट्रेनिंग में मेरिट कार्ड भी मिला।

इसके अलावा उन्होंने बैटल ऑब्स्टेकल कोर्स में रिकॉर्ड भी बनाया। यह कोर्स सैनिकों की शारीरिक क्षमता, सहनशक्ति, गति और मानसिक मजबूती की परीक्षा माना जाता है। (Agniveer to Army Officer)

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