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सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे पूर्व सैनिकों के लिए जरूरी खबर, ये डिटेल्स गलत लिखीं तो दो साल तक नहीं दे पाएंगे एग्जाम

डीओपीटी की ओर से जारी ‘लेटर ऑफ इंस्ट्रक्शन’ में कहा गया है कि सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ पूर्व सैनिक उम्मीदवार अलग-अलग सरकारी परीक्षाओं के आवेदन फॉर्म में गलत जानकारी दे रहे हैं...

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📍नई दिल्ली | 22 Jun, 2026, 12:12 PM

Ex-Servicemen Government Exam Rules: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे पूर्व सैनिकों के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विभाग ने साफ कहा है कि सरकारी परीक्षाओं के आवेदन फॉर्म में रिटायरमेंट, डिस्चार्ज, पेंशन या सैन्य सेवा से जुड़ी गलत, झूठी अथवा भ्रामक जानकारी देने वाले पूर्व सैनिक उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे उम्मीदवार को सभी सरकारी परीक्षाओं में बैठने से दो वर्ष के लिए रोक लगाई जा सकती है।

डीओपीटी की ओर से जारी ‘लेटर ऑफ इंस्ट्रक्शन’ में कहा गया है कि सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ पूर्व सैनिक उम्मीदवार अलग-अलग सरकारी परीक्षाओं के आवेदन फॉर्म में गलत जानकारी दे रहे हैं। इसके बाद विभाग को सभी पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को निर्देश जारी करने पड़े।

यह निर्देश पत्र 17 जून 2026 को जारी किया गया है। पत्र भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली की ओर से सभी केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, अधीनस्थ कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भेजा गया है।

Ex-Servicemen Government Exam Rules: किन जानकारियों में गलती पर होगी कार्रवाई

डीओपीटी के पत्र में पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को अपनी सेवा से संबंधित हर जानकारी सही देने को कहा गया है। इसमें सेवा से रिटायरमेंट या डिस्चार्ज की तारीख, पेंशन से जुड़ी जानकारी, सेवा अवधि, रैंक और अन्य आवश्यक सर्विस डिटेल्स शामिल हैं।

सरकारी भर्ती फॉर्म भरते समय पूर्व सैनिक को अक्सर यह बताना होता है कि वह किस तारीख को सेना, नौसेना या वायुसेना से रिटायर या डिस्चार्ज हुआ। कई भर्तियों में पेंशन की स्थिति, सेवा का कुल समय, पूर्व सैनिक का दर्जा और संबंधित प्रमाणपत्र की जानकारी भी मांगी जाती है। विभाग ने कहा है कि इन सभी कॉलम में सही और सटीक जानकारी भरना जरूरी है।

पत्र के अनुसार, यदि कोई उम्मीदवार अपनी रिटायरमेंट या सर्विस डिटेल्स के संबंध में गलत, फर्जी या गुमराह करने वाली जानकारी देता पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जिसके बाद संबंधित उम्मीदवार दो वर्ष तक किसी भी सरकारी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा। (Ex-Servicemen Government Exam Rules)

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दो साल की रोक किन परीक्षाओं पर होगी लागू

डीओपीटी ने अपने निर्देश में डिबारमेंट का दायरा काफी व्यापक रखा है। गलत जानकारी देने पर उम्मीदवार केवल एक भर्ती परीक्षा से बाहर नहीं होगा। कार्रवाई होने की तारीख से अगले दो साल तक वह भारत सरकार, राज्य सरकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा आयोजित सरकारी परीक्षाओं में बैठने से रोका जा सकता है।

इस दायरे में केंद्रीय मंत्रालयों की भर्ती, राज्य सरकारों की भर्ती, सरकारी विभागों की परीक्षाएं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भर्ती प्रक्रियाएं आ सकती हैं। ऐसे में किसी पूर्व सैनिक उम्मीदवार के लिए आवेदन फॉर्म में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

सूत्रों के अनुसार, सरकारी भर्ती एजेंसियां पूर्व सैनिक कोटे और उम्र में छूट से जुड़े मामलों में दस्तावेजों का मिलान करती हैं। आवेदन में दर्ज रिटायरमेंट तिथि, डिस्चार्ज सर्टिफिकेट, पेंशन रिकॉर्ड और सर्विस सर्टिफिकेट के बीच अंतर मिलने पर उम्मीदवार से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। रिकॉर्ड में गलत जानकारी साबित होने पर विभागीय कार्रवाई का रास्ता खुलता है। (Ex-Servicemen Government Exam Rules)

डीओपीटी ने क्यों जारी किया यह निर्देश

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के पत्र में कहा गया है कि कुछ पूर्व सैनिक उम्मीदवारों द्वारा विभिन्न सरकारी परीक्षाओं के आवेदन फॉर्म में रिटायरमेंट डिटेल्स से जुड़ी गलत या फर्जी जानकारी दिए जाने के मामले सामने आए हैं। इसी कारण विभाग ने सभी उम्मीदवारों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किया है।

पूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरियों में कुछ विशेष प्रावधानों का लाभ मिलता है। अलग-अलग भर्ती नियमों के अनुसार पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को आरक्षण, उम्र सीमा में छूट या अन्य पात्रता संबंधी लाभ मिल सकते हैं। इन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार का पूर्व सैनिक दर्जा और उसकी सेवा से संबंधित रिकॉर्ड सही होना जरूरी है।

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किसी उम्मीदवार द्वारा रिटायरमेंट की तारीख बदलकर लिखना, सेवा अवधि में गलत जानकारी देना या पेंशन की स्थिति के बारे में भ्रामक विवरण देना भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। विभाग का निर्देश इसी तरह की गलतियों और कथित हेरफेर को रोकने के लिए जारी किया गया है। (Ex-Servicemen Government Exam Rules)

आवेदन फॉर्म में किन दस्तावेजों से करें मिलान

पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को सरकारी परीक्षा का फॉर्म भरने से पहले अपने आधिकारिक दस्तावेजों को ध्यान से देखना चाहिए। रिटायरमेंट या डिस्चार्ज की तारीख वही लिखनी चाहिए जो डिस्चार्ज बुक, रिलीज ऑर्डर या सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज हो। पेंशन से संबंधित जानकारी पेंशन पेमेंट ऑर्डर यानी पीपीओ और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर भरना जरूरी है।

सेवा अवधि, रैंक, यूनिट या कोर से संबंधित जानकारी भी आधिकारिक दस्तावेजों से मिलाकर ही दर्ज की जानी चाहिए। कई उम्मीदवार पुराने कागजात, याददाश्त या किसी अनौपचारिक जानकारी के आधार पर फॉर्म भर देते हैं। ऐसी स्थिति में तारीख या सेवा विवरण में अंतर आ सकता है।

यदि किसी दस्तावेज में नाम, जन्मतिथि, सेवा संख्या या रिटायरमेंट तिथि को लेकर कोई भ्रम है, तो उम्मीदवार को आवेदन से पहले संबंधित रिकॉर्ड ऑफिस, जिला सैनिक बोर्ड या पूर्व सैनिक कल्याण से जुड़े कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। (Ex-Servicemen Government Exam Rules)

उम्र में छूट और पूर्व सैनिक कोटे से जुड़ा मामला

सरकारी भर्ती में पूर्व सैनिक उम्मीदवारों के लिए पात्रता का निर्धारण संबंधित भर्ती नियमों के आधार पर होता है। कई भर्तियों में पूर्व सैनिकों के लिए अलग सीटें निर्धारित रहती हैं, जबकि कुछ में उम्र सीमा से जुड़ी छूट का प्रावधान होता है। इन लाभों के लिए उम्मीदवार का सही पूर्व सैनिक दर्जा होना आवश्यक है।

रिटायरमेंट या डिस्चार्ज की तारीख कई मामलों में पात्रता तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भर्ती की कट-ऑफ तारीख पर उम्मीदवार पूर्व सैनिक की श्रेणी में आता है या नहीं, यह उसके आधिकारिक सेवा रिकॉर्ड से तय होता है। इसलिए गलत तारीख दर्ज होने पर उम्मीदवार की पात्रता पर सवाल उठ सकता है।

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उदाहरण के तौर पर, यदि कोई उम्मीदवार अपने वास्तविक डिस्चार्ज की तारीख से अलग तारीख लिख देता है, तो उसकी उम्र में छूट, पूर्व सैनिक आरक्षण या अन्य लाभों की गणना प्रभावित हो सकती है। दस्तावेज जांच के दौरान ऐसी जानकारी का मिलान किया जाता है। (Ex-Servicemen Government Exam Rules)

पेंशन डिटेल्स भरते समय भी सावधानी जरूरी

डीओपीटी के पत्र में पेंशन डिटेल्स का विशेष उल्लेख किया गया है। पूर्व सैनिक उम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म में यदि पेंशन से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है तो उसे भी सही भरना होगा। पेंशन की श्रेणी, पीपीओ से जुड़ी जानकारी या सेवा के बाद मिलने वाले लाभों का विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलाकर दर्ज करना चाहिए।

कई सरकारी भर्ती फॉर्म में उम्मीदवार से यह पूछा जा सकता है कि वह पूर्व सैनिक है या नहीं, उसे पेंशन मिल रही है या नहीं और उसका डिस्चार्ज किस आधार पर हुआ था। ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय किसी भी कॉलम को अनुमान के आधार पर नहीं भरना चाहिए।

पेंशन रिकॉर्ड और सर्विस रिकॉर्ड में अंतर होने की स्थिति में उम्मीदवार को पहले संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण लेना चाहिए। आवेदन जमा करने के बाद गलत जानकारी सामने आने पर उम्मीदवार को भर्ती प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है। (Ex-Servicemen Government Exam Rules)

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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