HomeDefence Newsडिफेंस स्टार्टअप ने बनाया भारत का सबसे तेज इंटरसेप्टर ड्रोन, 498 किमी...

डिफेंस स्टार्टअप ने बनाया भारत का सबसे तेज इंटरसेप्टर ड्रोन, 498 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ता है आहुति

अपोल्योन डायनेमिक्स की शुरुआत मई 2025 में बीआईटीएस पिलानी हैदराबाद कैंपस के एक हॉस्टल रूम से हुई थी। कंपनी के संस्थापक उस समय सिर्फ 21 वर्ष के दो बीटेक छात्र थे...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍हैदराबाद | 3 Sep, 2026, 7:30 PM

Ahuti Mk-II Drone: डिफेंस स्टार्टअप अपोल्योन डायनेमिक्स के बनाए आहुति एमके-II इंटरसेप्टर ड्रोन ने 498 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार हासिल कर भारत का सबसे तेज मल्टीरोटर यूएवी बनने का रिकॉर्ड बनाया है। आहुति एमके-II ने पहले दर्ज भारतीय रिकॉर्ड से करीब 170 किलोमीटर प्रति घंटा अधिक रफ्तार हासिल की। यह ड्रोन पारंपरिक मल्टीरोटर ड्रोन की तरह लंबे समय तक हवा में मंडराने के लिए नहीं, बल्कि दुश्मन के ड्रोन को तेजी से इंटरसेप्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।

Ahuti Mk-II Drone: बीआईटीएस पिलानी हैदराबाद के हॉस्टल रूम से हुई शुरुआत

अपोल्योन डायनेमिक्स की शुरुआत मई 2025 में बीआईटीएस पिलानी हैदराबाद कैंपस के एक हॉस्टल रूम से हुई थी। कंपनी के संस्थापक उस समय सिर्फ 21 वर्ष के दो बीटेक छात्र थे।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयंत खत्री राजस्थान के अजमेर से हैं और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं। वहीं चीफ टेक्नोलॉजी अफसर शौर्य चौधरी कोलकाता से हैं और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं।

शुरुआत में कंपनी में केवल दो संस्थापक और कुछ इंटर्न थे। एक साल के भीतर टीम बढ़कर लगभग 20 सदस्यों तक पहुंच गई। कंपनी का नाम “अपोल्योन” बाइबिल में वर्णित विनाश के देवदूत से प्रेरित है। कंपनी की टैगलाइन है “प्रिसिजन इज मर्सी”, यानी सटीकता ही दया है।

आहुति एमके-II को बनाने में लगे कई महीने

कंपनी के अनुसार आहुति एमके-II को विकसित करने के लिए फ्रेम, प्रोपल्शन सिस्टम और मोटर कॉन्फिगरेशन पर लगातार काम किया गया। इस प्रोजेक्ट में टीम में “शेडी” के नाम से मशहूर अमन विरानी ने हाई-स्पीड फ्लाइट टेस्टिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह भी पढ़ें:  प्रमोशन में पिछड़े लेफ्टिनेंट कर्नल को AFT से बड़ी राहत, हटेंगी दो ACR; 3 महीने में फिर होगा विचार

इसके अलावा मनस विचरे और ईशान सूरी भी डेवलपमेंट टीम का हिस्सा रहे। ड्रोन के डिजाइन में 10 से अधिक बड़े बदलाव किए गए। हर फेज में उड़ान परीक्षण के आधार पर बॉडी और पावर सिस्टम में भी बदलाव हुए ताकि अधिकतम गति हासिल की जा सके। (Ahuti Mk-II Drone)

पहले वाले आहुति से पूरी तरह अलग है नया वर्जन

कंपनी ने इससे पहले भी “आहुति” नाम से एक ड्रोन बनाया था। वह मूल रूप से एक कामिकाजे ड्रोन था जिसकी गति लगभग 300 किलोमीटर प्रति घंटा थी और उसका पेलोड एक किलोग्राम से कम था।

लेकिन आहुति एमके-II को पूरी तरह नए उद्देश्य के लिए बनाया गया है। यह एक इंटरसेप्टर ड्रोन है, जिसका काम दुश्मन के ड्रोन तक तेजी से पहुंचकर उसे रोकना है।

सामान्य मल्टीरोटर ड्रोन स्थिरता और होवरिंग पर आधारित होते हैं, जबकि आहुति एमके-II को अधिक एरोडायनेमिक्स बनाया गया है। कंपनी का दावा है कि यह पारंपरिक मल्टीरोटर के मुकाबले मिसाइल जैसा फ्लाइट प्रोफाइल अपनाता है, जिससे यह कम समय में टारगेट तक पहुंच सकता है। (Ahuti Mk-II Drone)

400 एम्पियर की पावर से हासिल हुई तेज रफ्तार

जयंत खत्री के अनुसार इस ड्रोन में एक साथ लगभग 400 एम्पियर का बर्स्ट करंट इस्तेमाल किया जाता है। यही अतिरिक्त पावर इसे इतनी अधिक गति तक पहुंचाने में मदद करती है।

ड्रोन का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि वह कम समय में तेजी से रफ्तार पकड़ सके। मौजूदा ड्रोन वॉरफेयर में तेजी से प्रतिक्रिया देने वाले इंटरसेप्टर सिस्टम की मांग बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया गया। (Ahuti Mk-II Drone)

यह भी पढ़ें:  Rajnath Singh Celebrate Dussehra: भुज में जवानों के साथ दशहरा मनाएंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, देखेंगे संयुक्त सैन्य अभ्यास

सेना और बीएसएफ हैं कंपनी के ग्राहक 

अपोल्योन डायनेमिक्स पहले ही भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल को विभिन्न प्रकार के ड्रोन उपलब्ध करा चुकी है।

कंपनी के सिस्टम जम्मू, चंडीमंदिर, पानागढ़ और अरुणाचल प्रदेश स्थित कई मिलिट्री युनिट्स तक पहुंच चुके हैं। इसके अलावा कंपनी के सिस्टम्स का परीक्षण कई प्रमुख मिलिट्री फायरिंग रेंजों पर किया गया है।

इनमें बबीना, गोपालपुर और पोखरण जैसी महत्वपूर्ण मिलिट्री ट्रेनिंग सुविधाएं शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि भारतीय सेना के सहयोग से इन परीक्षणों को आगे बढ़ाया गया। (Ahuti Mk-II Drone)

4 करोड़ रुपये की फंडिंग भी जुटाई

अपोल्योन डायनेमिक्स ने मई 2026 में लगभग 4 करोड़ रुपये की प्री-सीड फंडिंग जुटाई थी। उस समय कंपनी की वैल्यूएशन करीब 25 करोड़ रुपये थी।

यह इन्वेस्टमेंट नांदी वेंचर्स ने किया। इसके अलावा भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रमुख निजी कंपनियों स्कायरूट एयरोस्पेस, ध्रुव स्पेस और अग्निकुल कॉसमॉस के संस्थापकों ने भी इन्वेस्ट किया है।

इस फंडिंग का उपयोग कंपनी ने अपने काउंटर-ड्रोन और हाई-स्पीड यूएवी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में किया। (Ahuti Mk-II Drone)

नाइटशेड एडीएक्स-1 और मोबाइल ड्रोन लैब भी तैयार

आहुति एमके-II के अलावा कंपनी दूसरे प्रोजक्ट पर भी काम कर रही है। इनमें नाइटशेड एडीएक्स-1 नामक जेट-पावर्ड यूएवी शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार इस प्लेटफॉर्म की टारगेट स्पीड 600 से 700 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रखी गई है। इसे चलती हुई कार से लॉन्च किया जा सकता है, जिसके परीक्षण भी किए जा चुके हैं। इसमें जीपीएस-डिनाइड नेविगेशन और टेरेन-फॉलोइंग जैसी क्षमताएं जोड़ी गई हैं।

इसके अलावा कंपनी ने सेना के लिए जम्मू में एक मोबाइल ड्रोन लैब भी तैनात की है। यह सुविधा हर महीने 100 से अधिक एफपीवी ड्रोन तैयार करने की क्षमता रखती है। (Ahuti Mk-II Drone)

यह भी पढ़ें:  डिफेंस सेक्टर में बरसने वाला है पैसा? जानिए किन कंपनियों को मिल सकते हैं बड़े ऑर्डर

कम लागत वाले काउंटर-ड्रोन सिस्टम पर फोकस

कंपनी का कहना है कि उसका मुख्य ध्यान कम लागत में प्रभावी काउंटर-ड्रोन सॉल्युशन उपलब्ध कराना है। इसके लिए वह “स्ट्राइक एनवेलप पर रुपी” जैसे इंटरनल स्टटैंडर्ड्स का इस्तेमाल करती है।

इसका उद्देश्य कम खर्च में अधिक प्रभावी इंटरसेप्टर सिस्टम विकसित करना है। कंपनी का मानना है कि कई परिस्थितियों में ऐसे सिस्टम पारंपरिक महंगी मिसाइलों की तुलना में अधिक किफायती साबित हो सकते हैं। (Ahuti Mk-II Drone)

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular

Recent Comments