📍नई दिल्ली | 19 Apr, 2026, 1:20 PM
Rajnath Singh Germany Visit: भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 से 23 अप्रैल तक तीन दिन के दौरे पर जर्मनी जाएंगे। रक्षा समाचार ने पहले ही इस दौरे के बारे में जानकारी दी थी, और अब यह यात्रा औपचारिक रूप से तय हो चुकी है। इस दौरान बर्लिन में उनकी मुलाकात जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस और अन्य वरिष्ठ नेताओं से होगी, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है।
Rajnath Singh Germany Visit: रक्षा सहयोग पर रहेगा फोकस
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करना है। बातचीत में डिफेंस इंडस्ट्रियल कोलैबोरेशन यानी रक्षा उद्योग में साझेदारी, मिलिट्री-टू-मिलिट्री एंगेजमेंट और नई टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग पर जोर रहेगा।
खास तौर पर साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसे उभरते क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करने के विकल्पों पर चर्चा होगी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच एक डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप और यूएन पीसकीपिंग ऑपरेशन ट्रेनिंग से जुड़ा समझौता भी साइन किया जा सकता है। (Rajnath Singh Germany Visit)
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प्रोजेक्ट 75आई पनडुब्बी डील पर नजर
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान भारतीय नौसेना के लिए प्रस्तावित प्रोजेक्ट 75आई पनडुब्बी डील पर भी प्रगति हो सकती है। इस प्रोजेक्ट के तहत छह आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां शामिल की जानी हैं।
इन पनडुब्बियों में एडवांस एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन यानी एआईपी सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे ये ज्यादा समय तक पानी के अंदर रह सकेंगी। इससे उनकी पहचान करना मुश्किल होगा और ऑपरेशन क्षमता बेहतर होगी।
इस डील में जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स की अहम भूमिका मानी जा रही है। इन पनडुब्बियों का निर्माण भारत में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में किया जाएगा, जिससे देश के रक्षा उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी।
सात साल बाद हो रहा है दौरा
भारत और जर्मनी के बीच पहले से ही मजबूत रणनीतिक साझेदारी है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर आधारित है। पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस रिश्ते का अहम हिस्सा बनकर उभरा है।
रक्षा मंत्री का यह दौरा सात साल बाद हो रहा है। इससे पहले फरवरी 2019 में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने जर्मनी का दौरा किया था। वहीं जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस जून 2023 में भारत आए थे और दोनों देशों के बीच विस्तृत बातचीत हुई थी। (Rajnath Singh Germany Visit)
इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी पर भी बातचीत
इस यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह जर्मनी की डिफेंस इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसका उद्देश्य संयुक्त विकास और को-प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है, खासकर मेक इन इंडिया पहल के तहत।
दोनों देशों के बीच रक्षा निवेश, नई तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। इससे भारतीय कंपनियों को आधुनिक तकनीक के साथ काम करने का मौका मिल सकता है। (Rajnath Singh Germany Visit)
पहले से चल रही परियोजनाओं की समीक्षा
इस दौरे के दौरान भारत और जर्मनी के बीच पहले से चल रही रक्षा परियोजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी। साथ ही नए क्षेत्रों में सहयोग के अवसर तलाशे जाएंगे।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और देशों के बीच रक्षा सहयोग की अहमियत और ज्यादा बढ़ गई है। इस दौरान दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
भारत की ओर से इस दौरे को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां रक्षा, तकनीक और इंडस्ट्री के कई पहलुओं पर एक साथ बातचीत होगी। (Rajnath Singh Germany Visit)

