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GE F-414 इंजन की खबर से HAL के शेयर में मचा हड़कंप! एक दिन में तीन फीसदी से ज्यादा गिरा शेयर

निवेशकों में इस बात को लेकर घबराहट थी कि अगर जीई एफ-414 इंजन को लेकर बात नहीं बनती है, तो भारत एएमसीए प्रोजेक्ट के लिए वैकल्पिक इंजन विकल्पों पर विचार कर सकता है...

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📍नई दिल्ली | 24 Jun, 2026, 8:03 PM

HAL Share Price: भारत की प्रमुख रक्षा विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के शेयरों पर बुधवार को रक्षा समाचार की खबर का असर देखने को मिला। सुबह बाजार खुलते ही शेयर में भारी बिकवाली देखी गई और दिन भर में चार बार बड़े उतार-चढ़ाव दर्ज किए गए। दिनभर खरीद और बिकवाली के बीच शेयर करीब 196 रुपये के दायरे में घूमता रहा। कारोबार खत्म होने पर एचएएल का शेयर 2.92 फीसदी की गिरावट के साथ 4,368.90 रुपये पर बंद हुआ। जबकि मंगलवाार को यह 4,500 रुपये से ऊपर पर बंद हुआ था।

HAL Share Price: निवेशकों में किस बात का था डर

निवेशकों में इस बात को लेकर घबराहट थी कि अगर जीई एफ-414 इंजन को लेकर बातचीत नहीं बनती है, तो भारत एएमसीए प्रोजेक्ट के लिए वैकल्पिक इंजन विकल्पों पर विचार कर सकता है। जिससे कार्यक्रम की समयसीमा प्रभावित हो सकती है। वहीं इंजन बदलने की स्थिति में एयरक्राफ्ट के डिजाइन, एयर इनटेक, फ्लाइट कंट्रोल, टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन से जुड़े कई तकनीकी पहलुओं की दोबारा समीक्षा करनी पड़ सकती है।

वहीं, इंजन सप्लाई में देरी से तेजस एमके 1ए की डिलीवरी भी प्रभावित होगी और वित्त वर्ष 2027 में मैन्युफैक्चरिंग रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। हालांकि एचएएल का ऑर्डर बुक 2.54 लाख करोड़ रुपये का है, लेकिन डिलीवरी में देरी से कैश फ्लो पर भी असर पड़ सकता है। (HAL Share Price)

क्या कहा एचएएल ने?

एचएएल के सूत्रों का कहना है कि एएमसीए और तेजस को लेकर अलग-अलग कॉमर्शियल नेगोशिएशन चल रहे हैं। दोनों अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं। उनका कहना है कि तेजस एमके-2 में भी जीई एफ-414 इंजन लगाया जाना है। उन्होंने बताया कि उनकी जीई के साथ बातचीत बिल्कुल पॉजिटिव चल रही है और किसी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही डील फाइनल हो सकती है। (HAL Share Price)

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सुबह की शुरुआत और पहली बड़ी गिरावट

बाजार खुलते ही एचएएल का शेयर 4,490 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था। लेकिन रक्षा समाचार की रिपोर्ट आने के कुछ मिनट बाद ही शेयर में तेज बिकवाली शुरू हो गई। रिपोर्ट में जीई एरोस्पेस के साथ एफ-414 इंजन की डील पर मंडराते खतरे को लेकर खबर की थी। कीमत तीन गुना बढ़ाने की मांग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर मतभेद के चलते एएमसीए प्रोजेक्ट की लागत बढ़ने की आशंका जताई गई थी। 10:15 से 10:45 के बीच शेयर 4,490 रुपये से सीधा 4,380 रुपये के स्तर पर आ गया, यानी पहले ही घंटे में 2.5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। यह पहला बड़ा झटका था। (HAL Share Price)

दूसरा उतार-चढ़ाव: कुछ राहत फिर नई गिरावट

11:00 बजे के आसपास कुछ खरीदारों ने एंट्री ली और शेयर 4,420 रुपये तक वापस चढ़ गया। यह दूसरा मूवमेंट था। लेकिन दोपहर 12:30 के आसपास फिर बिकवाली तेज हो गई। शेयर 4,340 रुपये के आसपास पहुंच गया। यह दिन का दूसरी बड़ी गिरावट का दौर था। इस दौरान शेयर 4,400 रुपये के सपोर्ट लेवल को तोड़ चुका था। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज (DMA) के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो वर्तमान में 4,379 रुपये के आसपास है। वहीं आरएसआई (14) भी 45 के नीचे आ गया, जो ओवरसोल्ड जोन की तरफ इशारा कर रहा था। (HAL Share Price)

दोपहर में तीसरी और चौथी गिरावट 

दोपहर 1:30 से 2:30 के बीच शेयर में फिर खरीदारी का दबाव बना और यह 4,390 से 4,450 रुपये तक चढ़ गया। यह तीसरा बड़ा उतार-चढ़ाव था। लेकिन अंतिम घंटे 3:00 बजे के बाद फिर बिकवाली आई और शेयर 4,320 रुपये के आसपास आ गया। अंतिम 30 मिनट में हल्की रिकवरी हुई, लेकिन बंद होते-होते यह 4,367.50 रुपये पर आकर रुका।

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हालांकि वॉल्यूम औसत से 1.8 से 2.5 गुना ज्यादा रहा। दिन का कुल वॉल्यूम करीब 7 लाख शेयर के आसपास रहा, जबकि औसत वॉल्यूम 3-4 लाख के करीब रहता है। (HAL Share Price)

रक्षा समाचार की खबर का असर

रक्षा समाचार की रिपोर्ट के मुताबिक, जीई एफ-414 इंजन की कीमत शुरूआती अनुमान 70-80 करोड़ रुपये से बढ़कर 210-240 करोड़ रुपये प्रति इंजन हो गई है। फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट एएमसीए के 5 प्रोटोटाइप के लिए ही 15 इंजन चाहिए। वहीं प्रोटोटाइप के अलावा 4-6 स्क्वॉड्रन बनाने के लिए कुल जरूरत 200+ इंजन की बताई जा रही है। जीई ने भारत में असेंबली लाइन लगाने के लिए भी 6,000 करोड़ रुपये की मांग की है।

वहीं, यह खबर एचएएल के लिए दोहरी मार साबित हुई। क्योंकि कंपनी पहले से ही तेजस एमके1ए में लगने वाले जीई एफ-404 इंजन की कमी से जूझ रही है। एचएएल चेयरमैन रवि कोटा ने 15 मई को कहा था कि अगस्त-सितंबर तक मार्क 1ए की डिलीवरी शुरू करने की उम्मीद है, लेकिन अब इस पर भी अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।

एएमसीए प्रोजेक्ट में प्राइवेट कंसोर्टिया में एक को (टाटा, एल एंड टी, बीईएल और भारत फोर्ज) को प्रोटोटाइप बनाने के लिए चुना जाएगा। लेकिन इंजन के लिए अभी भी जीई पर निर्भर है। वहीं, अब इस प्रोजेक्ट को एटीवी मॉडल (Advanced Technology Vessel) की तरह मजबूत लीडरशिप और मिशन-मोड स्ट्रक्चर की मांग की जा रही है। (HAL Share Price)

एएमसीए में इंजन बदलना आसान नहीं

एएमसीए जैसे विमान में इंजन बदलना केवल पुराने इंजन को निकालकर नया इंजन लगाने जैसा काम नहीं होता। किसी भी फाइटर जेट का एयर इनटेक, इंजन बे, वेट रेशियो, फ्यूल फ्लो, इलेक्ट्रिकल पावर, हाइड्रोलिक सिस्टम, फ्लाइट कंट्रोल सॉफ्टवेयर और थर्मल मैनेजमेंट इंजन की विशेषताओं के अनुसार तैयार किए जाते हैं।

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यदि इंजन का आकार, वजन, थ्रस्ट या हवा की जरूरत बदलती है, तो विमान के कई सिस्टम की फिर से जांच करनी पड़ सकती है। इसी कारण एफ-414 के लिए तैयार एएमसीए एमके-1 कार्यक्रम में किसी दूसरे इंजन का विकल्प चुनना तकनीकी और सर्टिफिकेशन दोनों स्तरों पर मुश्किल हो सकता है। (HAL Share Price)

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  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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