📍मॉस्को | 29 Jul, 2026, 8:47 PM
SU-57E RVV-SDM Missile: रूस की सरकारी हथियार निर्यात एजेंसी रोसोबोरोनेक्सपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए अपने पांचवीं पीढ़ी के सु-57ई स्टेल्थ फाइटर के साथ नई आरवीवी-एसडीएम मध्यम दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल की पेशकश की है। यह मिसाइल खास तौर पर उन देशों के लिए पेश की गई है, जो सु-57ई लड़ाकू विमान खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। रूस का कहना है कि नई मिसाइल पहले की तुलना में लंबी मारक क्षमता, बेहतर गति, ज्यादा सटीक निशाना लगाने की क्षमता और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।
SU-57E RVV-SDM Missile: विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और क्रूज मिसाइल को बना सकती है निशाना
रोसोबोरोनेक्सपोर्ट, रूस की सरकारी कंपनी रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन का हिस्सा है। कंपनी के महानिदेशक अलेक्जेंडर मिखेव ने कहा कि सु-57ई स्टेल्थ फाइटर में दुनिया के कई देशों की दिलचस्पी बढ़ रही है। इसी वजह से उसके लिए आधुनिक हथियारों का पूरा पैकेज भी पेश किया जा रहा है। इस पैकेज में नई आरवीवी-एसडीएम मिसाइल सबसे अहम हथियारों में शामिल है।
आरवीवी-एसडीएम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह अलग-अलग तरह के एरियल टारगेट्स को निशाना बना सके। इसमें लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, क्रूज मिसाइल और अन्मैंड एरियल व्हीकल यानी यूएवी शामिल हैं।
रूस के अनुसार यह मिसाइल दिन और रात दोनों समय काम कर सकती है। अगर युद्ध के दौरान दुश्मन इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग या इलेक्ट्रॉनिक काउंटर मेजर्स का इस्तेमाल करे, तब भी यह टारगेट तक पहुंचने में सक्षम रहेगी।
मिसाइल 15 मीटर की बेहद कम ऊंचाई से लेकर 25 किलोमीटर तक उड़ रहे टारगेट्स को निशाना बना सकती है। यह मैक-3 तक की गति से उड़ रहे टारगेट पर हमला करने की क्षमता रखती है। इसकी अधिकतम मारक दूरी 120 किलोमीटर से ज्यादा बताई गई है।
नई तकनीक से लैस है मिसाइल
रूस का दावा है कि आरवीवी-एसडीएम में पहले के मुकाबले कई तकनीकी सुधार किए गए हैं। इसमें बेहतर पावर-टू-वेट रेशियो दिया गया है, जिससे मिसाइल ज्यादा एनर्जी के साथ लंबी दूरी तक उड़ सकती है। इसके साथ ही इसका एयरोडायनामिक डिजाइन भी बदला गया है, जिससे उड़ान के दौरान स्थिरता और नियंत्रण बेहतर होता है।
इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसका पैसिव रडार होमिंग चैनल है। सामान्य तौर पर कई एयर-टू-एयर मिसाइलें टारगेट का पता लगाने के लिए खुद रडार सिग्नल भेजती हैं। लेकिन पैसिव मोड में मिसाइल दुश्मन से निकल रहे रडार सिग्नल का इस्तेमाल करती है। इससे मिसाइल खुद कोई अतिरिक्त संकेत नहीं भेजती और उसकी मौजूदगी का पता लगाना कठिन हो जाता है।
फायर-एंड-फॉरगेट क्षमता भी मौजूद
आरवीवी-एसडीएम में फायर-एंड-फॉरगेट टेक्नोलॉजी भी दी गई है। इसका मतलब है कि पायलट एक बार मिसाइल छोड़ने के बाद लगातार उसे कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ती। मिसाइल अपने सेंसर और गाइडेंस सिस्टम की मदद से खुद टारगेट तक पहुंच जाती है।
इसमें एक्टिव और पैसिव रडार सीकर, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम और रेडियो अपडेट लिंक भी लगाया गया है। इन सिस्टम्स की मदद से मिसाइल उड़ान के दौरान लक्ष्य की जानकारी अपडेट करती रहती है और लास्ट फेज में अधिक सटीक हमला कर सकती है।
पुराने आरवीवी-एसडी का नया वर्जन
आरवीवी-एसडीएम, रूस की मौजूदा आरवीवी-एसडी मिसाइल का एडवांस वर्जन माना जा रहा है। आरवीवी-एसडी, आर-77-1 मिसाइल का एक्सपोर्ट वर्जन है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 110 किलोमीटर है।
नई मिसाइल में रेंज बढ़ाने के साथ-साथ जैमिंग से बचने, टारगेट को ट्रैक करने और स्टेल्थ तरीके से हमला करने की क्षमता भी बेहतर की गई है।
भारत के लिए यह मिसाइल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि भारतीय वायुसेना पहले से आरवीवी-एसडी मिसाइल का इस्तेमाल सु-30 एमकेआई और मिग-29 यूपीजी जैसे लड़ाकू विमानों पर करती है।
सु-57ई के लिए पूरा हथियार पैकेज भी पेश
रोसोबोरोनेक्सपोर्ट ने केवल नई एयर-टू-एयर मिसाइल ही नहीं, बल्कि सु-57ई के लिए पूरा हथियार पैकेज भी पेश किया है। इसमें क्लोज एरियल कॉम्बैट के लिए आरवीवी-एमडी2 मिसाइल शामिल है। मध्यम दूरी के लिए आरवीवी-एसडीएम दी गई है, जबकि लंबी दूरी के लिए आरवीवी-बीडी मिसाइल उपलब्ध कराई गई है।
आरवीवी-बीडी, आर-37एम का एक्सपोर्ट वर्जन है। इसकी मारक क्षमता 200 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है। इस मिसाइल का उपयोग लंबी दूरी से बड़े एरियल टारगेट्स, जैसे एयरबोर्न वार्निंग विमान और हवाई ईंधन भरने वाले विमानों के खिलाफ किया जा सकता है।
जमीन और समुद्र पर हमला करने वाले हथियार भी शामिल
सु-57ई के एक्सपोर्ट वर्जन में केवल एयर-टू-एयर वेपन ही नहीं हैं। इसके साथ कई तरह की एयर-टू-सरफेस मिसाइलें और गाइडेड बम भी पेश किए गए हैं।
इनमें केएच-38एमएलई एयर-टू-सरफेस गाइडेड मिसाइल, केएच-69 स्टेल्थ क्रूज मिसाइल, केएच-58यूएसएचकेई एंटी-रडार मिसाइल और केएच-35यूई एंटी-शिप मिसाइल शामिल हैं। इसके अलावा केएबी-250एलजी-ई गाइडेड बम और यूपीएबी-1500बी-ई ग्लाइड बम भी इस पैकेज का हिस्सा हैं।
रूस का कहना है कि सु-57ई ऐसा स्टेल्थ लड़ाकू विमान है, जो अपने इंटरनल वेपन बे के अंदर बड़े साइज की क्रूज मिसाइल भी ले जा सकता है। इससे विमान की स्टेल्थ क्षमता बनी रहती है और रडार पर उसकी पहचान कठिन हो जाती है।
सु-57ई की खूबियां
सु-57ई रूस का पांचवीं पीढ़ी का मल्टीरोल स्टेल्थ लड़ाकू विमान है। इसे यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन तैयार करती है। इस विमान में कम रडार क्रॉस सेक्शन, एईएसए रडार, आधुनिक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर, इंटरनल वेपन बे और हाई मोबिलिटी जैसी खूबियां मौजूद हैं। एक्सपोर्ट वर्जन एक्सपोर्ट वर्जन में विदेशी ग्राहकों की जरूरत के अनुसार कुछ बदलाव भी किए गए हैं, जिनमें अंग्रेजी भाषा वाला कॉकपिट इंटरफेस भी शामिल है। (SU-57E RVV-SDM Missile)
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