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पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बना रनवे, हाईवे पर उतरे लड़ाकू विमान, रात में भी सफल लैंडिंग

इस ड्रिल में जगुआर, मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई जैसे फाइटर जेट्स शामिल रहे। इनके अलावा सी-295 और एएन-32 जैसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का हिस्सा बने...

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📍सुल्तानपुर | 22 Apr, 2026, 9:37 PM

IAF ELF Sultanpur: भारतीय वायुसेना ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 3.2 किमी लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी यानी ईएलएफ को दिन और रात दोनों समय एक्टिव करके अपनी ऑपरेशनल तैयारी का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में अलग-अलग तरह के फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर शामिल हुए।

इस अभ्यास की खास बात यह रही कि इसे केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात में भी इमरजेंसी लैंडिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। वायुसेना ने कम समय में इस स्ट्रिप को एक्टिव कर अपनी तैयारियों को दिखाया। इस अभ्यास के जरिए यह जांचा गया कि इमरजेंसी के समय कितनी जल्दी एक्सप्रेसवे को रनवे में बदला जा सकता है।

IAF ELF Sultanpur: कई तरह के एयरक्राफ्ट हुए शामिल

इस ड्रिल में जगुआर, मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई जैसे फाइटर जेट्स शामिल रहे। इनके अलावा सी-295 और एएन-32 जैसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी इस अभ्यास का हिस्सा बने। हेलीकॉप्टर ऑपरेशन के लिए एमआई-17 वी5 का इस्तेमाल किया गया, जबकि गरुड़ कमांडो टीम ने भी अपनी भूमिका निभाई।

इन सभी प्लेटफॉर्म्स ने अलग-अलग तरह की उड़ान और लैंडिंग ड्रिल की, जिससे वायुसेना की मल्टी-प्लेटफॉर्म क्षमता सामने आई।

इमरजेंसी में काम आने वाली स्ट्रिप

ईएलएफ एक ऐसी विशेष स्ट्रिप होती है, जिसे सामान्य दिनों में एक्सप्रेसवे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदला जा सकता है। इस अभ्यास के दौरान वायुसेना, यूपीईआईडीए और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर अपने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को परखा।

इसमें यह देखा गया कि कम समय में सभी तैयारियां कैसे पूरी की जाएं और एयरक्राफ्ट को सुरक्षित तरीके से उतारा और उड़ाया जा सके।

ऑपरेशनल तैयारियों का प्रदर्शन

इस अभ्यास के जरिए वायुसेना ने यह दिखाया कि अगर सामान्य रनवे उपलब्ध न हों, तब भी ऑपरेशन जारी रखे जा सकते हैं। इससे वायुसेना की ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी और रेजिलिएंस सामने आई। इसके साथ ही पायलट्स की फ्लाइंग स्किल्स और ग्राउंड क्रू की तैयारी भी दिखाई दी, जो कम समय में ऐसे एयरस्ट्रिप को एक्टिव कर सकते हैं।

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ऐसे एक्सप्रेसवे एयरस्ट्रिप आपात स्थिति में बेहद उपयोगी माने जाते हैं। इनके जरिए न केवल सैन्य ऑपरेशन किए जा सकते हैं, बल्कि आपदा के समय राहत और बचाव कार्य भी तेजी से किए जा सकते हैं।

इस पूरे अभ्यास में वायुसेना के साथ यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर काम किया। तीनों के बीच तालमेल के जरिए इस स्ट्रिप को सफलतापूर्वक एक्टिव किया गया।

इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। इनमें यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर, सेंट्रल एयर कमांड के एयर मार्शल बी. मणिकांतन और यूपीईआईडीए के सीईओ दीपक कुमार शामिल रहे।

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    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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