📍इस्लामाबाद | 5 Oct, 2026, 12:28 PM
Pakistan Army Reshuffle 2026: पाकिस्तानी सेना में बड़े स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। सेना के सीनियर कमांड स्ट्रक्चर में फेरबदल करते हुए 11 मेजर जनरल को लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण कोर मुख्यालयों और जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) में नई नियुक्तियां की गई हैं। सूत्रों के मुताबिक नए प्रमोशन वाले अफसरों में छह इन्फैंट्री, तीन आर्टिलरी, एक एयर डिफेंस और एक इंजीनियर्स ब्रांच से हैं।
हालांकि पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) की ओर से सभी नियुक्तियों की एक विस्तृत आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।
Pakistan Army Reshuffle 2026: सेना के शीर्ष नेतृत्व में नई पीढ़ी की एंट्री
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तानी सेना के कई वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके हैं। इसी कारण नई पीढ़ी के अधिकारियों को तीन-स्टार रैंक में लाया जा रहा है।
प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में मेजर जनरल चौधरी आमिर अजमल, मेजर जनरल मुहम्मद उमर बशीर, मेजर जनरल मुहम्मद इशाक खट्टक, मेजर जनरल वाजिद अजीज, मेजर जनरल इफ्तिखार हसन चौधरी, मेजर जनरल नईम अख्तर, मेजर जनरल नसीम अनवर, मेजर जनरल असद-उर-रहमान चीमा, मेजर जनरल इम्तिनान बाबर और मेजर जनरल राजा मुहम्मद नदीम अशरफ शामिल हैं।
खास बात यह है कि जनरल आसिम मुनीर ने 80वें कोर्स के कई पुराने थ्री-स्टार अधिकारियों की जगह 86वें और 87वें कोर्स के अधिकारियों को आगे बढ़ाया है। इनमें अधिकांश अधिकारी पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी के 86वें और 87वें लॉन्ग कोर्स से जुड़े रहे हैं। सेना के भीतर इन्हें भविष्य के प्रमुख कमांडरों के तौर पर देखा जा रहा है। (Pakistan Army Reshuffle 2026)
कई कोर कमांडरों की बदली गई जिम्मेदारियां
सूत्रों के मुताबिक 2 से 4 अक्टूबर 2026 के बीच किए गए बदलावों में सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति कोर मंगला की रही। लेफ्टिनेंट जनरल नोमान जकारिया की जगह लेफ्टिनेंट जनरल शाकिर उल्लाह खान खटक को कमान सौंपी गई। 13 लांसर, आर्मर्ड कोर से जुड़े खटक पहले हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला के चेयरमैन रह चुके हैं और आईएसआई में डीजी एनालिसिस का पद भी संभाल चुके हैं। मंगला स्थित 1 कोर पाकिस्तान की सबसे महत्वपूर्ण स्ट्राइक कोर मानी जाती है, जिसका फोकस पंजाब और जम्मू-कश्मीर सेक्टर में पारंपरिक सैन्य अभियानों पर रहता है।
2 कोर मुल्तान में लेफ्टिनेंट जनरल अहसन गुलरेज की जगह लेफ्टिनेंट जनरल आमिर (या अमेर) नजम को तैनात किया गया है। 19 सिंध रेजिमेंट से जुड़े नजम 84वें पीएमए लॉन्ग कोर्स के अधिकारी हैं। वे पहले इंस्पेक्टर जनरल ट्रेनिंग एंड इवैल्यूएशन के रूप में कार्यरत थे और नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में चीफ इंस्ट्रक्टर भी रह चुके हैं। उन्हें हिलाल-ए-इम्तियाज (मिलिट्री) सम्मान भी मिला है। मुल्तान की II कोर पाकिस्तान की दूसरी बड़ी स्ट्राइक फॉर्मेशन मानी जाती है।
लाहौर स्थित 4 कोर में सबसे उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। सेवानिवृत्ति की ओर बढ़ रहे लेफ्टिनेंट जनरल फैयाज हुसैन शाह की जगह मेजर जनरल से पदोन्नत होकर लेफ्टिनेंट जनरल बने मुहम्मद उमर बशीर को कमान दी गई है। 140 मीडियम रेजिमेंट आर्टिलरी से जुड़े उमर बशीर 86वें पीएमए लॉन्ग कोर्स के अधिकारी हैं। नियुक्ति से पहले वे जीएचक्यू में वाइस चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (बी) थे। इससे पहले वे 33 इन्फैंट्री डिवीजन की कमान भी संभाल चुके हैं।
पेशावर स्थित ग्यारहवीं कोर में लेफ्टिनेंट जनरल उमर बुखारी की जगह लेफ्टिनेंट जनरल नईम अख्तर को नियुक्त किया गया। 30 आजाद कश्मीर रेजिमेंट से जुड़े नईम अख्तर 87वें पीएमए लॉन्ग कोर्स के अधिकारी हैं। वे नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में चीफ इंस्ट्रक्टर ‘ए’ के रूप में कार्यरत थे और मीरानशाह स्थित 7 इन्फैंट्री डिवीजन की कमान भी संभाल चुके हैं। यह कोर अफगान सीमा और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बलूचिस्तान के संवेदनशील क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाली बारहवीं कोर क्वेटा में लेफ्टिनेंट जनरल राहत नसीम की जगह लेफ्टिनेंट जनरल इनायत हुसैन को नियुक्त किया गया है। फ्रंटियर फोर्स से जुड़े इनायत हुसैन पहले जीएचक्यू में चीफ ऑफ लॉजिस्टिक्स स्टाफ और वाइस चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (ए) रह चुके हैं। वे गिलगित-बाल्टिस्तान के हुंजा क्षेत्र से आते हैं और काउंटर-इंसर्जेंसी अभियानों का लंबा अनुभव है। यह कोर बलूचिस्तान में सैन्य अभियानों और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करती है।
वहीं, 30 कोर गुजरांवाला में लेफ्टिनेंट जनरल इमदाद हुसैन शाह को हटाकर इंस्पेक्टर जनरल ट्रेनिंग एंड इवैल्यूएशन बनाया गया है। कहा जा रहा है कि उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल ताहिर हमीद शाह को भेजा गया है, जो पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज से जुड़े रहे हैं। (Pakistan Army Reshuffle 2026)

जीएचक्यू में भी हुए अहम बदलाव
फील्ड कमांड के अलावा जनरल हेडक्वार्टर में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल उमर बुखारी को चीफ ऑफ जनरल स्टाफ बनाया गया है। चीफ ऑफ जनरल स्टाफ का पद पाकिस्तान सेना के सबसे प्रभावशाली स्टाफ पदों में गिना जाता है और यह ऑपरेशनल तथा इंटेलिजेंस मामलों से जुड़ा होता है।
लेफ्टिनेंट जनरल नूर वाली को क्वार्टरमास्टर जनरल नियुक्त किया गया है। यह पद सेना की लॉजिस्टिक्स, सप्लाई और प्रशासनिक व्यवस्था की देखरेख करता है।
वहीं लेफ्टिनेंट जनरल इमदाद हुसैन शाह को इंस्पेक्टर जनरल ट्रेनिंग एंड इवैल्यूएशन की जिम्मेदारी दी गई है। (Pakistan Army Reshuffle 2026)
डीजी एमआई भी बने लेफ्टिनेंट जनरल
प्रमोट होने वाले अधिकारियों में सबसे चर्चित नामों में से एक मेजर जनरल वाजिद अजीज का है। वे डायरेक्टर जनरल मिलिट्री इंटेलिजेंस के पद पर कार्यरत थे। उन्हें आईजी कम्युनिकेशन एंड आईटी का पद दिया गया है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस पाकिस्तान सेना की प्रमुख खुफिया शाखाओं में से एक है। वाजिद अजीज के प्रमोशन को सेना के भीतर खुफिया तंत्र को महत्व मिलने के तौर पर भी देखा जा रहा है।
इसी तरह मेजर जनरल असद-उर-रहमान चीमा, जो स्पेशल इनवेस्टमेंट फैसिलिटेशन काउंसिल से जुड़े रहे हैं, उन्हें भी लेफ्टिनेंट जनरल बनाया गया है। उन्हें एसआईएफसी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है।
इसके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अशरफ को पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज, वाह का चेयरमैन बनाया गया है। (Pakistan Army Reshuffle 2026)
रॉकेट फोर्स और स्ट्रैटेजिक सिस्टम पर फोकस
लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद इशाक खटक को आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) का पहला कमांडर नियुक्त किया गया है। वह पीयू-36 फ्रंटियर फोर्स से हैं और 86वीं पीएमए लॉन्ग कोर्स के अधिकारी रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल खटक इससे पहले स्पेशल प्लान्स डिवीजन (एसपीडी) मुख्यालय में डायरेक्टर जनरल वेपन्स डेवलपमेंट की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह सियालकोट स्थित 15 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग भी रहे हैं। उस समय वर्तमान फील्ड मार्शल आसिम मुनीर गुजरांवाला में उनके कोर कमांडर थे। फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट से होने के कारण उन्हें पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व के करीबी अधिकारियों में भी माना जाता है।
इसी के साथ मेजर जनरल आमिर मुहम्मद उमरानी को चीफ ऑफ स्टाफ, पाकिस्तान आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड नियुक्त किया गया है। 26 बलूच रेजिमेंट से संबंध रखने वाले मेजर जनरल उमरानी इससे पहले डिफेंस फोर्सेज मुख्यालय में डायरेक्टर (थ्रेट) के पद पर भी काम कर चुके हैं।
वहीं, हालांकि इन नियुक्तियों को लेकर कुछ सैन्य विश्लेषकों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका मानना है कि रॉकेट फोर्स जैसी अत्यधिक तकनीकी और मिसाइल-सेंट्रिक कमांड के टॉप पदों पर ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति अधिक उपयुक्त होती, जिनका सीधा अनुभव आर्टिलरी डिवीजनों, मिसाइल रेजिमेंटों, मल्टीपल बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) या एमएलआरएस यूनिट्स के संचालन से जुड़ा रहा हो।
विश्लेषकों का तर्क है कि वर्तमान में एआरएफसी के दोनों शीर्ष पदों-कमांडर और चीफ ऑफ स्टाफ-पर इन्फैंट्री पृष्ठभूमि के अधिकारी तैनात हैं, जबकि रॉकेट और मिसाइल ऑपरेशन से संबंधित विशेषज्ञता उनके करियर प्रोफाइल का प्रमुख हिस्सा नहीं रही है। (Pakistan Army Reshuffle 2026)
करीब 30 मेजर जनरल प्रमोशन से चूके
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस बार प्रमोशन में शामिल लगभग 30 मेजर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल नहीं बन सके। हालांकि सेना ने इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सबसे चर्चित मामलों में मेजर जनरल फैसल नसीर का नाम सामने आया है। वे इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस में डायरेक्टर जनरल (सी) के रूप में कार्य कर चुके हैं। हाल ही में उन्हें नेशनल काउंटर टेररिज्म अथॉरिटी में नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया था। इस बार उनका नाम प्रमोशन लिस्ट में शामिल नहीं था। (Pakistan Army Reshuffle 2026)
Author
हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।





