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अब हेलीकॉप्टर नहीं, ड्रोन से होगी फॉरवर्ड पोस्ट्स तक गोला-बारूद और राशन की सप्लाई, ये है वायुसेना का नया लॉजिस्टिक प्लान

भारतीय सेना और वायुसेना की कई चौकियां ऐसे इलाकों में स्थित हैं, जहां सड़क मार्ग से पहुंचना कठिन होता है। कुछ स्थानों पर मौसम कई दिनों तक हेलीकॉप्टर उड़ानों को भी प्रभावित कर देता है...

भारतीय नौसेना के नए लॉइटरिंग म्यूनिशन होंगे बेहद खास, समुद्र से 1,000 किमी दूर तक करेंगे अटैक, 9 घंटे तक रहेंगे हवा में!

नौसेना के लिए प्रस्तावित एलएम (एमआर) सामान्य ड्रोन से अलग होगा। इसे वॉरशिप पर कैनिस्टर में रखा जाएगा और जरूरत के समय जहाज से लॉन्च किया जा सकेगा...

अब दूर बैठा दुश्मन भी होगा निशाने पर, गरुड़ कमांडोज को मिलेंगी 1800 मीटर तक मार करने वाली नई स्नाइपर राइफलें

गरुड़ कमांडोज के पास अभी मुख्य रूप से इजरायल में बनी आईएमआई गैलिल 7.62 स्नाइपर राइफल है, जिसे गैलाट्ज भी कहा जाता है। यह 7.62×51 मिलीमीटर नाटो कैलिबर की सेमी-ऑटोमैटिक स्नाइपर राइफल है और गैलिल असॉल्ट राइफल प्लेटफॉर्म पर आधारित है...

5000 मीटर की ऊंचाई पर ऑपरेशन करने के लिए तैयार गरुड़ कमांडोज! हाई मोबिलिटी ऑल-टेरेन व्हीकल से होंगे लैस

भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडोज देश के सबसे कठिन इलाकों में विशेष अभियान चलाते हैं। इनकी तैनाती अक्सर ऊंचे पहाड़ों, सीमावर्ती क्षेत्रों, रेगिस्तान और संवेदनशील एयरबेस की सुरक्षा में होती है...

भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो होंगे और घातक, 120 मिनट तक उड़ने वाले लॉइटर म्यूनिशन से होंगे लैस, टैंक भी करेंगे तबाह!

गरुड़ कमांडो वायुसेना के सबसे प्रशिक्षित स्पेशल फोर्सेज में शामिल हैं और उन्हें आतंकवाद विरोधी अभियान, एयरबेस सुरक्षा, विशेष अभियान और दुश्मन के इलाके में संवेदनशील मिशनों के लिए तैनात किया जाता है...

समंदर में नहीं छिप पाएंगी चीन-पाकिस्तान की पनडुब्बियां, भारतीय नौसेना दुश्मन की सबमरींस को दूर से ही करेगी ट्रैक

सीटीएलएस एक ऐसा आधुनिक सोनार सिस्टम है, जिसे एक स्टैंडर्ड कंटेनर के भीतर तैयार किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसी जहाज पर बड़ा बदलाव किए बिना भी इसे लगाया या हटाया जा सकेगा...

भारतीय नौसेना के लिए आएगा स्मार्ट मल्टी-कॉप्टर सर्विलांस ड्रोन, 20 किलोमीटर दूर से 30 टारगेट्स पर एक साथ रखेगा नजर

यह ड्रोन भारतीय नौसेना के तटीय ठिकानों, नौसैनिक अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण परिसरों की लगातार निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा...

सेना की एयर डिफेंस ट्रेनिंग में बड़ा बदलाव! मल्टीरोटर कॉप्टर, स्वॉर्म ड्रोन और रॉकेट पर प्रैक्टिस करेंगे जवान

भारतीय सेना अब एयर डिफेंस ट्रेनिंग को केवल पारंपरिक टारगेट्स तक सीमित नहीं रखना चाहती। बदलते युद्धक्षेत्र में ड्रोन, स्वॉर्म और हीट सिग्नेचर आधारित खतरों को ध्यान में रखते हुए ट्रेनिंग स्ट्रक्चर को उसी स्तर पर ढालने की तैयारी की जा रही है...

सेना ला रही है खास ‘मोर्टार स्पेशलिस्ट व्हीकल’, पहाड़ों से रेगिस्तान तक केवल 20 सेकंड में दुश्मन पर बरसेगा कहर

भारतीय सेना की इन्फैंट्री बटालियनों में वर्तमान समय में 81 मिमी और 120 मिमी मोर्टार फायर सपोर्ट हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं। इन मोर्टारों को चलाने की पूरी प्रक्रिया मैनुअल होती है...

भारतीय नौसेना बना रही डिजिटल कमांड प्लेटफॉर्म, AI से ट्रैक होंगे मिसाइल और टॉरपीडो

अगर किसी मिसाइल सिस्टम में बार-बार खराबी आ रही हो या किसी गोला-बारूद की स्टोरेज लाइफ खत्म होने वाली हो, तो सिस्टम पहले से अलर्ट दे सकेगा। इससे नौसेना का प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और इन्वेंट्री मैनेजमेंट बेहतर होगा...

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन को मिलेगी नई धार, राष्ट्रीय राइफल्स के लिए सेना खरीदने जा रही है नए बुलेट प्रूफ ट्रूप्स कैरियर

यह व्हीकल खास तौर पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों के लिए तैयार किया जा रहा है, जहां काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन लगातार चलते रहते हैं...

भारतीय सेना को चाहिए आकाशतीर के साथ 83 नए डिफेंस कैरियर, जो टैंकों के साथ चलते हुए दुश्मन को करेगा ट्रैक

कैडेट को एक तरह से मोबाइल कमांड पोस्ट माना जा रहा है। यह सीधे आर्मर्ड कॉलम के साथ रहेगा और एयर डिफेंस यूनिट्स को रियल टाइम में जानकारी देता रहेगा...