📍नई दिल्ली/बर्लिन | 22 Apr, 2026, 7:17 PM
India Germany defence cooperation: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों जर्मनी के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने बुधवार को राजधानी बर्लिन में अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप को और मजबूत करना था। बैठक से पहले रक्षा मंत्री को जर्मन रक्षा मंत्रालय में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। भारत और जर्मनी के बीच स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के 25 साल पूरे हो चुके हैं, जबकि 2026 में दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं।
दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की इस मुलाकात के दौरान भारत और जर्मनी ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप पर सहमति जताई। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र पीसकीपिंग ट्रेनिंग में सहयोग को लेकर एक इम्प्लीमेंटिंग अरेंजमेंट भी साइन किया गया। इन समझौतों का मकसद नई और विशेष तकनीकों से लैस रक्षा उपकरणों के को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन को बढ़ावा देना है।
इस दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने मिलिट्री-टू-मिलिट्री कोऑपरेशन को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। इसमें संयुक्त अभ्यास, ट्रेनिंग और सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल रहे। जर्मनी की तरफ से इस बात की सराहना की गई कि दोनों देशों के बीच सर्विस लेवल स्टाफ टॉक्स को नियमित किया जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि भारत इस साल सितंबर या अक्टूबर में होने वाली एयर एक्सरसाइज ‘एक्स-तरंग शक्ति’ में जर्मन एयर फोर्स की भागीदारी को लेकर उत्सुक है।
बैठक में हाल ही में बने भारत-यूरोपीय संघ सिक्योरिटी और डिफेंस पार्टनरशिप पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने माना कि यह फ्रेमवर्क दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने में मदद करेगा। इसके जरिए क्षेत्रीय स्थिरता, संयुक्त क्षमताओं और आपसी तालमेल को बढ़ाने पर काम किया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसे बिना किसी शर्त के पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए।
बैठक से पहले राजनाथ सिंह ने जर्मनी के बुंडेसवेहर मेमोरियल पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक उन सैनिकों की याद में बनाया गया है जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई। इस मौके पर उन्होंने शहीद सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।



