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ईरान ने पहली बार दागी ‘डांसिंग मिसाइल’ सेज्जिल, 7 मिनट में 2000 किमी दूर तक मार

इस मिसाइल के इस्तेमाल के बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं पर नई चर्चा शुरू हो गई है। यह मिसाइल करीब 2000–2500 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखती है और इसे बहुत जल्दी लॉन्च किया जा सकता है...

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📍नई दिल्ली | 16 Mar, 2026, 12:48 PM

Sejjil Missile: पश्चिम एशिया में जारी यूएस-इजराइल ईरान वॉर को शुरू हुए 17 दिन हो गए हैं। इस बीच ईरान ने पहली बार अपनी एडवांस सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है। IRGC के मुताबिक यह सॉलिड फ्यूल से चलने वाली इस रणनीतिक मिसाइल को ईरान ने रविवार को लॉन्च किया। यह वही मिसाइल है जिसे ईरान की सबसे खतरनाक और शक्तिशाली मिसाइलों में से एक माना जाता है।

ईरान और इजराइल के बीच चल रहे इस संघर्ष के दौरान यह पहली बार है जब सेज्जिल मिसाइल को वास्तविक युद्ध में इस्तेमाल किए जाने की खबर सामने आई है। इस मिसाइल के इस्तेमाल के बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं पर नई चर्चा शुरू हो गई है। यह मिसाइल करीब 2000–2500 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखती है और इसे बहुत जल्दी लॉन्च किया जा सकता है। (Sejjil Missile)

Sejjil Missile: युद्ध के बीच पहली बार इस्तेमाल

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी।

युद्ध के दौरान ईरान ने कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसी दौरान ईरान ने पहली बार सेज्जिल-2 बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया। इस मिसाइल को ईरान के सबसे एडवांस हथियारों में गिना जाता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार यह मिसाइल बहुत कम समय में अपने लक्ष्य तक पहुंच सकती है। इसकी लंबी दूरी और तेज गति के कारण इसे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हथियार माना जाता है। (Sejjil Missile)

क्या है सेज्जिल मिसाइल

सेज्जिल एक दो चरण वाली बैलिस्टिक मिसाइल है जिसे ईरान के रक्षा उद्योग ने विकसित किया है। इस मिसाइल को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। इसे अशूरा या अशौरा मिसाइल भी कहा जाता है।

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यह मिसाइल पूरी तरह सॉलिड प्रोपेलेंट यानी ठोस ईंधन से चलती है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। पहले ईरान की कई मिसाइलें लिक्विड फ्यूल पर आधारित थीं, जिन्हें लॉन्च करने से पहले काफी तैयारी करनी पड़ती थी।

सॉलिड फ्यूल मिसाइल होने के कारण सेज्जिल को कम समय में लॉन्च किया जा सकता है। इससे दुश्मन को जवाबी कार्रवाई का कम समय मिलता है। (Sejjil Missile)

मिसाइल की लंबाई और वजन

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार सेज्जिल मिसाइल की लंबाई लगभग 18 मीटर है। इसका व्यास लगभग 1.25 मीटर बताया जाता है। इस मिसाइल का कुल वजन करीब 23,600 किलोग्राम तक हो सकता है। इसकी रफ्तार टर्मिनल वेलोसिटी मैक 12+ (ध्वनि की गति से 12 गुना ज्यादा) है, जो इंटरसेप्शन को मुश्किल बनाती है।

इसमें लगभग 700 किलोग्राम वजन का वारहेड लगाया जा सकता है। वारहेड का उपयोग लक्ष्य को नष्ट करने के लिए किया जाता है। इतने बड़े वारहेड के कारण यह मिसाइल बड़े सैन्य ठिकानों या बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने में सक्षम मानी जाती है। (Sejjil Missile)

लगभग 2000 किलोमीटर की रेंज

रिपोर्ट्स के अनुसार सेज्जिल मिसाइल की अधिकतम रेंज लगभग 2000 किलोमीटर तक बताई जाती है। इसका मतलब है कि ईरान से लॉन्च होने पर यह मिसाइल पश्चिम एशिया के बड़े हिस्से तक पहुंच सकती है।

इस दूरी में इजराइल, सऊदी अरब, तुर्की और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी आते हैं। यही वजह है कि इस मिसाइल को क्षेत्र की रणनीतिक संतुलन में महत्वपूर्ण माना जाता है। (Sejjil Missile)

क्यों कहा जाता है “डांसिंग मिसाइल”

रक्षा विशेषज्ञों के बीच सेज्जिल मिसाइल को कभी-कभी “डांसिंग मिसाइल” भी कहा जाता है। यह नाम इसकी उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता से जुड़ा है।

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आमतौर पर बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च होने के बाद एक तय रास्ते पर चलती हैं। लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सेज्जिल मिसाइल उड़ान के दौरान अपनी दिशा में बदलाव कर सकती है।

अगर ऐसा होता है तो मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए इसे ट्रैक करना कठिन हो सकता है। इसी कारण इसे “डांसिंग मिसाइल” का नाम दिया गया है। (Sejjil Missile)

कब शुरू हुआ सेज्जिल मिसाइल का डेवलपमेंट

ईरान का मिसाइल कार्यक्रम कई दशकों से विकसित हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार सेज्जिल मिसाइल का विकास 1990 के दशक में शुरू हुआ था।

इस मिसाइल का पहला ज्ञात परीक्षण 2008 में किया गया था। उस समय यह मिसाइल लगभग 800 किलोमीटर तक गई थी। इसके बाद 2009 में इसका दूसरा परीक्षण किया गया जिसमें गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम को बेहतर बनाने की कोशिश की गई। (Sejjil Missile)

इसके बाद भी कई उड़ान परीक्षण किए गए। एक परीक्षण में यह मिसाइल लगभग 1900 किलोमीटर तक जाने की जानकारी सामने आई थी।

ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि हाल के हमलों में इस मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। बताया गया कि यह हमला इजराइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को ध्यान में रखकर किया गया था।

इजराइल की ओर से भी मिसाइल हमलों की पुष्टि की गई है। कुछ रिपोर्ट्स में तेल अवीव के आसपास हमलों के दौरान घायल होने की जानकारी दी गई है। हालांकि हर हमले में किस प्रकार की मिसाइल इस्तेमाल हुई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि सीमित है। (Sejjil Missile)

लगातार गंभीर होता जा रहा है युद्ध

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच यह युद्ध लगातार गंभीर होता जा रहा है। संघर्ष शुरू होने के बाद से दोनों पक्षों की ओर से कई हमले किए जा चुके हैं।

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रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक इस युद्ध में 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कई शहरों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। विशेष रूप से ऊर्जा बाजार पर इसका प्रभाव देखा जा रहा है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की आवाजाही रोकने के बाद कई देशों को वैकल्पिक ऊर्जा आपूर्ति के रास्ते तलाशने पड़े हैं। (Sejjil Missile)

पश्चिम एशिया में कई देशों ने पिछले वर्षों में अपनी मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाया है। ईरान, इजराइल और अन्य क्षेत्रीय शक्तियां लगातार नए हथियार और मिसाइल तकनीक विकसित कर रही हैं। सेज्जिल मिसाइल के इस्तेमाल की खबर आने के बाद ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर फिर से वैश्विक ध्यान गया है। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की लंबी दूरी की मिसाइलें क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित करती हैं। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच इस मिसाइल का उपयोग एक महत्वपूर्ण सैन्य घटनाक्रम माना जा रहा है। (Sejjil Missile)

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