📍मुंबई | 11 Oct, 2025, 2:13 PM
Defence Shares in India: देश के डिफेंस सेक्टर में तेजी से बढ़ती कंपनियों में शामिल सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड ने पिछले पांच सालों में निवेशकों को हैरान कर देने वाले रिटर्न दिए हैं। कंपनी के शेयर की कीमत जहां अक्टूबर 2019 में 1,090 रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 14,120 रुपये प्रति शेयर हो गई है। यानी, जिसने पांच साल पहले कंपनी में 1 लाख रुपये का निवेश किया था, उसकी वैल्यू आज 12.94 लाख रुपये हो चुकी है।
सोलर इंडस्ट्रीज ने पांच वर्षों में 1,194.82% का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है। इस दौरान कंपनी ने न केवल मार्केट बेंचमार्क को पीछे छोड़ा बल्कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में खुद को एक अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। शुक्रवार को कंपनी का मार्केट कैप 1.27 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।
Defence Shares in India: सोलर इंडस्ट्रीज की सफलता की कहानी
सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड देश की अग्रणी इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव और स्पेशलिटी केमिकल्स बनाने वाली कंपनी है। यह कंपनी माइनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर के लिए काम करती है। कंपनी की शानदार वृद्धि उसके मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन और रणनीतिक निवेशों की वजह से संभव हुई है। हाल के वर्षों में कंपनी ने कई बड़े डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं, जिससे उसकी ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
डिफेंस सेक्टर से मजबूत ऑर्डर बुक
कंपनी की ऑर्डर बुक 17,000 करोड़ रुपये से अधिक की है, जिसमें से लगभग 90 फीसदी ऑर्डर डिफेंस सेक्टर से जुड़े हैं। हाल में सोलर इंडस्ट्रीज को दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड से 483 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जो बल्क एक्सप्लोसिव्स सप्लाई से जुड़ा है। इसके अलावा कोल इंडिया से 402 करोड़ रुपये का ऑर्डर भी कंपनी को मिला है।
सबसे बड़ा कॉन्ट्रैक्ट कंपनी को पिनाका रॉकेट सिस्टम के लिए मिला, जिसकी कुल वैल्यू 6,084 करोड़ रुपये है। यह भारत के इतिहास में किसी निजी कंपनी को मिली सबसे बड़ी आर्टिलरी डील है और इससे सोलर इंडस्ट्रीज का डिफेंस सेक्टर में दबदबा और मजबूत हुआ है।
एयरोस्पेस और डिफेंस में विस्तार
सोलर इंडस्ट्रीज अब पारंपरिक विस्फोटक निर्माण से आगे बढ़कर डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में भी विस्तार कर रही है। कंपनी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के साथ साझेदारी की है और स्कायरूट एयरोस्पेस में निवेश किया है, ताकि स्पेस प्रोपल्शन सिस्टम के विकास में भागीदारी की जा सके।
इसके साथ ही कंपनी ने भार्गवास्त्र नामक एंटी-ड्रोन सिस्टम भी डेवलप कर रही है, जो आधुनिक युद्ध में ड्रोन खतरों से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। यह तकनीक भारतीय सेना के लिए रणनीतिक रूप से अहम साबित हो सकती है।
कंपनी ने महाराष्ट्र सरकार के साथ 12,700 रुपये करोड़ का एमओयू साइन किया है, जिसके तहत एक मेगा डिफेंस एंड एयरोस्पेस फैसिलिटी बनाई जाएगी। यह प्रोजेक्ट भारत को ड्रोन्स, यूएवी, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और एडवांस्ड एक्सप्लोसिव्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
वित्तीय मोर्चे पर भी सोलर इंडस्ट्रीज ने शानदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का कुल राजस्व 7,540 करोड़ रुपये रहा, जो 24 फीसदी अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट 47% बढ़कर 1,288 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
वित्तवर्ष की पहली तिमाही में कंपनी ने 2,154 करोड़ का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28 फीसदी अधिक है। इस अवधि में नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 353 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में ऑपरेटिंग प्रॉफिट 537 करोड़ से घटकर 535 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉइड 38.1% और रिटर्न ऑन इक्विटी 32.6% है। पिछले पांच वर्षों में सोलर इंडस्ट्रीज ने 36.2% का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट दर्ज किया है।
भारतीय रक्षा उत्पादन में बढ़ रही भूमिका
सोलर इंडस्ट्रीज का योगदान अब भारत के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में अहम हो चुका है। कंपनी ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत उन्नत गोला-बारूद, मिसाइल सिस्टम और विस्फोटक तकनीक विकसित कर रही है।
कंपनी की उपलब्धियों में यह भी शामिल है कि वह भारतीय सशस्त्र बलों को 155एमएम आर्टिलरी शेल्स और विभिन्न डिफेंस मैटेरियल्स की सप्लाई कर रही है। इसने भारत को गोला-बारूद के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ी बढ़त दी है।
सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों में बीते कुछ वर्षों में जबरदस्त उछाल आया है। निवेशकों का विश्वास कंपनी के प्रदर्शन और डिफेंस सेक्टर में उसकी मजबूत स्थिति पर आधारित है। मार्केट विश्लेषकों के अनुसार, सोलर इंडस्ट्रीज ने जिस स्थिरता और निरंतर ग्रोथ का प्रदर्शन किया है, उसने इसे डिफेंस सेक्टर के सबसे भरोसेमंद शेयरों में शामिल कर दिया है।
डिस्क्लेमर: शेयरों में निवेश करने से वित्तीय नुकसान का जोखिम होता है। इसलिए, निवेशकों को शेयरों में निवेश या ट्रेडिंग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। निवेश करने से पहले कृपया अपने निवेश सलाहकार से सलाह लें।
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