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भारत-जर्मनी की सबसे बड़ी पनडुब्बी डील पर जल्द लग सकती है मुहर! प्रोजेक्ट-75आई पर अगले महीने हो सकते हैं दस्तखत
इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय नौसेना के लिए छह नई पीढ़ी की पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक पनडुब्बियां बनाई जाएंगी। इनका निर्माण भारत में ही किया जाएगा...
भारत बना रहा ‘नेशनल सबमरीन’ इकोसिस्टम, न्यूक्लियर और डीजल पनडुब्बियों में होगा एक जैसा ही ‘दिमाग’
नेशनल सबमरीन इकोसिस्टम के तहत नौसेना ऐसा स्ट्रक्चर बनाना चाहती है जिसमें पनडुब्बियों के सेंसर, वेपन कंट्रोल सिस्टम, सोनार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, ऑप्ट्रॉनिक मास्ट, ट्रेनिंग और मेंटेनेंस सिस्टम एक-दूसरे से जुड़े रहें...
70,000 करोड़ की लागत वाले पी-75आई को मिले पंख, 6 AIP सबमरीन डील के लिए सीसीएस की मंजूरी का इंतजार
सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के सामने रखा जाएगा। अंतिम मंजूरी के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर होंगे...
70,000 करोड़ की मेगा डील! भारतीय नौसेना को मिलेंगी ऐसी पनडुब्बियां जो हफ्तों तक नहीं आएंगी सतह पर
रक्षा सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना से जुड़ी प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसी महीने इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद सितंबर तक कॉन्ट्रैक्ट पर दस्तखत हो सकते हैं...
राजनाथ सिंह 21 से 23 तक जर्मनी दौरे पर, P-75I सबमरीन डील और रक्षा साझेदारी को मिल सकती है नई रफ्तार
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान भारतीय नौसेना के लिए प्रस्तावित प्रोजेक्ट 75आई पनडुब्बी डील पर भी प्रगति हो सकती है। इस प्रोजेक्ट के तहत छह आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां शामिल की जानी हैं...
तीन दिन के दौरे पर जर्मनी जाएंगे राजनाथ सिंह, Project 75I पनडुब्बी डील पर लग सकती है मुहर
इस सौदे में जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी कंपनी के डिजाइन पर आधारित पनडुब्बियां भारत को मिल सकती हैं...
भारत-जर्मनी सबमरीन डील फाइनल! प्रोजेक्ट 75I से भारतीय नौसेना को मिलेगी नई अंडरवॉटर ताकत
टीकेएमएस दुनिया की सबसे अनुभवी सबमरीन डिजाइन कंपनियों में से एक मानी जाती है। भारत के लिए वह अपनी टाइप-214 एनजी सबमरीन का एडवांस्ड और बड़ा वर्जन ऑफर कर रही है, जो करीब 3000 टन क्लास की होगी...
Pakistan Hangor Submarines: अगले साल से पाकिस्तान को मिलेंगी नई हैंगोर क्लास चीनी AIP पनडुब्बियां, भारतीय नौसेना है 7 साल पीछे?
नौसेना के अधिकारियों का मानना है कि भारत की अंडरवाटर फ्लीट में कमी एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। चीन के पास फिलहाल 50 से अधिक डीजल-इलेक्ट्रिक और 10 परमाणु पनडुब्बियां हैं, जबकि पाकिस्तान की संख्या भी अब तेजी से बढ़ रही है...


