📍नई दिल्ली | 13 Oct, 2025, 2:41 PM
Defence Stocks India: नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि भारत का डिफेंस सेक्टर अब एक हाई ग्रोथ फेज में प्रवेश कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में रक्षा उद्योग में बूस्ट देखने को मिलेगा, जिसका फायदा प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, भारत डायनामिक्स, डाटा पैटर्न, जेन टेक्नोलॉजीज और सोलार इंडस्ट्रीज को मिलेगा।
नुवामा की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का डिफेंस सेक्टर वर्तमान में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर पाइपलाइन पर काम कर रहा है। इसमें रक्षा मंत्रालय की ओर से ज्यादा बजट आवंटन, एयरफोर्स और नेवी की नई आवश्यकताओं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत घरेलू उत्पादन पर जोर दिया गया है।
डिफेंस सेक्टर में तेजी का नया दौर
रक्षा मंत्रालय की नई 15-वर्षीय योजना में न्यूक्लियर पावर्ड वॉरशिप्स, हाइपरसोनिक मिसाइल्स, स्टेल्थ यूसीएवी, डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स और स्पेस-वॉरफेयर जैसी एडवांस क्षमताओं पर निवेश की योजना शामिल है। नुवामा के अनुसार, यह सब दर्शाता है कि भारत का रक्षा उद्योग न केवल आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है, बल्कि तकनीकी दृष्टि से भी तेजी से परिपक्व हो रहा है।
रिपोर्ट में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को सबसे मजबूत दांव बताया गया है। कंपनी की 75,000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक और लगभग 28 प्रतिशत ऑपरेटिंग मार्जिन ने इसे नुवामा का टॉप पिक बना दिया है।
नुवामा का अनुमान है कि बीईएल का अगले वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही में 15% की ग्रोथ हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीईएल की मजबूत एक्सीक्यूशन क्षमता और मार्जिन विजिबिलिटी के कारण यह अन्य पीएसयू से आगे रह सकती है। नुवामा ने यह भी कहा कि क्यूआरएसएएम मिसाइल ऑर्डर मिलने पर बीईएल के शेयर में री-रेटिंग देखने को मिल सकती है।
एचएएल को लेकर नुवामा ने कहा है कि कंपनी के पास भारी ऑर्डर बैकलॉग है, लेकिन एक्सीक्यूशन और कॉस्ट कंट्रोल अभी भी अहम चुनौती है। रिपोर्ट के अनुसार, एचएएल को अगले वित्तवर्ष में 12 तेजस यूनिट्स डिलीवर करनी हैं, लेकिन संभवतः केवल 7 यूनिट्स ही तैयार हो पाएंगी। यह कंपनी की कुल बिक्री में लगभग 13% योगदान देगा। नुवामा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में एचएएल में 10% की ग्रोथ देखने को मिल सकता है।
नुवामा ने सोलार इंजस्ट्रीज और डाटा पैटर्न को लॉन्ग टर्म क्वालिटी स्टोरीज बताया है। सोलार के पास 16,800 करोड़ रुपये से अधिक की ऑर्डर बुक है। कंपनी का वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में 30% वर्ष-दर-वर्ष ग्रोथ का अनुमान है, जो इंटरनेशनल ऑर्डर्स से संचालित होगा। हालांकि भारत में मानसून के कारण माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों पर असर पड़ा है, लेकिन विदेशी बाजारों में बेहतर प्रदर्शन इसकी भरपाई करेगा।
वहीं डाटा पैटर्न्स के लिए नुवामा ने 1,800 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स की उम्मीद जताई है और कंपनी की एक्सीक्यूशन ग्रोथ 28.5% रहने का अनुमान लगाया है।
साथ ही, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड के लिए रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी 22,800 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर बुक पर काम कर रही है। जैसे-जैसे सप्लाई चेन की बाधाएं कम होंगी, कंपनी का एक्सीक्यूशन तेज होगा। नुवामा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 25–28 के दौरान कंपनी का राजस्व 50% की दर से बढ़ सकता है। हालांकि, बढ़ती प्रतियोगिता के कारण मार्जिन पर दबाव बना रहेगा।
Zen Technology – Defence Stocks India
जेन टेक्नोलॉजी को लेकर नुवामा ने कहा है कि कंपनी के मैनेजमेंट ने तिमाही के लिए 650 करोड़ रुपये के ऑर्डर्स की गाइडेंस दी थी, लेकिन ऑर्डर इंफ्लो कमजोर रहा। हालांकि, कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग 34% रहने की उम्मीद है, जो सिमुलेशन ऑर्डर्स से समर्थित होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, डिफेंस सेक्टर का सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स रहेगा। इस सेगमेंट में 14–15% की वार्षिक वृद्धि की उम्मीद है। बड़े प्लेटफॉर्म ऑर्डर्स, मेक-इन-इंडिया इनिशिएटिव और मॉडर्नाइजेशन की योजनाएं इस ग्रोथ को गति देंगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, डिफेंस सेक्टर में मौसमी सुस्ती के बावजूद लॉन्ग टर्म विजिबिलिटी मजबूत बनी हुई है। नुवामा ने बीईएल को अपनी टॉप पिक बनाए रखा है, जबकि सोलार और डाटा पैटर्न्स को मल्टी-ईयर कंपाउंडिंग स्टॉक्स बताया है।
Author
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"


