📍इस्लामाबाद/रावलपिंडी | 18 Sep, 2026, 8:53 PM
Pakistan Powerus Drone Deal: पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी ड्रोन टेक्नोलॉजी कंपनी पावरस (Powerus) को अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (यूएएस) की खरीद का ऑर्डर दिया है। इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच एक एमओयू पर भी दस्तखत हुए हैं।
कंपनी ने 17 सितंबर को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। हालांकि कंपनी ने सुरक्षा और गोपनीयता कारणों का हवाला देते हुए ऑर्डर की कीमत और संख्या सार्वजनिक नहीं की है।
Pakistan Powerus Drone Deal: जीएचक्यू रावलपिंडी में हुई अहम बैठक
इस समझौते से एक दिन पहले 16 सितंबर को पावरस के प्रतिनिधिमंडल ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) में पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने किया। पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के अनुसार बैठक में रक्षा खरीद, सैन्य उत्पादन, नई तकनीकों और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
आईएसपीआर ने अपने आधिकारिक बयान में एमओयू का जिक्र नहीं किया, लेकिन कंपनी की ओर से बाद में समझौते की पुष्टि की गई। वहीं माना जा रहा है कि पाकिस्तान पावरस से ISR ड्रोन के अलावा काउंटर-ड्रोन सिस्टम भी खरीद रहा है। (Pakistan Powerus Drone Deal)
क्या बनाती है पावरस कंपनी?
अमेरिकी कंपनी पावरस ड्रोन और ऑटोनॉमस सिस्टम डेवलप करती है। कंपनी का मुख्यालय फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में स्थित है। कंपनी कई तरह के अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (यूएएस) तैयार करती है।
कंपनी एयर और मैरीटाइम दोनों क्षेत्रों के लिए एडवांस्ड ऑटोनॉमस सिस्टम विकसित करती है। इसके पोर्टफोलियो में छोटे टैक्टिकल ड्रोन से लेकर बड़े लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म और अनक्रूड मैरीटाइम वेसल तक शामिल हैं।
एयर डोमेन में कंपनी का मैट्रिक्स प्लेटफॉर्म एक टैक्टिकल एफपीवी और मॉड्यूलर ड्रोन है। यह आकार में छोटा, आसानी से फोल्ड होने वाला और अटैक मिशन के साथ-साथ इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (आईएसआर) कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
गार्डियन कंपनी का काइनेटिक काउंटर-यूएएस सिस्टम है, जिसे दुश्मन के ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराने के लिए बनाया गया है। यह लगभग 210 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाले लक्ष्यों को भी निशाना बना सकता है।
भारी सामान ढोने की जरूरतों के लिए कंपनी ड्रैगन और एक्सफोल्ड प्लेटफॉर्म पेश करती है। ये हेवी-लिफ्ट लॉजिस्टिक्स ड्रोन हैं, जो लगभग 100 से 1000 पाउंड तक का पेलोड ले जाने में सक्षम हैं। इनका उपयोग सैन्य और सप्लाई मिशनों में किया जा सकता है।
लंबी अवधि की निगरानी और टोही अभियानों के लिए स्पाई और एक्सफोल्ड स्पाई ड्रोन डेवलप किए गए हैं। ये आईएसआर मिशनों के लिए डिजाइन किए गए हैं और लंबे समय तक हवा में रहकर निगरानी कर सकते हैं।
मैरीटाइम क्षेत्र में कंपनी ब्लू स्काई जैसे अनक्रूड सरफेस वेसल भी बनाती है, जो बिना चालक दल के समुद्री मिशनों को अंजाम देने में सक्षम हैं। कंपनी के सभी प्लेटफॉर्म एक साझा टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम पर आधारित हैं। इनमें समान गाइडेंस सिस्टम, एकीकृत ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और साझा ऑपरेटर ट्रेनिंग पाइपलाइन का उपयोग किया जाता है। इससे अलग-अलग प्लेटफॉर्म के ऑपरेशन, ट्रेनिंग, और मेंटेनेस में आसानी होती है।
कंपनी के मुताबिक एमओयू का उद्देश्य अनमैन्ड और ऑटोनॉमस डिफेंस टेक्नोलॉजी में संभावित सहयोग का ढांचा तैयार करना है। एमओयू के तहत दोनों पक्षों पर किसी विशेष सिस्टम को खरीदने या बेचने की बाध्यता नहीं होगी। भविष्य में होने वाले किसी भी सौदे के लिए अलग समझौते और अमेरिकी सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी।
पावरस ने स्पष्ट किया है कि सभी संभावित सौदे अमेरिकी एक्सपोर्ट कंट्रोल नियमों के अधीन होंगे। अंतिम डिलीवरी और टेकेनोलॉजी ट्रांसफर के लिए अमेरिकी अधिकारियों की स्वीकृति जरूरी होगी। (Pakistan Powerus Drone Deal)
पाकिस्तान में तकनीक निर्माण की भी चर्चा
पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने कहा कि कंपनी केवल प्रोडक्ट बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहती। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका की एडवांस तकनीक और पाकिस्तान की क्षमताओं को एक साथ लाने के अवसर तलाश रहे हैं।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान में स्थानीय स्तर पर तकनीक निर्माण और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
बता दें कि पाकिस्तान की नई नीति के तहत में रक्षा उत्पादन के स्थानीयकरण पर जोर दिया जा रहा है। (Pakistan Powerus Drone Deal)
पाकिस्तान पहले से बढ़ा रहा है ड्रोन क्षमता
पाकिस्तान पिछले कई सालों से अपने स्वदेशी ड्रोन कार्यक्रम पर काम कर रहा है। देश ने शाहपर, बर्राक और अन्य अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स (यूएएस) डेवलप किए हैं। इसके अलावा पाकिस्तान चीन और तुर्किये से भी ड्रोन तकनीक प्राप्त करता रहा है। हाल के सालों में ड्रोन युद्ध की बढ़ती भूमिका को देखते हुए पाकिस्तान ने निगरानी, टारगेट की पहचान और हमलावर क्षमताओं वाले ड्रोन कार्यक्रमों में निवेश बढ़ाया है। (Pakistan Powerus Drone Deal)
ऐसे में अमेरिकी कंपनी के साथ सहयोग करके पाकिस्ताननई तकनीकों तक अपनी पहुंच बनाना चाहता है।
बता दें कि पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच पहले अमेरिकी सेना के विशेष अभियानों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने इराक, अफगानिस्तान और सोमालिया जैसे क्षेत्रों में काम किया है। ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध पर उनकी विशेषज्ञता के कारण वे अमेरिकी रक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। उन्होंने “ड्रोन वॉरियर” नामक पुस्तक भी लिखी है।
पावरस हाल के महीनों में कई अंतरराष्ट्रीय रक्षा परियोजनाओं में शामिल रही है। कंपनी ने मध्य पूर्व में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी से जुड़े काउंटर-ड्रोन प्रोजेक्ट और अमेरिका में सैन्य कार्यक्रमों पर भी काम किया है।
कंपनी इस समय सार्वजनिक बाजार में प्रवेश की भी तैयारी कर रही है। इसके लिए वह ऑरियस ग्रीनवे होल्डिंग्स के साथ विलय की प्रक्रिया में है। (Pakistan Powerus Drone Deal)
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