📍नई दिल्ली | 23 Jun, 2026, 12:51 PM
IAFBA Garima Grant: भारतीय वायुसेना के पूर्व सैनिकों के परिवारों को मिलने वाली मृत्यु के बाद की आर्थिक सहायता व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एयर फोर्स एसोसिएशन (एएफए) ने अपने सदस्य रहे एयर वेटरन के निधन पर दी जाने वाली 7,500 रुपये की एक्स-ग्रेशिया राशि बंद कर दी है। इसके साथ ही इंडियन एयर फोर्स बेनेवोलेंट एसोसिएशन यानी आईएएफबीए की गरिमा ग्रांट 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है।
IAFBA Garima Grant: पहले किस तरह मिलती थी सहायता
पुरानी व्यवस्था में दो अलग-अलग प्रकार की सहायता का प्रावधान था। यदि किसी एयर वेटरन की मृत्यु होती थी और वह एयर फोर्स एसोसिएशन का सदस्य था, तो उसके निकटतम परिजन को एएफए की ओर से 7,500 रुपये की एक्स-ग्रेशिया राशि दी जाती थी। एक्स-ग्रेशिया का किसी सामान्य अधिकार या वेतन के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय आधार पर दी जाती है।
इसके अलावा इंडियन एयर फोर्स बेनेवोलेंट एसोसिएशन की ओर से गरिमा ग्रांट दी जाती थी। यह राशि एयर वेटरन के अंतिम संस्कार और उससे जुड़े तत्काल खर्चों में परिवार की मदद के लिए होती थी। पहले यह रकम 15,000 रुपये थी।
पुरानी व्यवस्था में एएफए सदस्य रहे वेटरन के परिवार को दोनों मदों से सहायता मिल सकती थी। यानी 7,500 रुपये की एक्स-ग्रेशिया और 15,000 रुपये की गरिमा ग्रांट मिलाकर कुल 22,500 रुपये तक की सहायता का प्रावधान था। वहीं जो एयर वेटरन एएफए के सदस्य नहीं थे, उनके परिवार को केवल आईएएफबीए की गरिमा ग्रांट मिलती थी।
नए फैसले के बाद एएफए की 7,500 रुपये वाली अलग एक्स-ग्रेशिया सहायता बंद कर दी गई है। अब आईएएफबीए की गरिमा ग्रांट बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। (IAFBA Garima Grant)
1 जून से लागू हुआ नया नियम
एएफए के पत्र के अनुसार, यह व्यवस्था 1 जून 2026 से प्रभावी है। 1 जून या उसके बाद किसी एयर वेटरन का निधन होने पर एएफए की ओर से 7,500 रुपये का एक्स-ग्रेशिया क्लेम स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इसके बदले मृतक एयर वेटरन के परिवार को आईएएफबीए की तरफ से 25,000 रुपये की गरिमा ग्रांट मिलने का प्रावधान है। यह सहायता एएफए सदस्यता से अलग रखी गई है। यानी गरिमा ग्रांट का लाभ केवल एएफए सदस्यों तक सीमित नहीं है।
पत्र में स्थानीय शाखाओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के एयर वेटरंस और उनके परिवारों को यह बदलाव बताएं। शाखाओं को यह भी कहा गया है कि नई तारीख के बाद हुई मृत्यु के मामलों में एक्स-ग्रेशिया भुगतान के लिए फाइल एएफए मुख्यालय न भेजी जाए। (IAFBA Garima Grant)
क्या होती है गरिमा ग्रांट
गरिमा ग्रांट का उद्देश्य एयर वेटरन के निधन के बाद परिवार को तत्काल आर्थिक मदद देना है। अंतिम संस्कार, यात्रा, धार्मिक प्रक्रिया, स्थानीय व्यवस्था और अन्य जरूरी खर्चों के दौरान परिवार पर अचानक आर्थिक दबाव आ सकता है। इसी स्थिति में यह सहायता दी जाती है।
आईएएफबीए वायुसेना कर्मियों, पूर्व कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण से जुड़ी संस्था है। यह संस्था अलग-अलग सहायता योजनाओं के माध्यम से जरूरत के समय मदद देती है। गरिमा ग्रांट ऐसी ही एक सहायता है, जिसका नाम ही अंतिम विदाई को सम्मान और गरिमा के साथ पूरा करने की भावना से जुड़ा है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह अनुदान एयर फोर्स एसोसिएशन की सदस्यता पर निर्भर नहीं है। इसका दायरा एयर वेटरन्स के परिवारों तक रखा गया है। (IAFBA Garima Grant)
यूआरसी से ग्रांट लेने को लेकर स्पष्टीकरण
एएफए के पत्र में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण यूनिट रन कैंटीन यानी यूआरसी को लेकर भी दिया गया है। भारतीय सेना के कुछ पूर्व सैनिकों के मामलों में यूआरसी से संबंधित सहायता या ग्रांट की व्यवस्था हो सकती है। इसी वजह से कई परिवारों में यह भ्रम हो सकता है कि एयर वेटरन्स के लिए भी वही व्यवस्था लागू होगी।
पत्र में कहा गया है कि एयर वेटरन्स के परिवारों को इस सहायता के लिए यूआरसी से संपर्क नहीं करना चाहिए। एयर वेटरन्स के लिए गरिमा ग्रांट आईएएफबीए के माध्यम से दी जाती है। यूआरसी को इस ग्रांट के लिए जिम्मेदार संस्था नहीं बताया गया है।
यह जानकारी उन परिवारों के लिए उपयोगी है जिनके पास सीएसडी या यूआरसी सुविधाओं से जुड़े कार्ड और दस्तावेज हैं। कई पूर्व सैनिक परिवार रक्षा सेवाओं की अलग-अलग कल्याण योजनाओं को एक जैसा मान लेते हैं, जबकि सेना, नौसेना और वायुसेना की सहायता प्रक्रियाएं अलग हो सकती हैं। (IAFBA Garima Grant)


