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पोखरण में वायुसेना ने दोहराई ऑपरेशन सिंदूर की पूरी स्ट्राइक प्लानिंग, आकाश और स्पाइडर ने दुश्मन को हमलों को किया नाकाम!

वायु शक्ति 2026 में करीब 120 एयरक्राफ्ट शामिल हुए। इसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर, मिग-29 और मिराज-2000 जैसे फाइटर जेट शामिल रहे...

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📍जैसलमेर, राजस्थान | 27 Feb, 2026, 9:33 PM

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026: राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित ‘वायु शक्ति 2026’ अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े अहम हिस्सों को दोबारा दुनिया के सामने पेश किया। इस दौरान वायुसेना ने अपनी प्रिसिजन स्ट्राइक क्षमता और इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस फायरपावर का प्रदर्शन किया।

अभ्यास के दौरान वायुसेना ने दिखाया कि वह असली युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी मुश्किल से मुश्किल ऑपरेशनों को आसानी से कर सकती है। इससे पहले राष्ट्रपति ने स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर एलसीएच ‘प्रचंड’ में उड़ान भी भरी।

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026: इंटेलिजेंस से शुरू हुई एक्सरसाइज

इस बार वायु शक्ति अभ्यास को ऑपरेशन सिंदूर को फोकस में रखते हुए एक पूरी कहानी की तरह तैयार किया गया, जिसमें युद्ध जैसी स्थितियां बनाई गई। इसमें हवाई हमले, एयर डिफेंस, स्पेशल फोर्स ऑपरेशन और राहत-बचाव मिशन सभी को एक साथ दिखाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और फ्लाईपास्ट से हुई, जिसमें चेतक हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा और वायुसेना का झंडा लेकर उड़ान भरी। इसके बाद राफेल लड़ाकू विमान ने जोरदार सुपरसोनिक बूम साउंड के साथ उड़ान भरकर वहां सभी को अचरज में डाल दिया।

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

अभ्यास के दौरान ऑपरेशन सिंदूर की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से दिखाया गया। सबसे पहले इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस यानी निगरानी और जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को दर्शाया गया। इसमें रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट यानी ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जो दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और जरूरी जानकारी जुटाते हैं।

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

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इसके बाद दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय करने की कार्रवाई दिखाई गई। इसके लिए लॉइटरिंग म्यूनिशन यानी ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल किया गया जो हवा में मंडराते हुए सही समय पर हमला कर सकते हैं। इस दौरान हार्पी ड्रोन का इस्तेमाल दिखाया गया, जिसे ऑपरेशन सिंदूर में भी इस्तेमाल किया गया था। (Operation Sindoor Vayu Shakti 2026)

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Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

आकाश, एल-70 की लाइव फायरिंग

अभ्यास में काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम यानी ड्रोन रोधी सिस्टम का भी प्रदर्शन किया गया। इसमें दुश्मन के ड्रोन जैसे टारगेट्स को पहचानकर उन्हें हवा में ही नष्ट करने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान एयर डिफेंस सिस्टम की ताकत भी दिखाई गई, जिसमें आकाश सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम और स्पाइडर मिसाइल सिस्टम के साथ आर्मी की अपग्रेडेड एल-70 एयर डिफेंस गन, इजरायल से खरीदे स्पाइडर सिस्टम की लाइव फायरिंग भी की गई। अभ्यास में एम-777 हॉवित्जर का इस्तेमाल हुआ। इससे यह दिखाया गया कि भारतीय वायुसेना किस तरह अलग-अलग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर हवाई खतरों से निपट सकती है। (Operation Sindoor Vayu Shakti 2026)

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने आतंकी ठिकानों को बनाया निशाना

अभ्यास के दौरान यह भी बताया गया कि 7 मई 2025 की सुबह भारतीय वायुसेना ने आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से किए गए हवाई प्रयासों को भी नाकाम किया गया था। इस दौरान वायुसेना ने पुराने सोवियत मूल के सिस्टम्स के साथ-साथ आधुनिक और स्वदेशी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।

इनमें आकाश, एमआर-सैम, पिचोरा और ओसा-एके जैसे एयर डिफेंस सिस्टम शामिल थे, जिन्होंने दुश्मन के हवाई खतरों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। (Operation Sindoor Vayu Shakti 2026)

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

S-400 की पावर का हुआ जिक्र

अभ्यास में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता का भी जिक्र किया गया। बताया गया कि इस सिस्टम ने ऑपरेशन के दौरान लंबी दूरी पर दुश्मन के एयरक्राफ्ट को मार गिराया था। यह अब तक के सबसे लंबे दूरी के एयर किल में से एक माना जाता है। इस सिस्टम ने दुश्मन के एयर ऑपरेशन को काफी हद तक सीमित कर दिया था। (Operation Sindoor Vayu Shakti 2026)

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Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

130 एयरक्राफ्ट ने लिया हिस्सा

इस अभ्यास में 130 से ज्यादा एयरक्राफ्ट शामिल हुए। इनमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, हॉक, एमआई-17, सी-130जे, सी-17, सी-295, एएलएच ध्रुव और एलसीएच प्रचंड जैसे विमान और हेलीकॉप्टर शामिल रहे। लड़ाकू विमानों ने दुश्मन के नकली ठिकानों पर सटीक हमले किए और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल दिखाया। हालांकि स्वदेशी तेजस विमान इस अभ्यास का हिस्सा नहीं बना, क्योंकि हाल ही में हुए एक रनवे हादसे के बाद उसका बेड़ा अस्थायी रूप से ग्राउंड कर दिया गया था। (Operation Sindoor Vayu Shakti 2026)

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

सी-295 विमान की रात में असॉल्ट लैंडिंग

अभ्यास में स्पेशल फोर्स ऑपरेशन भी शामिल थे। शाम के समय गरुड़ कमांडो और पैरा स्पेशल फोर्स को हेलीकॉप्टर से उतारा गया, जिन्होंने शहर जैसी स्थिति में ऑपरेशन और बंधकों को छुड़ाने का अभ्यास किया। इसके बाद सी-130 और पहली बार सी-295 विमान ने रात के समय असॉल्ट लैंडिंग कर जवानों को निकालने का प्रदर्शन किया। इसके अलावा सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान ने छोटे रनवे पर लैंडिंग कर गरुड़ कमांडो को एक सिमुलेटेड युद्ध क्षेत्र में उतारा और कुछ ही मिनटों में वहां से वापस उड़ान भर ली।

Operation Sindoor Vayu Shakti 2026

इसके दौरान अटैक हेलीकॉप्टरों ने पूरे इलाके को सुरक्षित किया, जिससे यह दिखाया गया कि युद्ध के दौरान अलग-अलग यूनिट्स किस तरह मिलकर काम करती हैं। (Operation Sindoor Vayu Shakti 2026)

अभ्यास के अंत में सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने फ्लेयर्स छोड़े और फ्लाईपास्ट किया और ड्रोन शो के जरिए वायुसेना की उपलब्धियों को दिखाया गया। ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ के मूल मंत्र के साथ हुए इस अभ्यास में वायुसेना ने अपनी पूरी ताकत और तैयारियों का प्रदर्शन किया।

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Operation Sindoor Vayu Shakti 2026
Drone Show

हेलीकॉप्टरों ने दिखाई ताकत

अभ्यास में एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्पाइक एनएलओएस मिसाइल दागी गई, जो करीब 50 किलोमीटर दूर तक टारगेट को निशाना बना सकती है। इसके अलावा रुद्र, प्रचंड, चेतक, एएलएच एमके-4, चिनूक और अपाचे जैसे हेलीकॉप्टरों ने भी अलग-अलग मिशन में हिस्सा लिया।

इन सभी प्लेटफॉर्म्स ने मिलकर वायुसेना की मल्टी-रोल क्षमता को दर्शाया, जिसमें हमला, सपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सभी शामिल हैं। (Operation Sindoor Vayu Shakti 2026)

विदेशी पत्रकार भी रहे मौजूद

इस बड़े अभ्यास को देखने के लिए करीब 30 विदेशी पत्रकारों को आमंत्रित किया गया था। यह पहल विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की ओर से की गई थी, ताकि भारत की सैन्य क्षमता और स्वदेशी रक्षा तकनीक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाया जा सके। इन पत्रकारों ने नौसेना की इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू और थलसेना के रेगिस्तानी क्षेत्र में हुए ‘अग्नि वर्षा’ अभ्यास को भी देखा। (Operation Sindoor Vayu Shakti 2026)

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  • Herry Photo

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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