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जैमिंग के बीच भी ड्रोन करता रहेगा काम! Calibri-100 की डेटा लिंक और एंटी-जैमिंग टेक्नोलॉजी है बेहद खास

बीएसएस मैटरियल के कैलिब्री-100 यूएवी डेटा लिंक में 100 किलोमीटर तक लाइन-ऑफ-साइट रेंज, डीएसएसएस-एफएचएसएस टेक्नोलॉजी और एईएस एन्क्रिप्शन जैसी सुविधाएं दी गई हैं...

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📍नई दिल्ली | 20 Aug, 2026, 9:46 PM

Calibri-100 UAV Data Link: मॉडर्न ड्रोन अब सिर्फ कैमरा लेकर उड़ने वाले सिस्टम नहीं रह गए हैं। इनका इस्तेमाल आईएसआर यानी इंटेलिजेंस, सर्विलांस एंड रिकॉनेसेंस, बॉर्डर सर्विलांस, एरिया सिक्योरिटी, टारगेट ऑब्जर्वेशन और टैक्टिकल सिचुएशनल अवेयरनेस जैसे मिशनों में किया जाता है। ऐसे ऑपरेशंस में ड्रोन का ऑपरेटर के साथ लगातार कनेक्ट रहना भी जरूरी है।

यहीं पर यूएवी डेटा लिंक की अहमियत सामने आती है। खासकर ऐसे आरएफ यानी रेडियो फ्रीक्वेंसी एनवायरनमेंट में, जहां कई रेडियो सिस्टम एक साथ काम कर रहे हों या इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के जरिए कम्युनिकेशन को ब्लॉक करने की कोशिश की जा रही हो, डेटा लिंक पूरे ड्रोन मिशन का बेहद अहम हिस्सा बन जाता है।

भारत की बीएसएस मैटरियल लिमिटेड ने इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कैलिब्री-100 यूएवी डेटा लिंक टर्मिनल डेवलप किया है। कंपनी के मुताबिक यह सिस्टम यूएवी और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन के बीच कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है।

Calibri-100 UAV Data Link: ड्रोन के लिए डेटा लिंक क्यों है जरूरी?

किसी ड्रोन में कैमरा, सेंसर या दूसरा पेलोड लगा होने से वह अपने आप पूरा मिशन नहीं कर सकता। जमीन पर मौजूद ऑपरेटर को ड्रोन की लोकेशन, फ्लाइट स्टेटस और मिशन से जुड़ा डेटा लगातार मिलना जरूरी होता है।

ड्रोन और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन के बीच इसी जानकारी के आदान-प्रदान के लिए डेटा लिंक इस्तेमाल होता है। इसके जरिए टेलीमेट्री डेटा और कंट्रोल कमांड भेजे जाते हैं।

अगर आरएफ एनवायरनमेंट में बहुत ज्यादा इंटरफेरेंस हो या कम्युनिकेशन लिंक ब्लॉक हो जाए, तो ऑपरेटर के लिए ड्रोन को कंट्रोल करना और उससे मिशन डेटा हासिल करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए मिलिट्री और सिक्योरिटी ऑपरेशन में डेटा लिंक की रिलायबिलिटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

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कैलिब्री-100 में क्या है खास?

बीएसएस मैटरियल लिमिटेड के मुताबिक कैलिब्री-100 को यूएवी और ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन के बीच लंबी दूरी की कनेक्टिविटी के लिए तैयार किया गया है। इसका विजुअल लाइन यानी लाइन-ऑफ-साइट डेटा लिंक रेंज 100 किलोमीटर तक है।

सिस्टम में डीएसएसएस और एफएचएसएस स्प्रेड-स्पेक्ट्रम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। आसान भाषा में समझें तो ये टेक्नोलॉजी रेडियो सिग्नल को एक ही नैरो बैंड फ्रीक्वेंसी पर निर्भर रखने के बजाय स्पेक्ट्रम के अलग-अलग हिस्सों में इस्तेमाल करने में मदद करती हैं।

कैलिब्री-100 में एईएस-128 एन्क्रिप्शन दिया गया है। कंपनी के अनुसार इसे एईएस-256 और एईएस-512 तक अपग्रेड किया जा सकता है। एन्क्रिप्शन का उद्देश्य डेटा को सुरक्षित रखना है, ताकि कम्युनिकेशन के दौरान भेजी जा रही जानकारी को अनधिकृत तरीके से पढ़ना मुश्किल हो।

150 से 1000 मेगाहर्ट्ज तक फ्रीक्वेंसी

कैलिब्री-100 की एक प्रमुख टेक्निकल खासियत इसकी यूजर-सेलेक्टेबल फ्रीक्वेंसी रेंज है। कंपनी के अनुसार यह सिस्टम 150 से 1000 मेगाहर्ट्ज के बीच काम कर सकता है।

इसमें टेलीमेट्री लिंक रेट 19,200 बीपीएस दिया गया है। सिस्टम में यूएआरटी, आरएस232 और यूएसबी इंटरफेस भी मौजूद हैं।

इन इंटरफेस की वजह से डेटा लिंक को अलग-अलग यूएवी इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम के साथ इंटीग्रेट किया जा सकता है।

कई ऑटोपायलट सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन

कैलिब्री-100 को अलग-अलग यूएवी प्लेटफॉर्म के साथ इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी ने आर्डुपायलट, पीएक्स4, आईएनएवी, पिक्सहॉक, माटेक और स्पीडीबी जैसे ऑटोपायलट प्लेटफॉर्म के साथ इसकी इंटीग्रेशन क्षमता बताई है।

सिस्टम मैवलिंक इंटरऑपरेबिलिटी को भी सपोर्ट करता है। मैवलिंक एक कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल है, जिसका इस्तेमाल यूएवी और ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम के बीच टेलीमेट्री और कंट्रोल डेटा के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है।

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इसका मतलब है कि डेटा लिंक को यूएवी के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के साथ जोड़ा जा सकता है और फ्लाइट से संबंधित जानकारी तथा कंट्रोल कमांड का आदान-प्रदान किया जा सकता है।

सिर्फ 160 ग्राम वजन और 5 वाट पावर

छोटे यूएवी में वजन और पावर कंजम्पशन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। ड्रोन में लगाए जाने वाले हर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का वजन उसके पेलोड और फ्लाइट परफॉर्मेंस को प्रभावित कर सकता है।

कंपनी के अनुसार कैलिब्री-100 का वजन लगभग 160 ग्राम है और इसकी बिजली खपत करीब 5 वाट है। इस वजह से इसे छोटे और मीडियम साइज के टैक्टिकल यूएवी प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट करने के लिए डिजाइन किया गया है।

कम वजन और कम पावर कंजम्पशन के साथ डेटा लिंक की क्षमता बनाए रखना छोटे ड्रोन के लिए महत्वपूर्ण टेक्निकल जरूरत है।

इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के बीच डेटा लिंक की भूमिका

मॉडर्न बैटलफील्ड में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे माहौल में ड्रोन का कमांड और कंट्रोल लिंक एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है।

कैलिब्री-100 में डीएसएसएस और एफएचएसएस जैसी स्प्रेड-स्पेक्ट्रम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल आरएफ इंटरफेरेंस वाले वातावरण में लिंक की मजबूती बढ़ाने के लिए किया गया है।

हालांकि किसी भी डेटा लिंक की वास्तविक एंटी-जैमिंग क्षमता केवल एक फीचर से तय नहीं होती। इसमें पूरा सिस्टम कॉन्फिगरेशन, एंटीना, फ्रीक्वेंसी मैनेजमेंट, ट्रांसमिट पावर, इलाके और आरएफ एनवायरनमेंट की भूमिका होती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कैलिब्री-100 के लिए 100 किलोमीटर तक की लाइन-ऑफ-साइट रेंज बताई गई है।

डिफेंस और सिक्योरिटी मिशन में इस्तेमाल

इस तरह के डेटा लिंक का इस्तेमाल केवल मिलिट्री ड्रोन तक सीमित नहीं है। बॉर्डर सर्विलांस, संवेदनशील इलाकों की निगरानी, सिक्योरिटी फोर्सेज के ऑपरेशन, मैरीटाइम सर्विलांस और डिजास्टर असेसमेंट जैसे मिशनों में भी यूएवी का इस्तेमाल किया जाता है।

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इन ऑपरेशन में ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और ड्रोन के बीच स्टेबल कम्युनिकेशन जरूरी रहता है। खासकर आईएसआर मिशन में ड्रोन से मिलने वाला कैमरा और सेंसर डेटा ऑपरेटर तक लगातार पहुंचना महत्वपूर्ण होता है।

कैलिब्री-100 का डिजाइन इसी यूएवी-टू-ग्राउंड कनेक्टिविटी पर फोकस है।

डेटा सिक्योरिटी पर भी फोकस

यूएवी से मिलने वाली जानकारी कई ऑपरेशन में संवेदनशील हो सकती है। इसलिए डेटा लिंक में एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है।

कैलिब्री-100 में एईएस-128 एन्क्रिप्शन दिया गया है और कंपनी के अनुसार इसे ज्यादा एडवांस एन्क्रिप्शन विकल्पों तक अपग्रेड किया जा सकता है। इसका उद्देश्य डेटा ट्रांसमिशन को सिक्योर बनाना है।

मिलिट्री यूएवी में डेटा सिक्योरिटी केवल वीडियो फीड तक सीमित नहीं होती। टेलीमेट्री, लोकेशन, सिस्टम स्टेटस और कंट्रोल कमांड भी संवेदनशील जानकारी हो सकते हैं।

कैलिब्री-100 को बीएसएस मैटरियल लिमिटेड के यूएवी और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सॉल्यूशन पोर्टफोलियो के हिस्से के रूप में पेश किया गया है। कंपनी का फोकस यूएवी, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर से जुड़े सॉल्यूशन पर है।

कंपनी के अनुसार उसके प्रोडक्ट्स डिफेंस फोर्सेज, पैरामिलिट्री फोर्सेज और लॉ-एन्फोर्समेंट एजेंसियों की जरूरतों के लिए तैयार किए जाते हैं। (Calibri-100 UAV Data Link)

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  • News Desk

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